घर पर सोलर पैनल लगवाने से पहले जान लें इन बड़े नुकसानों के बारें में, वरना बाद में हो सकता है पछतावा
Udaipur Times, Home Solar Power : बिजली के बढ़ते बिलों से राहत पाने के लिए देशभर में लोग तेजी से रूफटॉप सोलर सिस्टम अपना रहे हैं। सोलर पैनल न सिर्फ बिजली का खर्च कम करते हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी अहम भूमिका निभाते हैं। हालांकि, सोलर सिस्टम लगाने से पहले इसके फायदे ही नहीं, बल्कि कुछ बड़े नुकसान और अतिरिक्त खर्चों के बारे में जानना भी जरूरी है। कई बार शुरुआती जानकारी के अभाव में लोग बाद में आर्थिक और तकनीकी परेशानियों का सामना करते हैं।
1. शुरुआत में करना पड़ता है बड़ा निवेश
रूफटॉप सोलर सिस्टम (Rooftop Solar System) लगाने के लिए शुरुआत में अच्छी-खासी रकम खर्च करनी पड़ती है। सिस्टम की क्षमता, ब्रांड और इंस्टॉलेशन के आधार पर इसकी लागत काफी अधिक हो सकती है। अगर बैंक से लोन लेकर सिस्टम लगाया जाए तो ब्याज का अतिरिक्त बोझ भी पड़ता है। ऐसे में बिजली बिल की बचत से इस निवेश की भरपाई होने में कई साल लग सकते हैं।
2. बिजली गुल होने पर हमेशा नहीं मिलेगा सोलर का फायदा
कई लोगों को लगता है कि सोलर पैनल (Solar panel) लगने के बाद बिजली कटने पर भी घर में बिजली मिलती रहेगी, लेकिन ऐसा हर सिस्टम में संभव नहीं होता। अधिकांश ग्रिड-कनेक्टेड सोलर सिस्टम बिजली आपूर्ति बंद होने पर सुरक्षा कारणों से खुद भी बंद हो जाते हैं। यदि बैटरी बैकअप नहीं लगाया गया है, तो ब्लैकआउट के दौरान सोलर सिस्टम भी काम नहीं करेगा।
3. बैटरी और इन्वर्टर बदलने का खर्च अलग
सोलर पैनल की उम्र 25 से 30 साल तक हो सकती है, लेकिन इसके अन्य उपकरण इतनी लंबी अवधि तक नहीं चलते। इन्वर्टर आमतौर पर 5 से 15 साल के बीच बदलना पड़ सकता है। वहीं, यदि बैटरी लगी है तो उसकी क्षमता समय के साथ घटती है और करीब 10 साल बाद उसे भी बदलने की जरूरत पड़ सकती है। इसका अतिरिक्त खर्च पहले से ध्यान में रखना जरूरी है।
4. घर बेचने में आ सकती है परेशानी
यदि सोलर सिस्टम लोन, लीज या पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA) के जरिए लगाया गया है, तो भविष्य में घर बेचते समय दिक्कतें आ सकती हैं। कई मामलों में नए खरीदार को भी उसी अनुबंध को स्वीकार करना पड़ता है। यदि खरीदार ऐसा नहीं चाहता, तो पहले पूरे बकाया का भुगतान करना पड़ सकता है, जिससे आर्थिक बोझ बढ़ सकता है।
5. हर छत पर नहीं लग सकते मनचाहे पैनल (Solar panel)
सिर्फ बड़ी छत होने से अधिक सोलर पैनल (Solar panel) नहीं लगाए जा सकते। स्थानीय नियम, बिजली कनेक्शन की क्षमता और सुरक्षा मानकों के कारण कई बार सीमित संख्या में ही पैनल लगाने की अनुमति मिलती है। कुछ मामलों में मुख्य इलेक्ट्रिकल पैनल को अपग्रेड कराना पड़ता है, जिससे कुल लागत और बढ़ जाती है।
निवेश से पहले करें पूरी योजना
विशेषज्ञों का कहना है कि सोलर सिस्टम लगाने से पहले केवल बिजली बिल में होने वाली बचत ही नहीं, बल्कि बैटरी, इन्वर्टर, रखरखाव, भविष्य के रिप्लेसमेंट और स्थानीय नियमों जैसे सभी पहलुओं का आकलन करना चाहिए। सही योजना और पूरी जानकारी के साथ लगाया गया सोलर सिस्टम लंबे समय में फायदेमंद साबित हो सकता है, जबकि अधूरी जानकारी बाद में अतिरिक्त खर्च और परेशानियों का कारण बन सकती है।
