जमीन खरीदने से पहले एक बार चेक कर लें मोबाइल पर पुरानी रजिस्ट्री, यहां जाने पूरा प्रोसेस ?

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जमीन खरीदने से पहले एक बार चेक कर लें मोबाइल पर पुरानी रजिस्ट्री, यहां जानिए स्टेप-टू-स्टेप पूरी जानकारी 

Udaipur Times, Land Registry : अगर आप जमीन खरीदने की सोच रहे हैं, तो सिर्फ़ खतौनी (जमीन के अधिकारों का रिकॉर्ड) और कोर्ट केस की स्थिति की ही जांच न करें। क्या ज़मीन पहले ही किसी और को बेची जा चुकी है? क्या इस पर कोई बकाया बैंक लोन है? क्या यह किसी सरकारी पाबंदी के दायरे में आती है? इन पहलुओं की जांच किए बिना जमीन का सौदा करने से आप मुश्किल में पड़ सकते हैं।

अच्छी बात यह है कि उत्तर प्रदेश का स्टांप और रजिस्ट्रेशन विभाग प्रॉपर्टी सर्च, नॉन-एनकंब्रेंस सर्टिफिकेट (भार-मुक्त प्रमाण पत्र) और प्रतिबंधित प्रॉपर्टी से जुड़ी जानकारी जैसी ऑनलाइन सुविधाएँ देता है। खरीदार अपने मोबाइल फ़ोन का इस्तेमाल करके घर बैठे ही उपलब्ध रिकॉर्ड की शुरुआती जांच कर सकते हैं।

मोबाइल से जमीन के रजिस्ट्रेशन की जानकारी कैसे देखें

सबसे पहले, स्टांप और रजिस्ट्रेशन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट https://igrsup.gov.in पर जाएँ।

'Citizen Online Services' सेक्शन में 'Property Search' (e-Search) विकल्प देखें।

प्रॉपर्टी की उपलब्ध जानकारी के आधार पर सर्च करें। सिस्टम आपको नाम, रजिस्ट्रेशन नंबर या खसरा (प्लॉट) नंबर जैसे आधारों का इस्तेमाल करके प्रॉपर्टी रिकॉर्ड खोजने की सुविधा देता है।

उपलब्ध रिकॉर्ड में प्रॉपर्टी से जुड़े रजिस्टर्ड डॉक्यूमेंट्स की जानकारी देखें। ऑनलाइन मिली जानकारी को विक्रेता द्वारा दिए गए पुराने सेल डीड (बिक्री विलेख) से क्रॉस-वेरिफ़ाई करें।

अगर पिछले रजिस्ट्रेशन या किसी अन्य डॉक्यूमेंट को लेकर कोई संदेह हो, तो आप सर्टिफाइड कॉपी के लिए आवेदन कर सकते हैं।

बकाया बैंक लोन की जांच करें

कभी-कभी ज़मीन किसी बैंक या वित्तीय संस्थान के पास गिरवी रखी होती है। सिर्फ़ विक्रेता के दावों पर भरोसा करने के बजाय, नॉन-एनकंब्रेंस सर्टिफिकेट लेने की सुविधा का पता करें। IGRSUP पोर्टल इसके लिए ऑनलाइन आवेदन करने का विकल्प देता है। सर्टिफिकेट और उपलब्ध रिकॉर्ड की जांच करके, आप यह पता लगा सकते हैं कि प्रॉपर्टी पर कोई रजिस्टर्ड देनदारी या दावा तो नहीं है।

प्रतिबंधित प्रॉपर्टी की जांच करें

स्टांप और रजिस्ट्रेशन विभाग का पोर्टल प्रतिबंधित प्रॉपर्टी खोजने का विकल्प भी देता है। ज़मीन खरीदने से पहले, आपको इन रिकॉर्ड्स से प्रॉपर्टी की पहचान और जानकारी को क्रॉस-वेरिफ़ाई करना चाहिए। इससे संबंधित प्रॉपर्टी से जुड़े जोखिमों का शुरुआती आकलन करने में मदद मिल सकती है। 

ध्यान देने वाली बातें

ऑनलाइन रिकॉर्ड में जानकारी न होने का मतलब यह नहीं है कि ज़मीन पूरी तरह से विवाद-मुक्त है। पुराने दस्तावेज़ों, रिकॉर्ड अपडेट की स्थिति और प्रॉपर्टी पर किसी और के दावे की स्वतंत्र रूप से जांच करना ज़रूरी है। सेल डीड (बिक्री विलेख) करने से पहले, संबंधित सब-रजिस्ट्रार ऑफिस से और जरूरत पड़ने पर किसी कानूनी विशेषज्ञ से दस्तावेजों की जांच करवा लें।

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