इन 10 गांवों में जमीन की रजिस्ट्री और बंटवारे पर लगी रोक, जाने सरकार ने क्यों लिया फैसला ?

 | 
इन 10 गांवों में जमीन की रजिस्ट्री और बंटवारे पर लगी रोक, जाने सरकार ने क्यों लिया फैसला ?

Udaipur Times, Aligarh-Moradabad corridor Project : अलीगढ़ से मुरादाबाद के बीच प्रस्तावित 136 किलोमीटर लंबे हाई स्पीड एक्सेस कंट्रोल कॉरिडोर को लेकर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज हो गई है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की ओर से थ्री-ए (3A) अधिसूचना जारी होने के बाद अलीगढ़ के 10 गांवों की जमीन पर खरीद-फरोख्त, रजिस्ट्री, नामांतरण, बंटवारा और अन्य राजस्व संबंधी बदलावों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। यह प्रतिबंध भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी होने तक लागू रहेगा।

इन 10 गांवों की जमीन होगी अधिग्रहित

NHAI की अधिसूचना के अनुसार गभाना तहसील के सुमेरा दरियापुर, औरैहा, तेजपुर, पिलौना और फरीदपुर तथा कोल तहसील के भागनपुर, पला माजरा कस्थली बैस, जवा सिकंदरपुर, बीरपुर छबीलगढ़ी और कस्थली वैश्य गांव इस परियोजना से प्रभावित होंगे। इन गांवों में फिलहाल किसी भी प्रकार का भूमि हस्तांतरण या राजस्व रिकॉर्ड में बदलाव नहीं किया जा सकेगा।

136 किमी लंबा होगा हाई स्पीड कॉरिडोर

प्रस्तावित हाई स्पीड एक्सेस कंट्रोल कॉरिडोर लगभग 136 किलोमीटर लंबा होगा। यह आधुनिक हाईवे अलीगढ़ और मुरादाबाद के बीच तेज, सुरक्षित और सुगम यात्रा उपलब्ध कराएगा। इसके निर्माण से व्यापार, उद्योग और माल परिवहन को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।

सफर 4 घंटे से घटकर 1.5 से 2 घंटे

मौजूदा एनएच-509 के जरिए अलीगढ़ से मुरादाबाद पहुंचने में करीब 3 से 4 घंटे लगते हैं। नया हाई स्पीड कॉरिडोर बनने के बाद यह समय घटकर महज 1.5 से 2 घंटे रह जाएगा। इस मार्ग पर वाहन 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकेंगे।

गंगा एक्सप्रेसवे से भी मिलेगा सीधा कनेक्शन

यह कॉरिडोर अलीगढ़, संभल (गुन्नौर सहित) और मुरादाबाद के कई क्षेत्रों से होकर गुजरेगा तथा गंगा एक्सप्रेसवे से भी जुड़ेगा। इससे बिलारी, चंदौसी और कुंदरकी समेत आसपास के क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी।

प्रभावित किसानों को मिलेगा मुआवजा

जिला प्रशासन ने सभी राजस्व अधिकारियों को अधिसूचना का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन के अनुसार भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के तहत पूरी की जाएगी और प्रभावित किसानों को सरकार की नीति के अनुसार उचित मुआवजा दिया जाएगा। इसके लिए भूमि सर्वेक्षण, अभिलेखों का सत्यापन और अन्य आवश्यक औपचारिकताएं जल्द पूरी की जाएंगी।

NHAI ने क्या कहा?

NHAI के परियोजना निदेशक अरविंद कुमार ने बताया कि परियोजना के लिए थ्री-ए अधिसूचना जारी कर दी गई है। अब नियमानुसार भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी, ताकि कॉरिडोर निर्माण का कार्य तय समय में शुरू किया जा सके।

Follow UdaipurTimes on Facebook , Instagram , and Google News