वर्तमान में मनखाचार की महती आवश्यकता है – श्री जी हुजूर महेन्द्र सिंह मेवाड़
वर्तमान में मनखाचार (मनुष्यता) कम हो गया है। यह स्वस्थ समाज व्यवस्था की निरन्तरता के लिये खतरा है। हमें मनखाचार को अपनाना चाहिये। सत्य को सत्य कहने की सामर्थ विकसित करना चाहिए। उक्त विचार श्री जी हुजूर महेन्द्र सिंह मेवाड़ ने भूपाल नोबल्स संस्थान प्रांगण में आयोजित बड़े हुजूर श्री जी भूपाल सिंह जी की 134वीं भूपाल जयंती शिखर समारोह में उद्बोधन देते हुए व्यक्त किये।
Maharana Mahendra Singh Mewar
वर्तमान में मनखाचार (मनुष्यता) कम हो गया है। यह स्वस्थ समाज व्यवस्था की निरन्तरता के लिये खतरा है। हमें मनखाचार को अपनाना चाहिये। सत्य को सत्य कहने की सामर्थ विकसित करना चाहिए। उक्त विचार श्री जी हुजूर महेन्द्र सिंह मेवाड़ ने भूपाल नोबल्स संस्थान प्रांगण में आयोजित बड़े हुजूर श्री जी भूपाल सिंह जी की 134वीं भूपाल जयंती शिखर समारोह में उद्बोधन देते हुए व्यक्त किये। आपने कहा कि अनुशासन में रहकर दूसरों का सम्मान करते हुए अभिव्यक्ति की आवश्यकता पर बल दिया साथ ही यह सलाह दी कि हमें ऐसी बातों से बचना चाहिए जिससे दुसरो को मानसिक आघात न पहुंचे क्योंकि शिक्षा और कौशल ही व्यक्तित्व की पहचान होते है। उन्होंने विद्यार्थियों को इन सब बातों का विशेष ध्यान रखते हुए जीवन में अपनाने का संदेश दिया।
इस अवसर पर समाज सेवा में उत्कृष्ट कार्य करने हेतु श्री इन्द्र सिंह जी चूण्डावत का सम्मान किया गया। महिला शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने हेतु भूपाल नोबल्स स्नातकोत्तर कन्या महाविद्यालय, उदयपुर एवं राजसमंद को टाइम्स ऑफ इण्डिया के सर्वे में श्रेष्ठ स्थान प्राप्त करने पर क्रमशः प्रो. नटवर लाल शर्मा, डॉ. रेणु राठौड़, डॉ. अर्पणा शर्मा एवं डॉ. इन्द्र सिंह राठौड़ को प्रतीक चिन्ह, श्रीफल एवं शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। डॉ. अनीता राठौड़ को भी विशिष्ट उपलब्धियों के लिये सम्मानित किया गया। इस अवसर पर वाणिज्य संकाय के बीबीएम विभाग द्वारा ‘माइल स्टोन‘ पत्रिका का भी विमोचन किया गया।

समारोह में श्रीमन्त महारानी निरूपमा कुमार जी मेवाड़ द्वारा शैक्षणिक, सह शैक्षणिक एवं खेलकूद गतिविधियों में राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट उपलब्धियां प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र, पदक एवं पुरस्कार राशि देकर सम्मानित किया। प्रो. के. एस. गुप्ता द्वारा महाराणा भूपाल सिंह जी की दूरदृष्टिता एवं भारत के वर्तमान स्वरूप को रेखांकित किया।
समारोह के प्रारंभ में अतिथियों का स्वागत अभिनन्दन करने के साथ विद्या प्रचारिणी सभा, भूपाल नोबल्स संस्थान के सचिव प्रो. महेन्द्र सिंह राठौड़ ने संस्थान की उपलब्धियों का प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए इसके उत्तरोत्तर विकास की अभिलाषा व्यक्त की। इस अवसर पर विद्या प्रचारिणी सभा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री तेजसिंह जी बांसी, संयुक्त मंत्री श्री पद्म सिंह जी पाखण्ड, वित्त मंत्री श्री कृष्ण सिंह जी कच्छेर एवं प्रबन्ध निदेशक डॉ. निरन्जन नारायण सिंह जी राठौड़, ओल्ड बॉयज एसोसिएशन के नवनिर्वाचित अध्यक्ष डॉ. युवराज सिंह झाला, विद्या प्रचारिणी सभा के कार्यकारिणी सदस्य, पदाधिकारी उपस्थित थे। प्रो. जीवन सिंह राणावत ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
