सोलर पैनल खरीदने से पहले हो जाएं सावधान ! ऐसे करें नकली और असली की पहचान ?
Udaipur Times, How to identify Poor-quality Solar Panels : देश में तेजी से बढ़ती सोलर एनर्जी की मांग के साथ नकली और घटिया गुणवत्ता वाले सोलर पैनलों का कारोबार भी तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में अगर आप घर, दुकान या फैक्ट्री के लिए सोलर पैनल लगाने की योजना बना रहे हैं, तो खरीदारी से पहले कुछ जरूरी बातों की जांच करना बेहद जरूरी है। थोड़ी सी लापरवाही आपको लंबे समय में बड़ा आर्थिक नुकसान पहुंचा सकती है।
सबसे पहले देखें सर्टिफिकेशन
असली सोलर पैनल पर BIS (Bureau of Indian Standards) और IEC 61215 व IEC 61730 जैसे अंतरराष्ट्रीय सर्टिफिकेशन होते हैं। ये प्रमाणित करते हैं कि पैनल गर्मी, बारिश, तेज हवा और धूल जैसी परिस्थितियों में सुरक्षित और टिकाऊ हैं। अगर विक्रेता सर्टिफिकेट दिखाने से बचता है या यह कहे कि इसकी जरूरत नहीं है, तो ऐसे पैनल खरीदने से बचना चाहिए।
बहुत सस्ती कीमत हो सकती है खतरे की घंटी
अगर कोई कंपनी या विक्रेता बाजार से काफी कम कीमत पर सोलर पैनल देने का दावा कर रहा है, तो सतर्क हो जाएं। अच्छी तकनीक और लंबे समय तक चलने वाले सोलर पैनल की कीमत एक तय स्तर से नीचे नहीं होती। बहुत कम कीमत वाले पैनल अक्सर घटिया सामग्री से बनाए जाते हैं और जल्दी खराब हो जाते हैं।
पैनल की गुणवत्ता भी जांचें
खरीदने से पहले पैनल का ग्लास, फ्रेम और वायरिंग ध्यान से देखें। अगर फ्रेम कमजोर है, ग्लास असमान दिखता है या वायरिंग घटिया है, तो ऐसे पैनल जल्दी खराब हो सकते हैं।
सस्ते और घटिया गुणवत्ता वाले सोलर पैनलों में माइक्रोक्रैक (Microcracks) की समस्या भी देखने को मिलती है। ये बेहद बारीक दरारें होती हैं, जो सामान्य तौर पर आंखों से दिखाई नहीं देतीं। समय के साथ इन दरारों की वजह से पैनल की बिजली उत्पादन क्षमता कम होने लगती है। इतना ही नहीं, माइक्रोक्रैक के कारण पैनल में हॉटस्पॉट (Hotspots) बन जाते हैं, जिससे पूरा सोलर सिस्टम क्षतिग्रस्त हो सकता है। कई मामलों में इससे आग लगने का खतरा भी बढ़ जाता है। इसलिए सोलर पैनल खरीदते समय उसकी गुणवत्ता और निर्माण की अच्छी तरह जांच करना बेहद जरूरी है।
लिखित वारंटी जरूर लें
ब्रांडेड सोलर पैनल पर आमतौर पर 10 से 12 साल की प्रोडक्ट वारंटी और 25 साल तक की परफॉर्मेंस वारंटी मिलती है। अगर विक्रेता केवल मौखिक भरोसा दे रहा है और लिखित वारंटी नहीं देता, तो ऐसे उत्पाद से बचना चाहिए।
आफ्टर सेल्स सर्विस भी है जरूरी
विश्वसनीय कंपनियां इंस्टॉलेशन के बाद मेंटेनेंस और सर्विस भी उपलब्ध कराती हैं। खरीदारी से पहले यह जरूर जांच लें कि कंपनी का सर्विस सेंटर और ग्राहक सहायता उपलब्ध है या नहीं। अगर विक्रेता के पास न सर्विस टीम है और न ही कोई स्थायी कार्यालय, तो ऐसे विक्रेता से खरीदारी करने से बचें।
ऐसे करें सही पहचान
BIS और IEC सर्टिफिकेट जरूर जांचें।
कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट और ग्राहक रिव्यू देखें।
उसी कंपनी के पुराने ग्राहकों से फीडबैक लें।
हमेशा अधिकृत डीलर या भरोसेमंद कंपनी से ही खरीदें।
केवल कम कीमत देखकर फैसला न करें।
विशेषज्ञों के अनुसार, ब्रांडेड सोलर पैनल की शुरुआती कीमत भले थोड़ी अधिक हो, लेकिन उनकी उम्र 20 से 25 साल तक होती है। वहीं नकली या घटिया पैनल अक्सर 2 से 5 साल के भीतर ही खराब होने लगते हैं। ऐसे में शुरुआत में थोड़ी बचत के चक्कर में बाद में मरम्मत या नया सिस्टम लगाने पर कहीं ज्यादा खर्च करना पड़ सकता है। इसलिए सोलर पैनल खरीदते समय कीमत से ज्यादा उसकी गुणवत्ता, सर्टिफिकेशन और वारंटी पर ध्यान देना ही समझदारी है।
