बैंक किसानों से दुर्व्यहार नहीं, सद्व्यवहार एवं मार्गदर्शक का कार्य करें

भारतीय स्टेट बैंक की शाखा जावर माईन्स में किसानों को कई तरह की असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है। शाखा के मैनेजर, असिस्टेंट मैनेजर भी किसानों के साथ दुर्व्यवहार करते हुए रोजमर्रा के कार्यों को निपटाने में आनाकानी करते हैं। जिससे शाखा के खाताधारक कई किसानों को शाखा के चक्कर काटने पड़ते हैं। जब कोई किसान अपने रोजगार के लिये अन्य किसी वित्तीय संस्थान से ऋण प्राप्त कर अपना रोजगार जुटाने की कोशिश करते हुए हस्ताक्षर प्रमाणित, पासबुक में एन्ट्री के लिये जब शाखा में जाते हैं तो शाखा प्रबन्धक और स्टाफ द्वारा सीधे तौर पर मना कर दिया जाता है। जिससे बिना पढ़े-लिखे किसानों को कई असुविधाओं का सामना करना पड़ता है।

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बैंक किसानों से दुर्व्यहार नहीं, सद्व्यवहार एवं मार्गदर्शक का कार्य करें

भारतीय स्टेट बैंक की शाखा जावर माईन्स में किसानों को कई तरह की असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है। शाखा के मैनेजर, असिस्टेंट मैनेजर भी किसानों के साथ दुर्व्यवहार करते हुए रोजमर्रा के कार्यों को निपटाने में आनाकानी करते हैं। जिससे शाखा के खाताधारक कई किसानों को शाखा के चक्कर काटने पड़ते हैं। जब कोई किसान अपने रोजगार के लिये अन्य किसी वित्तीय संस्थान से ऋण प्राप्त कर अपना रोजगार जुटाने की कोशिश करते हुए हस्ताक्षर प्रमाणित, पासबुक में एन्ट्री के लिये जब शाखा में जाते हैं तो शाखा प्रबन्धक और स्टाफ द्वारा सीधे तौर पर मना कर दिया जाता है। जिससे बिना पढ़े-लिखे किसानों को कई असुविधाओं का सामना करना पड़ता है।

सहकार भारती के जिला मंत्री उमेश जोशी ने बताया कि उक्त संबंध में शाखा की शिकायत उन्हें प्राप्त होने पर स्वयं शाखा में उपस्थित होकर शाखा प्रबन्धक के हस्ताक्षर प्रमाणित कराने हेतु किसानों के साथ बैंक गये, लेकिन शाखा प्रबन्धक ने दुर्व्यहार करते हुए कार्य करने के लिये मना कर दिया। उच्चाधिकारियों से शिकायत करने के लिये शिकायत बोर्ड पर मोबाईल नम्बर दर्शाए गए जो कि उसी शाखा के अधिकारी के नम्बर थे। जिससे फोन पर बात करने पर उसने बात करने से इंकार करते हुए हस्ताक्षर प्रमाणित करने के कोई नियम नहीं होकर मना कर दिया। तत्पश्चात् कैश काउन्टर पर उच्चाधिकारियों के नम्बर पूछने पर नम्बर नहीं होना बता कर मना कर दिया और बताया कि इन्टरनेट पर नम्बर ढूंढ कर बात कर लो। शाखा प्रबन्धक द्वारा बचत खाते में न्यूनतम बैलेंस नहीं होना बताया जबकि खाताधारक गौतमलाल मीणा के खाते में 2500/- रूपये की राशि मौजूद थी।

सहकार भारती के जिलाध्यक्ष राजेश चित्तौड़ा, महामंत्री गोपाल पालीवाल, जिला मंत्री उमेश जोशी ने भारतीय स्टेट बैंक की शाखा में किसानों के साथ किये जा रहे दुर्व्यहार की कड़े शब्दों में निन्दा करते हुए कहा कि यदि शाखा के अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा किसानों के साथ दुर्व्यहार जारी रहा और यदि किसानों को अनावश्यक चक्कर कटवाये या उन्हें रोजगार हेतु हस्ताक्षर प्रमाणित एवं अन्य कार्यों के लिये मना किया गया तो सहकार भारती द्वारा जिलाधीश महोदय को ज्ञापन सौंपकर शाखा प्रबन्धक एवं कर्मचारियों के खिलाफ कार्यवाही करने का आग्रह किया जाएगा एवं बैंक के उच्च अधिकारियों को इस हेतु शिकायत पत्र सौंपा जाएगा।

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