बारीघाट को कचरा मुक्त कर किया स्वच्छ
झील किनारे घाटो के सुधार, सौदर्यीकरण में घटिया निर्माण सामग्री लेकर काम चलाऊ निर्माण हुआ है। यह जनता के धन का दुरुपयोग है।

झील किनारे घाटो के सुधार, सौदर्यीकरण में घटिया निर्माण सामग्री लेकर काम चलाऊ निर्माण हुआ है। यह जनता के धन का दुरुपयोग है।
झील मित्र संस्थान , झील संरक्षण समिति तथा डॉ मोहन सिंह मेहता मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा रविवार को झील स्वच्छता संवाद कार्यक्रम में घटिया निर्माण पर दुःख व्यक्त करते हुए डॉ अनिल मेहता, तेज शंकर पालीवाल व नन्द किशोर शर्मा ने जिला कलेक्टर को इस पर ध्यान देने का आग्रह किया।
झील प्रेमियों ने कहा कि जिला कलेक्टर घटिया कार्य का निष्पक्ष स्वतंत्र तकनिकी ऑडिट करवाये।
इस अवसर पर श्रमदान कर बारीघाट को पूर्णतः कचरा मुक्त किया गया। श्रमदान में रमेश चन्द्र राजपूत ,रामलाल गेहलोत,कुलदीपक पालीवाल,दीपेश स्वर्णकार,प्रताप सिंह राठोड,गोपाल कुमावत,कृति संस्थान के कमलेश पुरोहित,दुर्गा शंकर पुरोहित,तेज शंकर पालीवाल, डॉ अनिल मेहता,नन्द किशोर शर्मा ने तीन घंटे की कड़ी मेहनत कर बारीघाट झील क्षेत्र से प्लास्टीक , पोलिथिन,हवन पूजन सामग्री,घरेलू कचरा, संड़ांध से भरे थेले, शराब की बोतले,जलीय घास को निकला।
बारीघाट की सीढ़ियों पर जमी गन्दगी ,मिटटी, कीचड़ से से भरे थेले ,पुराने सड़े गले कपडे, व काँटों भरे पौधे, पत्थरो को हटा घाट को स्वच्छ किया।
