32 की उम्र में समाज के तानो के बीच क्रैक किया NEET! कॉर्पोरेट नौकरी छोड़ डॉक्टर बनने निकलीं आकृति
Udaipur Times, Aakriti Goyal NEET MBBS Success Story : आज के समय में जब अधिकांश लोग एक बार करियर चुन लेने के बाद उसी रास्ते पर आगे बढ़ते रहते हैं, वहीं कुछ लोग अपने सपनों को पूरा करने के लिए सब कुछ दांव पर लगाने का साहस दिखाते हैं। ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी है आकृति गोयल की, जिन्होंने 32 साल की उम्र में समाज के तानों और सवालों को नजरअंदाज कर डॉक्टर बनने के अपने सपने को चुना।
इंजीनियरिंग की डिग्री और अच्छी सैलरी वाली कॉर्पोरेट नौकरी होने के बावजूद उनका मन हमेशा मेडिकल क्षेत्र में था। लगातार देर रात तक काम करने और बढ़ते तनाव का असर उनकी सेहत पर पड़ने लगा। जनवरी 2020 में वह बीमार हो गईं। इसके कुछ समय बाद, मार्च 2020 में कोविड-19 लॉकडाउन शुरू होने के महज दो दिन बाद उन्होंने अपनी नौकरी छोड़ने का बड़ा फैसला लिया। इसके साथ ही उन्होंने डॉक्टर बनने के अपने अधूरे सपने को पूरा करने का लक्ष्य तय कर लिया।

BITS पिलानी से शुरू हुआ करियर
आकृति गोयल ने वर्ष 2015 में प्रतिष्ठित संस्थान BITS Pilani से अपनी पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने स्टार्टअप और कॉर्पोरेट सेक्टर में कदम रखा। कुछ ही वर्षों में उन्होंने अच्छी पहचान बना ली। वह बड़ी टीमों का नेतृत्व करने लगीं और आकर्षक वेतन भी हासिल किया।
बाहर से देखने पर उनका करियर पूरी तरह सफल नजर आता था, लेकिन भीतर ही भीतर उन्हें महसूस होता था कि वह वह काम नहीं कर रही हैं, जिसे करने का सपना उन्होंने बचपन में देखा था।
बचपन से था डॉक्टर बनने का सपना
आकृति का सपना बचपन से डॉक्टर बनने का था। लेकिन समय और परिस्थितियों ने उन्हें इंजीनियरिंग और कॉर्पोरेट सेक्टर की ओर मोड़ दिया। हालांकि यह सपना कभी खत्म नहीं हुआ। नौकरी के दौरान भी उनके मन में डॉक्टर बनने की इच्छा लगातार बनी रही। आखिरकार उन्होंने अपने दिल की आवाज सुनने का फैसला किया और एक सुरक्षित करियर छोड़कर पूरी तरह नई शुरुआत करने का जोखिम उठाया।

लोगों की आलोचनाओं और तानों का किया सामना
जब आकृति ने NEET परीक्षा की तैयारी शुरू की, तब उनकी उम्र 30 वर्ष से अधिक थी। ऐसे में उन्हें लोगों की आलोचनाओं और तानों का सामना करना पड़ा। कई लोगों ने कहा कि 32 साल की उम्र में शादी करनी चाहिए, न कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी करनी चाहिए। कुछ लोगों ने यह तक कहा कि वह अपना समय बर्बाद कर रही हैं। लेकिन इन आलोचनाओं ने उन्हें कमजोर करने के बजाय और अधिक मजबूत बनाया। उन्होंने हर नकारात्मक टिप्पणी को अपनी प्रेरणा बनाया और पूरे समर्पण के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ती रहीं।
10 साल बाद फिर उठाई किताबें
करीब एक दशक तक कॉर्पोरेट दुनिया में काम करने के बाद दोबारा पढ़ाई की दुनिया में लौटना आसान नहीं था। उन्हें फिर से किताबों के साथ घंटों बिताने पड़े, पढ़ाई का अनुशासन अपनाना पड़ा और मेडिकल प्रवेश परीक्षा की कठिन तैयारी करनी पड़ी।
लेकिन उनकी मेहनत रंग लाई। उन्होंने NEET-UG परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया रैंक 1118 हासिल की। यह उपलब्धि उनके लिए डॉक्टर बनने के सपने को साकार करने की दिशा में सबसे बड़ी सफलता साबित हुई।
अब कर रही हैं MBBS की पढ़ाई
NEET में शानदार सफलता मिलने के बाद आकृति को Hindu Rao Medical College में MBBS में प्रवेश मिला। वह अब मेडिकल की पढ़ाई कर रही हैं और अपने सपने को साकार करने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रही हैं।
सोशल मीडिया पर भी दे रही हैं प्रेरणा
आकृति सिर्फ पढ़ाई तक सीमित नहीं हैं। वह सोशल मीडिया पर भी काफी सक्रिय रहती हैं और अपने अनुभव, संघर्ष और सफलता की कहानी लोगों के साथ साझा करती हैं। वह अक्सर उन लोगों को प्रेरित करती हैं जो अपने करियर या जीवन में बदलाव लाना चाहते हैं, लेकिन समाज या उम्र के डर से कदम नहीं उठा पाते।
सपनों की कोई उम्र नहीं होती
आकृति गोयल की कहानी यह साबित करती है कि सपनों को पूरा करने की कोई तय उम्र नहीं होती। अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत करने का जज्बा हो, तो जीवन में कभी भी नई शुरुआत की जा सकती है।
आज उनकी कहानी हजारों युवाओं और पेशेवरों के लिए प्रेरणा बन चुकी है। उन्होंने दिखा दिया कि समाज के ताने, उम्र की बंदिशें और लोगों की राय किसी भी व्यक्ति के सपनों से बड़ी नहीं होतीं। अगर हौसला मजबूत हो, तो अधूरे सपने भी एक दिन हकीकत बन सकते हैं।
