स्वाइन फ्लू से बचाव: प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण
नगर निगम एवं चिकित्सा विभाग के संयुक्त तत्वाधान में उदयपुर शहर में स्वाइन फ्लू से बचाव एवं रोकथाम के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली गई है।
नगर निगम एवं चिकित्सा विभाग के संयुक्त तत्वाधान में उदयपुर शहर में स्वाइन फ्लू से बचाव एवं रोकथाम के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली गई है।
उदयपुर जिले में अब तक 1 लाख 67 हजार 15 लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है जिनमें आईएलआई केटेगरी में 1261 (ए केटेगरी 978, बी केटेगरी के 201 तथा सी केटेगरी के 82 लोग पॉजिटिव पाये गये हैं।
चिकित्सा विभाग द्वारा मंगलवार सायं 4 बजे आरएनटी मेडिकल कॉलेज के प्रशासनिक भवन के सभागार में प्रेस क्रान्फ्रेंस आयोजित की गई। बैठक में मेडिकल कॉलेज के प्रिंसीपल डॉ.डी.पी.सिंह ने स्वास्थ्य विभाग द्वारा सभी आवश्यक तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की।
उन्होंने बताया कि स्वाइन फ्लू को फैलने से रोकने के लिए अलग वार्ड व आईसीयू की व्यवस्था की गई है जहॉ 27 बेड जिनमें से 9 में आईसीयू व 7 में वेंटिलेटर की सुविधा उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि स्वाइन फ्लू के इलाज के लिए 24 घंटे इलाज की सुविधा की गई है व ओपीडी भी लगातार चलती रहेगी।
सीएमएचओ संजीव टांक ने बताया कि जिले में जिला चिकित्सालय, पीएचसी एवं सीएचसी पर स्वाइन फ्लू से बचाव की सभी दवाईयां निःशुल्क उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि कल से शहर में अलग-अलग दल बना कर सभी घरों में दस्तक दे कर स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए जनता को सचेत किया जाएगा व सर्वे के तहत पॉजिटिव मरीजों की पहचान भी की जाएगी।
प्रशासन द्वारा हरसंभव उपाय किए जा रहे हैं ताकि पॉजिटिव मरीज को समय पर पूरा इलाज मिल सके एवं डेथ-रेट (मृत्यु-दर) को कम किया जा सके। डॉ. डी.पी.सिंह ने बताया कि स्वाइन फ्लू से डरने की नहीं, बचाव की सख्त जरूरत है। उन्होंने कहा कि ए केटेगिरी के मरीजों को मामूली जांच व दवाईयों से ही ठीक किया जा सकता है, जबकि बी व बी 2 केटेगिरी के मरीजों को टेमीफ्लू डॉज की आवश्यकता होती है तथा सी केटेगरी वाले मरीजों को गंभीर माना जाता है एवं उन्हें भर्ती कर पूर्ण इलाज की आवश्यकता पड़ती है।
नॉडल ऑफिसर डॉ. महेश दवे ने भी चर्चा के दौरान बताया कि स्वाइन फ्लू मरीज 14 दिन में पूरी तरह ठीक हो जाते है बशर्तें मरीज वक्त पर अपनी जांच कराए व समुचित इलाज ले।
उन्होंने स्वयं दवाईयां ले कर उपचार करने से बचने की हिदायत दी और कहा कि भीड़-भाड़ वाले इलाकों में जाने पर मास्क का प्रयोग करें, हाथ धोएॅं तथा सर्दी खासी होने पर टिश्यू का इस्तेमाल कर उसे उचित स्थान पर फेंकें। चिकित्सकों ने कहा कि आमजन को भयभीत हुए बगैर रोग के बारे में समुचित जानकारी लेने तथा इलाज के लिए तत्काल नजदीकी चिकित्सा केन्द्र पर पहुंचने की जरुरत है। ताकि रोग पर शीघ्र नियंत्रण सम्भव हो सके।
साथ ही स्वाइन फ्लू पॉजीटिव होने पर ही दवा लंे, अन्यथा रोगी की रोगप्रतिरोधक क्षमता पर विपरीत असर पड़ सकता है।
