अजनबी घायल को बचाने की कोशिश करने वाले ऑटो चालक सम्मानित
सिसौदिया ने बताया कि ऑटो चालक फिरदौस अहमद, खांजीपीर और मोहम्मद आजाद, गोसिया कॉलोनी ने न सिर्फ उनके पोते को तुरंत चिकित्सालय पहुंचाया, बल्कि मृतक के पास रखी 8-8 ग्राम की तीन सोने की अशर्फियां, 55 हजार का स्मार्ट फोन, 80 हजार नकद सहित कुल 2.5 लाख

मंदसौर (मध्य प्रदेश) के पूर्व विधायक राजेंद्रसिंह सिसौदिया, सड़क हादसे में अपने पोते को खोने के 1 माह बाद, हादसे के दौरान घायल पोते को बचाने की कोशिश करने वाले उदयपुर के दो ऑटो चालकों को सम्मानित करने 181 किलोमीटर दूर उदयपुर पहुंचे।
घायल की तत्काल मदद करने के साथ रुपयों से भरा पर्स और महंगे फोन-अंगूठी परिवार वालों को लौटाकर मानवता की मिसाल पेश करने वाले ऑटोचालकों फिरदौस अहमद, खांजीपीर और मोहम्मद आजाद, गोसिया कॉलोनी, को सम्मानित कर सिसौदिया ने भी एक सकारात्मक पहल की है। मंगलवार को इस बात के चर्चे शहर भर में रहे। 4 नवंबर को शादी समारोह में भाग लेने उदयपुर आए उनके इकलौते पौत्र (पोता) 19 वर्षीय पराक्रम सिंह सिसौदिया की मौत हो गई थी।
सिसौदिया ने बताया कि ऑटो चालक फिरदौस अहमद, खांजीपीर और मोहम्मद आजाद, गोसिया कॉलोनी ने न सिर्फ उनके पोते को तुरंत चिकित्सालय पहुंचाया, बल्कि मृतक के पास रखी 8-8 ग्राम की तीन सोने की अशर्फियां, 55 हजार का स्मार्ट फोन, 80 हजार नकद सहित कुल 2.5 लाख रुपए परिजनों को दिया था। सम्मान के दौरान ये बातें बताते हुए सिसौदिया फफक कर रो पड़े।
घायलों के देखते रहे 50 लोग, मदद को आगे आए दो ऑटो चालक- हादसे में विधायक सिसौदिया के पोते को बचाने वाले चालकों ने बताया कि चालू कार में वह बेसुध स्टीयरिंग पर मुंह के बल पड़ा था। हमने उसे कार के पीछे का कांच तोड़कर निकाला था। इस दौरान सीने में दबाव डालते हुए पंपिंग भी की और मुंह में श्वांस दी ताकि उसकी सांसें चलती रहें। आनन-फानन में एंबुलेंस बुलाकर घायल को अस्पताल भेजा लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था। घटना के वक्त करीब 50 लोगों का हुजूम मौजूद था, लेकिन मदद के लिए कोई आगे नहीं आया।
उन्होंने कहा कि आजकल लोग दुर्घटना में घायल या मरे व्यक्ति के बटुए तक ले जाते हैं लेकिन इन ऑटो चालकों ने मानवता का जीवंत उदाहरण दिया। इसलिए मैं मेरे परिवार सहित इन्हें सम्मान करने आया हूं। ताकि अन्य लोग भी ऐसे ईमानदार और मददगार लोगों का उत्साहवर्धन करें।
Source: Dainik Bhaskar
