हरियाणा में ऑटो म्यूटेशन व्यवस्था होगी लागू ! रजिस्ट्रेशन के बाद तय होगी समय-सीमा

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हरियाणा में ऑटो म्यूटेशन व्यवस्था होगी लागू ! रजिस्ट्रेशन के बाद तय होगी समय-सीमा

Udaipur Times, Haryana News, भिवानी : राज्य सरकार द्वारा राजस्व सेवाओं को सरल, पारदर्शी, समयबद्ध एवं तकनीक आधारित बनाने की दिशा में ऑटो म्यूटेशन व्यवस्था लागू की जा रही है। इसका उद्देश्य इंतकाल की प्रक्रिया को आसान बनाने के साथ-साथ आम नागरिकों को तहसील कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर लगाने से राहत देना और राजस्व व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित करना है।

डीसी साहिल गुप्ता ने ये जानकारी देते हुए बताया कि रजिस्ट्रेशन के बाद म्यूटेशन पहले चार दिन पटवारी के लॉगिन में रहेगी। यदि पटवारी द्वारा निर्धारित समय में कार्रवाई नहीं की जाती है तो पांचवें दिन म्यूटेशन स्वत: कानूनगो के लॉगिन में चली जाएगी। कानूनगो को कार्रवाई के लिए दो दिन का समय मिलेगा। सातवें दिन म्यूटेशन स्वत: सीआरओ के लॉगिन में भेजी जाएगी तथा सीआरओ को चार दिन में आवश्यक कार्रवाई करनी होगी। यदि 11वें दिन तक निर्धारित कार्रवाई नहीं होती है तो म्यूटेशन स्वत: जमाबंदी में शामिल हो जाएगी।

ऑनलाइन शिकायत निवारण की भी होगी व्यवस्था

डीसी श्री गुप्ता ने बताया कि सरकार द्वारा विशेष ऑनलाइन पेज/पोर्टल शुरू किया जाएगा, जहां निर्धारित समय-सीमा में प्रक्रिया पूरी नहीं होने पर नागरिक अपनी म्यूटेशन से संबंधित शिकायत दर्ज कर सकेंगे। नागरिक संबंधित दस्तावेज ऑनलाइन जमा कर सकेंगे और विभाग द्वारा 10 दिनों के भीतर मामले में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। नियमों के अनुसार म्यूटेशन होने पर उसकी प्रति उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं, म्यूटेशन नहीं होने की स्थिति में संबंधित सीआरओ द्वारा स्पष्ट कारणों के साथ स्पीकिंग ऑर्डर जारी किया जाएगा।

डिजिटल होंगी अधिक से अधिक राजस्व सेवाएं

डीसी ने बताया कि सरकार का प्रयास है कि अधिक से अधिक राजस्व सेवाएं नागरिकों को घर बैठे या नजदीकी सीएससी के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएं। इसके तहत जमाबंदी, म्यूटेशन, डिजिटली साइन की गई रजिस्ट्री तथा अन्य राजस्व रिकॉर्ड डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। जमाबंदी में व्यक्ति के हिस्से की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध कराने, छोटे सुधार को सरल बनाने तथा तकसीम जैसी प्रक्रियाओं को पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।

अधिकारियों-कर्मचारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश

डीसी ने बताया कि सभी संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जाएंगे ताकि नागरिकों को अपने कार्यों के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। डिजिटाइजेशन का उद्देश्य अधिकारियों या कर्मचारियों को परेशान करना नहीं, बल्कि व्यवस्था में जवाबदेही तय करना, पारदर्शिता बढ़ाना और नागरिकों को समय पर सेवाएं उपलब्ध कराना है।

उन्होंने बताया कि सरकार का लक्ष्य राजस्व सेवाओं में मानवीय हस्तक्षेप को कम करना, पारदर्शिता बढ़ाना और निर्धारित समय में नागरिकों को सेवाएं उपलब्ध कराना है। तकनीक के माध्यम से व्यवस्था को कठिन नहीं बल्कि आम नागरिक के लिए सरल बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

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