घर में पेंट करवाने से पहले दीवारों पर जरूर कर लें ये 3 काम, सालों-साल पेंट नहीं होगा खराब
Udaipur Times, Tips for painting your home : अपना घर बनाना हर किसी का सपना होता है। घर बनाते समय हम हर छोटी-बड़ी चीज पर ध्यान देते हैं। चाहे वह छत हो, दीवारें हों या फर्श। लेकिन, अच्छी प्लानिंग के बावजूद गलतियां हो सकती हैं और बाद में हमें उनका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। नया घर बनाते समय खास सावधानी बरतनी चाहिए।
अगर आप अपनी नई दीवारों पर पेंट करवाने की सोच रहे हैं, तो थोड़ा रुक जाएं। पेंटिंग से पहले कुछ जरूरी काम करने होते हैं; वरना बाद में सीलन की समस्या हो सकती है। सीलन धीरे-धीरे दीवारों को अंदर से कमज़ोर कर देती है, जिससे ढाँचे को नुकसान पहुंचने या दीवार गिरने का खतरा रहता है। आइए, नई दीवारों पर पेंट करने से पहले किए जाने वाले तीन जरूरी कामों के बारे में जानते हैं।
नई दीवारों के लिए तीन जरूरी कदम...
1. दीवारों को अच्छी तरह सूखने दें
ताज़े प्लास्टर से नमी पूरी तरह सूख जाने के बाद ही दीवारों पर पेंट करें। नए प्लास्टर में मौजूद नमी को सूखने में समय लगता है। अगर दीवार पूरी तरह सूखे बिना पेंट या पुट्टी लगा दी जाए, तो नमी अंदर ही फंस सकती है। समय के साथ, इससे सीलन, पेंट का झड़ना या उखड़ना जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए, दीवार को पर्याप्त समय तक सूखने दें और पेंटिंग शुरू करने से पहले नमी की जांच कर लें।
2. डैम्प-प्रूफ ट्रीटमेंट करवाएं
आजकल दीवारों के खराब होने का एक बड़ा कारण सीलन है, जो अक्सर बेडरूम में अटैच्ड बाथरूम होने के चलन की वजह से और बढ़ जाती है। बाथरूम की नमी आसानी से बेडरूम की दीवारों में पहुंच सकती है। सीलन न केवल दीवारों को कमज़ोर करती है, बल्कि दीमक को भी आकर्षित करती है। दीवारों को सीलन से बचाने के लिए अब कई तरह के ट्रीटमेंट उपलब्ध हैं; डैम्प-प्रूफ ट्रीटमेंट करवाने से इस समस्या को प्रभावी ढंग से रोका जा सकता है।
3. प्राइमर और सीलर की सही कोटिंग लगाएँ
पेंटिंग से पहले प्राइमर और सीलर की एक परत लगाना बहुत ज़रूरी है, इसलिए इसे ज़रूर करवाएं। इसे लगाने से अच्छी फ़िनिश मिलती है और सीलन को प्रभावी ढंग से रोका जा सकता है। यह कोटिंग दीवारों की नमी को सुखाने और सीलन को दूर रखने में मदद करती है।
ध्यान देंने वाली बात
ये दीवारों को सीलन से बचाने के कुछ ही तरीके हैं, लेकिन और भी विकल्प उपलब्ध हैं। आप इन तरीकों के बारे में अपने बिल्डर या कॉन्ट्रैक्टर से सलाह ले सकते हैं और अपनी जरूरतों के हिसाब से सबसे सही तरीका चुन सकते हैं।