छोटे से गांव की बेटी भानवी ने रचा इतिहास, दादा के नक्से कदम पर चलकर बनी सेना में लेफ्टिनेंट

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छोटे से गांव की बेटी भानवी ने रचा इतिहास, दादा के नक्से कदम पर चलकर बनी सेना में लेफ्टिनेंट  

Udaipur Times, Bhanvi Shekhawat Success Story : अगर मेहनत सच्ची हो ओर इरादे नेक हो तो जीवन में कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है। जो लोग मेहनत की स्याही से अपनि किस्मत लिखते है वो एक न एक दिन सफल जरूर होते है। सपने उन्हीं के सच होते हैं जो इन्हे पूरा करने की हिम्मत रखते है। आज हम बात करने जा रहे है राजस्थान की होनहार बेटी भानवी शेखावत की। भानवी ने अपने दादा के दिखाए रास्ते पर चलकर ये मुकाम हासिल किया है। 

भानवी ने देश के सबसे प्रतिष्ठित सैन्य चिकित्सा संस्थान आर्म्ड फोर्सेज मेडिकल कॉलेज (AFMC), पुणे से अपनी MBBS की पढ़ाई पूरी की है। इसके बाद वे भारतीय सेना की मेडिकल कोर में बतौर लेफ्टिनेंट शामिल हो गई हैं। Bhanvi Shekhawat Success

क्यों मनाया जा रहा है जश्न?

जानकारी के अनुसार भानवी शेखावत मूल रूप से राजस्थान के झुंझुनूं जिले की नवलगढ़ तहसील के गांव जाखल की रहने वाली हैं। लेकिन उनका परिवार पिछले 28 वर्षों से राजस्थान के ही चूरू जिले के राजलदेसर में रह रहा है। इसी वजह से दोनों स्थानों पर जश्न मनाया गया।

ऐसे पाया मुकाम

जानकारी के मुताबिक भानवी के दादा कृष्णवर्धन सिंह शेखावत भारतीय वायु सेना में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। उनके पिता दीपेंद्र सिंह शेखावत और माता रेणु राठौड़ दोनों पेशे से सरकारी शिक्षक हैं। शिक्षक माता-पिता के मार्गदर्शन और वायु सेना के पूर्व सैनिक दादा की प्रेरणा ने भानवी को सफलता की बुलंदियों तक पहुंचाया। Bhanvi Shekhawat Success

गांव की माटी से सैन्य अफसर

भानवी का बचपन चूरू जिले के राजलदेसर में बीता। उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई राजलदेसर के आदर्श विद्या मंदिर से पूरी की। इसके बाद उन्होंने भरतिया इंटरनेशनल स्कूल, राजलदेसर से अपनी माध्यमिक शिक्षा प्राप्त की। डॉक्टर और आर्मी अफसर बनने का सपना पूरा करने के लिए उन्होंने राजस्थान के सीकर स्थित कोचिंग इंस्टीट्यूट से नीट (NEET) की तैयारी के लिए कोर्स किया।

जानकारी के अनुसार वर्ष 2021 में भानवी ने कठिन मेहनत के बल पर NEET की परीक्षा पास की वर्ष 2022 में नीट स्कोर के आधार पर उनका चयन देश के सर्वोच्च मेडिकल कॉलेजों में से एक AFMC, पुणे में हुआ। वर्ष 2026 में चार साल का कठिन MBBS कोर्स सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद वे भारतीय सेना की मेडिकल कोर में अफसर बन गईं। Bhanvi Shekhawat Success

पहली इंटर्नशिप

मिली जानकारी के मुताबीक लेफ्टिनेंट बनने के बाद भानवी शेखावत को उनकी पहली पोस्टिंग और ट्रेनिंग के लिए इस्टर्न कमांड अस्पताल, कोलकाता में भेजा गया है। वहां वे अपनी इंटर्नशिप पूरी करेंगी और सैन्य चिकित्सा सेवा की विशेष बारीकियां सीखेंगी।

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