सी बी आई के सामने आत्मसमर्पण किया था आज़म ने

उदयपुर पुलिस इनामी अपराधी मोहम्मद आजम खान को लेकर आज 12.30 बजे एयर इंडिया की फ्लाइट से मुंबई से डबोक एयरपोर्ट पहुंची जहा से उसे प्रताप नगर थाने लाया गया। आज़म की तलाश पुलिस लम्बे समय से कर रही थी और इसके चलते उस पर 50 हजार रूपये का ईनाम भी घोषित किया गया था।

पुलिस अधीक्षक हरी प्रसाद शर्मा ने बताया कि आजम ने 26 दिसम्बर को मुम्बई के चरनी रोड स्थित सी.बी.आई. आफिस में आत्मसमर्पण किया था। प्रताप नगर पुलिस थाना सी.आई मंजीत सिंह के नेतृत्व उदयपुर पुलिस की टीम आज़म को मुम्बई से आज उदयपुर लेकर आई।

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सी बी आई के सामने आत्मसमर्पण किया था आज़म ने

उदयपुर पुलिस इनामी अपराधी मोहम्मद आजम खान को लेकर आज 12.30 बजे एयर इंडिया की फ्लाइट से मुंबई से डबोक एयरपोर्ट पहुंची जहा से उसे प्रताप नगर थाने लाया गया। आज़म की तलाश पुलिस लम्बे समय से कर रही थी और इसके चलते उस पर 50 हजार रूपये का ईनाम भी घोषित किया गया था।

पुलिस अधीक्षक हरी प्रसाद शर्मा  ने बताया कि आजम ने 26 दिसम्बर को मुम्बई के चरनी रोड स्थित सी.बी.आई. आफिस में आत्मसमर्पण किया था। प्रताप नगर पुलिस थाना सी.आई मंजीत सिंह के नेतृत्व उदयपुर पुलिस की टीम आज़म को मुम्बई से आज उदयपुर लेकर आई।

आज आज़म को भूपालपूरा थाने में दर्ज मोतीलाल डांगी पर हुए जान लेवा हमले के प्रकरण में गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जहा से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, अब प्रताप नगर पुलिस आज़म को एक और व्यवसायी शांतिलाल जैन को फोन कर डरा धमका कर फिरोती मांगने के मामले में प्रोडक्शन वारंट पर लेजाकर पूछताछ करेंगी।

गौरतलब है कि मुखर्जी चोक निवासी मोहम्मद आजम के खिलाफ शहर के विभिन्न थानों में कई संगीन मामले दर्ज है व और वह लम्बे समय से वांछित चल रहा था, आजमसोहराबुदीन फर्जी एनकाउंटर मामले में सी.बी.आई का मुख्य गवाह भी है। तथा जून माह में भा.ज.प. नेता मोतीलाल डांगी पर फायरिंग व अम्बामाता, हाथीपोल, सूरजपोल व प्रताप नगर के व्यापारियों को धमकाकर अवैध वसूली के मामलो में पुलिस को आज़म की तलाश थी।

पुलिस ने पिछले दिनों बढ़ते अपराध व उसके पीछे आज़म के हाथ होने की पुष्टि और अपराध पर नकेल कसने के लिए आजम की तलाश तेज़ कर दी थी। आजम के उदयपुर पुलिस की गिरिफ्त में आने से कई और मामलो के खुलासे होने की सम्भावना है।

सी बी आई के सामने आत्मसमर्पण किया था आज़म ने

क्यों किया आज़म ने सरेंडर?

हरी प्रसाद शर्मा ने बताया कि आज़म के ऊपर 50 हज़ार रुपये का इनाम था, और उसके कई गुर्गो को पुलिस ने पहले ही गिरिफ़्तार कर दिया था जिसके चलते आज़म दबाव में था इसलिए उसने सी बी आई के एक अधिकारी एन  . राजू के सामने समर्पण कर दिया

क्या ज़रूरत थी आज़म को हवाई जहाज़ से लानी की? 

जब मीडिया ने यह सवाल पुलिस अधीक्षक हरी प्रसाद शर्मा से किया तो  उन्होंने कहा कि  अजाम की गिरिफ्तारी के 24 घंटे के अन्दर उसे कोर्ट में पेश करना था इसलिए उसे प्लेन से लाना ज़रूरी समझा गया।

“मेरे नाम का इस्तेमाल कर लोगो से पैसा वसूल कर रहे थे कुछ लोग”- आज़म ने कहा मीडिया से 

आज़म ने कोर्ट के बहार मीडिया को बताया कि कुछ लोग उसके नाम का इस्तेमाल कर के अपराध कर रहे थे और वह काफी समय से गुजरात में था, कल उसने मुंबई में सी बी आई के समक्ष जा कर समर्पण किया। 

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