अष्टद्वार स्थापना महोत्सव रविवार को
बलीचा स्थित ध्यानोदय क्षेत्र में रविवार को आयोजित होने वाले अष्टद्वार स्थापना महोत्सव के लिए निर्माणाधीन मन्दिर को रोशनी से दुल्हन की तरह सजाया गया है।

बलीचा स्थित ध्यानोदय क्षेत्र में रविवार को आयोजित होने वाले अष्टद्वार स्थापना महोत्सव के लिए निर्माणाधीन मन्दिर को रोशनी से दुल्हन की तरह सजाया गया है।
मुख्य संयोजक ओमप्रकाश गोदावत ने बताया कि श्रंगारित मन्दिर ऐसा लग रहा था मानो स्वर्ग से देवों ने आ कर मन्दिर का श्रृंगार कर उसका पूजा अर्चना करने को तैयार है। देश भर से श्रावक-श्राविकाएं महोत्सव के लिए पंहुचने लगे है। सत्यम एस्टेट में विराजित सुप्रकाशमति माताजी के चरण रज करने को आतुर दिखाई दे रहे है।
सत्यम एस्टेट में गुरू मां ने कहा कि गुरूवर तेरे चरणों की धूल मिल जाए तो मेरी तकदीर बदल जाए। उन्होंने कहा कि यदि आप अपना जीवन संवारना चाहते है तो अपनी जीचन नैया गुरू को सौंप दो और फिर देखों आपके जीवन की तकदीर किस प्रकार बदलती है।
गुरू के चरणों में जाने पर आपकी सोच सकारात्मक रहेगी और सफलता की ओर अग्रसर होंगे। 29 मार्च को होने जा रही है अष्टद्वार स्थापना महोत्सव की पूजा का इतना महत्व है कि इन द्वारों में भगवान के रक्षक देवी देवता वास करते है।
