JEE पास कर बनी प्रोजेक्ट मैनेजर ! 5 साल कड़ी मेहनत के बाद UPSC क्रैक कर IPS बन गई सृष्टि गुप्ता
IPS Srishti Gupta's Success Story: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा देश की सबसे कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में गिनी जाती है। हर साल लाखों अभ्यर्थी इस परीक्षा में शामिल होते हैं, लेकिन सफलता कुछ ही उम्मीदवारों को मिलती है। ऐसे में कई उम्मीदवारों की संघर्ष और सफलता की कहानियां दूसरों के लिए प्रेरणा बन जाती हैं। ऐसी ही एक कहानी हरियाणा कैडर की IPS अधिकारी सृष्टि गुप्ता (IPS Officer Srishti Gupta) की है जिन्होंने JEE पास करने से लेकर कॉर्पोरेट नौकरी करने और फिर पांच साल की मेहनत के बाद UPSC में सफलता हासिल करने तक का लंबा सफर तय किया।
इन दिनों सृष्टि गुप्ता उस समय चर्चा में आईं, जब पंचकूला में डीएसपी के रूप में उन्होंने हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) के नाम से चल रही एक फर्जी वेबसाइट का भंडाफोड़ कराया। उनकी निगरानी में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और फर्जी वेबसाइट को बंद कराया गया।

स्कूल से ही थीं मेधावी छात्रा
सृष्टि गुप्ता (IPS Officer Srishti Gupta) ने अपनी स्कूली शिक्षा दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS), वसंत कुंज से पूरी की। पढ़ाई में हमेशा अव्वल रहने वाली सृष्टि को वर्ष 2011 में गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया। इसके बाद उन्होंने 2012 में JEE परीक्षा पास की और दिल्ली कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (अब दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी - DTU) में सिविल इंजीनियरिंग में दाखिला लिया। इंजीनियरिंग के दौरान उन्होंने सभी सेमेस्टर में डिस्टिंक्शन हासिल की।
कॉलेज में भी मिली बड़ी उपलब्धि
शानदार शैक्षणिक प्रदर्शन के चलते सृष्टि गुप्ता को साल 2012 में OP Jindal Engineering and Management Scholarship (OPJEMS) भी मिली। इंजीनियरिंग पूरी करने के बाद उन्होंने नोएडा की एक कंपनी में इंटर्नशिप की और फिर दिल्ली स्थित Sima Labs में करीब सात महीने तक प्रोजेक्ट मैनेजर के रूप में काम किया।

नौकरी छोड़ चुना UPSC का रास्ता
कॉर्पोरेट नौकरी के बावजूद सृष्टि का सपना सिविल सेवा में जाने का था। उन्होंने नौकरी छोड़कर UPSC की तैयारी शुरू की। हालांकि उनका सफर आसान नहीं था। लगातार पांच साल तक उन्होंने धैर्य और मेहनत के साथ तैयारी जारी रखी। आखिरकार साल 2020 की UPSC सिविल सेवा परीक्षा में उन्होंने ऑल इंडिया रैंक (AIR) 171 हासिल की और भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के लिए चयनित हुईं।
यमुनानगर से पंचकूला तक का सफर
IPS प्रशिक्षण पूरा करने के बाद सृष्टि गुप्ता (IPS Officer Srishti Gupta) की पहली पोस्टिंग हरियाणा के यमुनानगर में सहायक पुलिस अधीक्षक (ASP) के रूप में हुई। इसके बाद उन्हें पंचकूला में उप पुलिस अधीक्षक (DSP) की जिम्मेदारी सौंपी गई।
अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा, साइबर अपराध और नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई को प्राथमिकता दी है। हाल ही में HSSC के नाम पर चल रही फर्जी वेबसाइट का पर्दाफाश कर उन्होंने एक बार फिर अपनी कार्यशैली की मिसाल पेश की।

युवाओं के लिए प्रेरणा हैं सृष्टि गुप्ता (IPS Officer Srishti Gupta)
सृष्टि गुप्ता की कहानी बताती है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत के साथ धैर्य बनाए रखा जाए, तो सफलता जरूर मिलती है। JEE जैसी कठिन परीक्षा पास करने, कॉर्पोरेट करियर बनाने और फिर पांच साल तक लगातार UPSC की तैयारी कर IPS अधिकारी बनने तक का उनका सफर आज हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुका है।
