हरियाणा सरकार का बड़ा ऐलान ! इन 5 हजार कर्मचारियों को करेगी पक्का
Udaipur Times, Haryana News : हरियाणा से बड़ी खबर सामने आ रही है। सुप्रीम कोर्ट के 16 अप्रैल 2026 के आदेश के बाद हरियाणा में 2014 की नियमितीकरण नीतियों के तहत पात्र तकरीबन 5 हजार संविदा कर्मचारियों पर लटकी छंटनी की तलवार हट गई है।
अब नियम-शर्ते पूरी करने वाले कर्मचारियों को नियमित करने का रास्ता खुल गया है। मानव संसाधन विभाग ने सभी विभागों को ऐसे कर्मचारियों की पहचान कर पात्रता जांचने और शर्तें पूरी होने पर नियमितीकरण के आदेश जारी करने के निर्देश दिए हैं।
भूपेंद्र सिंह हुड्डा सरकार के कार्यकाल में 16 जून और 18 जून 2014 की नियमितीकरण नीतियों के तहत संविदा कर्मचारियों को नियमित किया जाना था। इसकी प्रक्रिया भी शुरू हो गई थी लेकिन विधानसभा चुनाव के कारण प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। इसके बाद इन कर्मचारियों पर छंटनी की तलवार लटक गई थी। अब सुप्रीम कोर्ट से इन दोनों नीतियों को वैध ठहराने के बाद सरकार ने इनके पात्र कर्मचारियों के मामलों की जांच के निर्देश दिए हैं।
तीन साल की सेवा मुख्य शर्त
16 जून 2014 की नीति के तहत सरकारी स्वीकृत एजेंसी के माध्यम से नियुक्त ग्रुप-बी कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। 18 जून 2014 की नीति में ग्रुप-सी और डी के कर्मचारियों को भी शामिल किया गया है। इन कर्मचारियों के लिए शर्त है कि 28 मई 2014 तक स्वीकृत रिक्त पद पर कम से कम तीन साल की सेवा पूरी की हो, आवश्यक योग्यता और अब भी सेवा में हो। इसके अलावा 1997, 1999, 2003 और 2004 की नियमितीकरण नीतियों के तहत प्रशासनिक कारणों से नियमित नहीं हो सके पात्र ग्रुप-सी और डी कर्मचारियों के मामलों पर भी विचार किया जाएगा।
7 जुलाई की नीति रद्द, पुराने लाभार्थियों को राहत
सुप्रीम कोर्ट ने 7 जुलाई 2014 की ग्रुप-बी, सी व डी की नियमितीकरण नीतियों को अवैध ठहराया है। प्रदेश सरकार ने इन्हें रद्द कर दिया और अब नए मामले नहीं लिए जाएंगे। हालांकि अभी सेवा में बने कर्मियों को हटाया नहीं जाएगा। उन्हें संबंधित पद के न्यूनतम वेतनमान में रखा जाएगा।
सरकार ने 2020 और 2024 में जारी कुछ बाद के नियमितीकरण संबंधी निर्देश भी वापस ले लिए हैं। पात्र कर्मचारियों को नियमितीकरण के साथ पदोन्नति समेत अन्य सेवा लाभ पात्रता की तारीख से देने का निर्णय लिया गया है। विभागों को प्रक्रिया समय से पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
अब सरकार को बनानी होगी नियमितीकरण नीति : लांबा
अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा ने कहा, सुप्रीम कोर्ट के फैसले से करीब पांच हजार संविदा कर्मियों पर लटक रही छंटनी की तलवार हट गई है। सरकार पर अब नीति बनाने का दबाव बनेगा क्योंकि अभी तक सरकार सुप्रीम कोर्ट का बहाना बना कर बचती आ रही थी।
शिक्षा-स्वास्थ्य विभाग में हैं आधे कर्मचारी
विभाग संख्या
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आईटीआई के इंस्ट्रक्टर 1,000
मल्टीपर्पज हेल्थ वर्कर 900
कॉलेजों के अनुबंधित शिक्षक 400
ईएसआई 300
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग 80
रोजगार कार्यालय 35-40
मंडी बोर्ड 12
नोट : ये आंकड़े अनुमानित हैं। विभागीय सर्वे के बाद कर्मचारियों की वास्तविक संख्या स्पष्ट होगी।
