सोलर पैनल से किस समय में बनती है सबसे ज्यादा बिजली? एक्सपर्ट ने बताया पूरा सच
Udaipur Times, Solar Panel Energy Production : बिजली की बढ़ती खपत और महंगे होते बिजली बिलों के बीच लोग तेजी से अपने घरों में सोलर पैनल लगवा रहे हैं। हालांकि, सोलर पैनल को लेकर लोगों के मन में कई तरह की गलतफहमियां भी हैं। कुछ लोगों का मानना है कि ज्यादा गर्मी पड़ने पर सोलर पैनल अधिक बिजली बनाते हैं, जबकि कई लोग सोचते हैं कि बादल या बारिश के मौसम में सोलर सिस्टम काम करना बंद कर देता है। लेकिन विशेषज्ञों की मानें तो सच्चाई इससे बिल्कुल अलग है।
जहानाबाद के इलेक्ट्रिकल इंजीनियर और फोटोनिक्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर सह पंजीकृत सोलर वेंडर दिव्य प्रकाश के मुताबिक, सोलर पैनल का बिजली उत्पादन गर्मी पर नहीं, बल्कि सूरज की रोशनी यानी सनलाइट पर निर्भर करता है।
ज्यादा गर्मी से घटने लगता है बिजली उत्पादन
दिव्य प्रकाश का कहना है कि सोलर पैनल की टेस्टिंग 25 डिग्री सेल्सियस तापमान पर की जाती है। इसके बाद जैसे-जैसे तापमान बढ़ता है, पैनल की क्षमता कम होने लगती है। 25 डिग्री के बाद हर एक डिग्री तापमान बढ़ने पर बिजली उत्पादन में गिरावट आती है। यानी यह कहना गलत होगा कि तेज गर्मी में सोलर पैनल ज्यादा बिजली बनाते हैं। दरअसल, पैनल के लिए तेज धूप जरूरी है, लेकिन अत्यधिक गर्मी उसकी कार्यक्षमता को प्रभावित करती है।
3 किलोवाट का सिस्टम कितनी बिजली बनाता है?
विशेषज्ञों के अनुसार, अगर किसी घर में 3 किलोवाट का सोलर सिस्टम लगा है, तो सामान्य परिस्थितियों में वह एक महीने में करीब 350 से 400 यूनिट तक बिजली का उत्पादन कर सकता है। हालांकि, यह उत्पादन मौसम और मिलने वाली धूप की अवधि पर निर्भर करता है।
क्या बादलों और बारिश में भी काम करते हैं सोलर पैनल?
इस सवाल का जवाब है- हां। बादलों और बारिश के मौसम में भी सोलर पैनल बिजली बनाते हैं, लेकिन उनकी क्षमता थोड़ी कम हो जाती है। आमतौर पर घने बादलों के दौरान सोलर पैनल अपनी सामान्य क्षमता का करीब 10 से 25 प्रतिशत तक बिजली उत्पादन कर पाते हैं। अगर आसमान में हल्के बादल हों और सूरज की रोशनी पहुंच रही हो, तो बिजली उत्पादन काफी हद तक सामान्य बना रहता है।
सर्दियों में क्यों कम हो जाता है प्रोडक्शन?
सर्दियों के मौसम में दिन छोटे हो जाते हैं और सूरज की रोशनी कम समय तक मिलती है। इसी वजह से सोलर पैनल का उत्पादन घट जाता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, दिसंबर और जनवरी ऐसे महीने होते हैं जब सोलर सिस्टम से सबसे कम बिजली बनती है।
रात में क्या बिजली बनाते हैं सोलर पैनल?
रात के समय सोलर पैनल बिजली नहीं बनाते, क्योंकि उन्हें काम करने के लिए रोशनी की जरूरत होती है। ऐसे में सोलर उपभोक्ता या तो बैटरी में दिन की अतिरिक्त बिजली स्टोर करते हैं या नेट मीटरिंग के जरिए ग्रिड से बिजली लेते हैं।
कुल मिलाकर क्या है निष्कर्ष?
सोलर पैनल के लिए अत्यधिक गर्मी नहीं, बल्कि अच्छी और पर्याप्त सनलाइट सबसे ज्यादा जरूरी है। बादल, बारिश और सर्दी में भी सोलर सिस्टम काम करता है, हालांकि बिजली उत्पादन में कुछ कमी आ सकती है। इसके बावजूद लंबे समय में सोलर पैनल बिजली बिल कम करने और स्वच्छ ऊर्जा अपनाने का सबसे बेहतर विकल्प बनकर उभरे हैं।
