स्तन कैंसर व बच्चेदानी के कैंसर के बारे में जागरुकता
सही समय पर कैंसर का पता चलने से शत-प्रतिशत इलाज संभव है जबकि भारत में 60% से ज्यादा महिलाओं को तीसरी और चौथी स्टेज में पता
चलता है जिससे उपचार व बचाव मुश्किल हो जाता है| आज नाहर मगरा व घासा स्वास्थ्य केंद्र में करीब 50 आशा सहयोगिनियों को इसकी जानकारी दी गई व उनको बताया गया कि हर स्वस्थ महिला को हर साल अपने शरीर की जांच करानी चाहिए

नारीत्व संस्थान स्तन कैंसर व बच्चेदानी के कैंसर के बारे में जागरुकता फैला रही है|
सही समय पर कैंसर का पता चलने से शत-प्रतिशत इलाज संभव है जबकि भारत में 60% से ज्यादा महिलाओं को तीसरी और चौथी स्टेज में पता चलता है जिससे उपचार व बचाव मुश्किल हो जाता है| आज नाहर मगरा व घासा स्वास्थ्य केंद्र में करीब 50 आशा सहयोगिनियों को इसकी जानकारी दी गई व उनको बताया गया कि हर स्वस्थ महिला को हर साल अपने शरीर की जांच करानी चाहिए.

बड़े दुख की बात है कि यह सिर्फ 22 महिलाओं को पता है की स्वयं स्तन परीक्षण क्या है, व इससे करने से कैसे महिलाओं को शुरूआती चरण में पता लगाकर अपनी जिंदगी अच्छे से जी सकती है|
वहां सब को बताया गया स्वयं स्तन परीक्षण के बारे में व इसको कब और कैसे करें.
