हरियाणा में ऑटो म्यूटेशन-पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0 शुरू, अब नागरिकों को नहीं काटने पड़ेंगे दफ्तरों के चक्कर
Udaipur Times, Haryana News, झज्जर : राजस्व विभाग की ओर से जनसुविधा के मद्देनजर क्रांतिकारी कदम उठाते हुए सराहनीय कार्य किया है। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश के लोगों के लिए मंगलवार को राजस्व विभाग के माध्यम से और मजबूत प्रणाली का आगाज करते हुए ऑटो म्यूटेशन प्रणाली एवं पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0 का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने वीसी के माध्यम से सभी जिलों में इस व्यवस्था की शुरूआत की। झज्जर लघु सचिवालय में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम के जरिए डीसी वर्षा खांगवाल व अन्य अधिकारी इस दौरान ऑनलाइन जुड़े और मुख्यमंत्री का संदेश सुना।
ऑनलाइन कार्यक्रम के उपरांत डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि संपति रजिस्ट्रेशन की इस नई व्यवस्था से लोगों को काफी लाभ मिलेगा। इस नई व्यवस्था से नागरिकों को सरल, पारदर्शी सुविधा मिलेगी।
अब रजिस्ट्री के लिए पहले से अधिक सरल और यूजर फ्रेंडली बनेगा आवेदन फार्म
सरकार द्वारा ऑटो म्यूटेशन प्रणाली एवं पेपर लैस रजिस्ट्रेशन के साथ इंतकाल को भी शामिल किया गया है। इस प्रक्रिया से अब रजिस्ट्री के लिए आवेदन फार्म पहले से अधिक सरल और यूजर फ्रेंडली बन गया है। दोनों पक्षों के लिए आधार ई-केवाईसी अनिवार्य किया गया है, इससे पहचान की शत प्रतिशत पुष्टि भी संभव होगी
इस प्रणाली के शुरू होने से अब रजिस्ट्री के समय संबंधित भूमि का कौन सा हिस्सा प्राइम श्रेणी में आता है और कौन सा नॉन प्राइम श्रेणी में इसकी जानकारी सिस्टम में स्वत दिखाई देगी।
ऑटो म्यूटेशन प्रणाली की शुरुआत से किसानों और भूस्वामियों को मिलेगा पूरा लाभ
ऑटो म्यूटेशन प्रणाली लागू होने से जिन मामलों में खेवट विभाजन की जरूरत नहीं होगी उनमें 24 घंटे के भीतर इंतकाल मंजूर हो जाएगा और जिन मामलों में खेवट विभाजन जरूरी होगा उनमें अधिकतम 10 दिनों के भीतर इंतकाल का निपटान सुनिश्चित किया जाएगा। इससे किसानों और भू स्वामियों को पूरा लाभ मिलेगा।
नागरिक देख सकेंगे इंतकाल की ऑनलाइन स्थिति
यह एक सुगम प्रणाली है, इससे अब रजिस्ट्री और इंतकाल की प्रक्रिया एक दूसरे से जुड़ जाएगी, नागरिकों को अलग से इंतकाल के लिए आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी। नागरिक अपने इंतकाल की स्थिति ऑनलाइन देख सकेंगे तथा इंतकाल की प्रति ऑनलाइन डाउनलोड और प्रिंट भी कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि आगामी 15 दिनों में शेष सभी लंबित इंतकालों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए गा। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए गए हैं।
