तपस्वियों का हुआ बाहुमान
श्री जैन श्वेतामबर मूर्ति पूजक संघ जिनालय द्वारा मुनि प्रवर आत्मरति विजय एंव हितरति विजय महाराज की निश्रा में हिरण मगरी से. 4 स्थित शंातिनाथ सोमचन्द्र सूरी आराधान भवन से चैत्य परिपाटी निकाली गई जो आयड़ स्थित तीर्थ पहुंच कर सम्पन्न हुई।
श्री जैन श्वेतामबर मूर्ति पूजक संघ जिनालय द्वारा मुनि प्रवर आत्मरति विजय एंव हितरति विजय महाराज की निश्रा में हिरण मगरी से. 4 स्थित शंातिनाथ सोमचन्द्र सूरी आराधान भवन से चैत्य परिपाटी निकाली गई जो आयड़ स्थित तीर्थ पहुंच कर सम्पन्न हुई।
संघ अध्यक्ष सुशील बांठिया ने बताया कि मुनि प्रवर सहित सैकड़ों धर्मावलम्बी पैदल ही आयड़ तीर्थ पहुंचकर वंहा स्थित पंाचो प्राचीन मन्दिरों का दर्शन लाभ लिया। इस अवसर पर वहंा धर्मसभा आयोजित की गई जिसे मुनि प्रवर ने संबोधित किया।
संघ के महामंत्री प्रभाषचन्द्र नागौरी ने बताया कि मुनि प्रवर की निश्रा में नौ उपवास, अट्ठाई,अट्ठम तप करने वाले 64 तपस्वियों का बाहुमान किया गया। उन्होंने बताया कि संघ द्वारा 20 व 21 सितम्बर को दो दिवसीय महिला शिविर का आयोजन किया जाएगा।
