हरियाणा में CBI की बड़ी कार्रवाई ! IAS अधिकारी को किया गिरफ्तार, जाने वजह ?

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हरियाणा में CBI की बड़ी कार्रवाई ! IAS अधिकारी को किया गिरफ्तार, जाने वजह ?

Udaipur Times, Haryana News : हरियाणा से बड़ी खबर सामने आ रही है। सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने IAS अधिकारी श्री राम कुमार सिंह को गिरफ़्तार किया है। वे उस समय पंचकूला नगर निगम (MC) के कमिश्नर थे। मिली जानकारी के अनुसार यह गिरफ़्तारी IDFC फर्स्ट बैंक की चंडीगढ़ सेक्टर-32 ब्रांच में मौजूद MC पंचकूला के अकाउंट से सरकारी फंड के गलत इस्तेमाल के मामले में की गई है।

जानकारी के अनुसार जांच से पता चला है कि यह अकाउंट हरियाणा सरकार के वित्त विभाग के मौजूदा नियमों का उल्लंघन करके खोला गया था। अकाउंट खोलने के फ़ॉर्म में जानकारी इस तरह भरी गई थी ताकि बाद में किए जाने वाले धोखाधड़ी वाले लेन-देन को छिपाया जा सके। IDFC फर्स्ट बैंक के आरोपी अधिकारियों के साथ मिलीभगत करके, MC पंचकूला के कमिश्नर IAS श्री RK सिंह ने बिचौलियों के ज़रिए बैंक अधिकारियों को कई साइन किए हुए चेक दिए। Haryana News

ये चेक फ़िक्स्ड डिपॉज़िट (FD) खोलने के नाम पर दिए गए थे। इन चेकों का इस्तेमाल करके पैसे निकाल लिए गए, लेकिन कोई FD नहीं बनाई गई। निकाली गई रकम को उन शेल कंपनियों (फर्जी कंपनियों) में भेज दिया गया जिन्हें आरोपी बैंक अधिकारी ही कंट्रोल और ऑपरेट करते थे। Haryana News

यह धोखाधड़ी MC पंचकूला के तत्कालीन कमिश्नर और सीनियर अकाउंटेंट की जानकारी और सक्रिय भागीदारी से की गई थी। सीनियर अकाउंटेंट को CBI पहले ही इस मामले में गिरफ़्तार कर चुकी है। अब तक की जांच में IAS श्री RK सिंह की सक्रिय भूमिका सामने आई है और उन्हें आज गिरफ़्तार कर लिया गया है। चंडीगढ़ और करनाल में उनके घरों की तलाशी भी ली गई है और कई अहम दस्तावेज़ बरामद किए गए हैं। Haryana News

याद दिला दें कि राज्य सरकार के अनुरोध पर CBI ने हरियाणा के स्टेट विजिलेंस एंड एंटी-करप्शन ब्यूरो से इस मामले की जांच अपने हाथ में ली थी। MC पंचकूला में हुई धोखाधड़ी में लगभग ₹79.46 करोड़ का गलत इस्तेमाल हुआ था। यह IDFC फर्स्ट बैंक की सेक्टर-32 ब्रांच में हुए एक बड़े घोटाले का हिस्सा था, जिसमें हरियाणा सरकार के 8 विभागों के ₹504 करोड़ फ़र्ज़ी/नकली FD/डेबिट नोट के ज़रिए निकाल लिए गए और शेल कंपनियों में भेज दिए गए। Haryana News

इस हरियाणा मामले में CBI ने अब तक 17 आरोपियों के ख़िलाफ़ चार्जशीट दाखिल की है, जिनमें IDFC फर्स्ट बैंक/AU स्मॉल फ़ाइनेंस बैंक के 6 बैंक अधिकारी, हरियाणा सरकार के 3 सरकारी कर्मचारी, 2 कंपनियाँ और 6 प्राइवेट व्यक्ति शामिल हैं। यह भी याद दिलाया जा सकता है कि CBI ने चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश से 2 और मामले अपने हाथ में लिए हैं – एक मामला चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी (CSCL)/चंडीगढ़ नगर निगम से जुड़ा है और दूसरा CREST चंडीगढ़ से। Haryana News

CBI ने इन मामलों में एक-एक चार्जशीट भी दाखिल की है। CBI ने CSCL मामले में 5 बैंकरों, 1 CSCL अधिकारी और 1 प्राइवेट व्यक्ति के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है; और CREST मामले में 5 बैंकरों, 2 CREST अधिकारियों, 4 प्राइवेट व्यक्तियों और 2 कंपनियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। इसके अलावा, CREST मामले में एक सीनियर IFoS अधिकारी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। Haryana News

CBI सभी जिम्मेदार लोगों को सजा दिलाने और गलत तरीके से इस्तेमाल किए गए सरकारी फंड का पूरा पता लगाने के लिए प्रतिबद्ध है।

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