18 साल की उम्र में तन्वी ने रचा इतिहास, बिना कोचिंग 1 महीने की तैयारी से बनी मर्चेंट नेवी अफसर
Udaipur Times, Success Story of Tanvi Sharma : अगर इरादे मजबूत हों तो सीमित संसाधन भी सफलता की राह नहीं रोक सकते। जम्मू-कश्मीर के राजौरी की रहने वाली 18 वर्षीय तन्वी शर्मा ने यह साबित कर दिखाया है। 12वीं के बाद जहां अधिकांश छात्र JEE या NEET की तैयारी में जुट जाते हैं, वहीं PCMB (फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ्स और बायोलॉजी) की छात्रा तन्वी ने अलग राह चुनी और सिर्फ एक महीने की सेल्फ स्टडी के दम पर मर्चेंट नेवी की प्रवेश परीक्षा पास कर ली।
अब तन्वी का चयन Laurel Ship Management Company में हो गया है और वह अगस्त 2026 से अपनी नई जिम्मेदारी संभालेंगी। उन्होंने सरकारी संबद्ध समुद्री प्रशिक्षण संस्थान टी.एस. चाणक्य (T.S. Chanakya) से प्रशिक्षण भी पूरा किया है।
10वीं में ही तय कर लिया था लक्ष्य
तन्वी बताती हैं कि उन्होंने 10वीं कक्षा में ही तय कर लिया था कि उन्हें मर्चेंट नेवी में जाना है। 12वीं के बाद उनके पास JEE और NEET दोनों का विकल्प था, लेकिन उन्होंने पारंपरिक करियर चुनने के बजाय ऐसा क्षेत्र चुना, जहां वह दूसरों के लिए प्रेरणा बन सकें।
उनका कहना है, "मैं कुछ अलग करना चाहती थी, ताकि आने वाली पीढ़ी भी नए करियर विकल्पों के बारे में सोचने की हिम्मत करे।"
पिता नहीं थे तैयार, मां बनीं सबसे बड़ी ताकत
तन्वी के लिए यह सफर आसान नहीं था। शुरुआत में उनके पिता बेटी को मर्चेंट नेवी में भेजने के पक्ष में नहीं थे। लेकिन उनकी मां सुमन शर्मा ने हर कदम पर उनका साथ दिया। परीक्षा देने के लिए दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और गोवा जैसे शहरों में जाना पड़ता था, जहां मां हमेशा उनके साथ रहीं।
तन्वी अपनी सफलता का सबसे बड़ा श्रेय मां को देती हैं। वहीं उनकी मां कहती हैं कि बेटी ने 10वीं के बाद ही अपना सपना तय कर लिया था और उसी दिशा में लगातार मेहनत करती रही।
बिना कोचिंग के हासिल की सफलता
तन्वी ने बताया कि उन्होंने मर्चेंट नेवी की परीक्षा के लिए कोई कोचिंग नहीं ली। 12वीं के बाद केवल एक महीने तक सेल्फ स्टडी की। परीक्षा का सिलेबस 11वीं-12वीं के विषयों और JEE स्तर के कुछ सवालों पर आधारित था।
उनका मानना है कि बाहरी मदद सीमित होती है, असली सफलता के लिए अंदर का जुनून जरूरी है।
क्या है सफलता का मंत्र?
तन्वी कहती हैं,"जब तक आप अपने अंदर लक्ष्य को पाने की आग नहीं जगाते, तब तक कोई आपकी मदद नहीं कर सकता। सपने कभी भी कंफर्ट जोन में पूरे नहीं होते। अगर लक्ष्य हासिल करना है तो मेहनत, संघर्ष और लगातार प्रयास करना होगा।"
लड़कियों को दिया खास संदेश
तन्वी ने खासतौर पर जम्मू-कश्मीर की बेटियों से कहा कि वे अपने सपनों को लेकर कभी हिचकिचाएं नहीं। खुद पर भरोसा रखें, लगातार मेहनत करें और मुश्किलों से घबराए बिना आगे बढ़ें।
बताया जा रहा है कि तन्वी शर्मा जम्मू-कश्मीर के पीर पंजाल क्षेत्र की पहली लड़की हैं, जिन्होंने मर्चेंट नेवी में जगह बनाई है। उनकी सफलता आज उन युवाओं, खासकर बेटियों के लिए प्रेरणा बन गई है, जो पारंपरिक करियर से हटकर कुछ नया करना चाहती हैं।
