सोलर लगवाने की प्रक्रिया में हुआ बड़ा बदलाव ! जाने अब किस आधार पर मिलेगी सब्सिडी ?

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सोलर लगवाने की प्रक्रिया में हुआ बड़ा बदलाव ! जाने अब किस आधार पर मिलेगी सब्सिडी ?

Udaipur Times, Solar Panel : देश में घरों की छत पर सोलर पैनल लगाने का चलन तेजी से बढ़ रहा है। बिजली का बिल कम करने और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार की पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत घरेलू सोलर सिस्टम लगाने पर सब्सिडी दी जाती है। फिलहाल यह सहायता मुख्य रूप से सोलर सिस्टम की क्षमता यानी किलोवाट के आधार पर तय होती है।

अब सरकार इस व्यवस्था में बदलाव करने पर विचार कर रही है। प्रस्तावित मॉडल में सिर्फ सोलर पैनल की क्षमता ही नहीं, बल्कि परिवार की आय, सिस्टम का प्रदर्शन, बिजली उत्पादन और उसके रखरखाव जैसे पहलुओं को भी ध्यान में रखा जा सकता है। हालांकि, यह बदलाव अभी प्रस्ताव के स्तर पर है और मौजूदा सब्सिडी नियमों में फिलहाल कोई बदलाव लागू नहीं हुआ है।

कम आय वाले परिवारों को मिल सकती है ज्यादा मदद

प्रस्तावित व्यवस्था में परिवार की आर्थिक स्थिति को भी सब्सिडी से जोड़ने पर विचार किया जा सकता है। अगर किसी परिवार की आय कम है, तो उसे सोलर सिस्टम लगाने के लिए ज्यादा आर्थिक सहायता मिलने की संभावना हो सकती है।

वहीं, अपेक्षाकृत अधिक आय वाले परिवारों के लिए सरकारी सहायता कम रखी जा सकती है। इसका उद्देश्य सीमित सरकारी सहायता को उन परिवारों तक ज्यादा पहुंचाना हो सकता है, जिन्हें सोलर सिस्टम लगाने में आर्थिक मदद की अधिक जरूरत है।

सोलर पैनल कितना अच्छे  प्रदर्शन पर भी होगी नज़र

नए मॉडल में सोलर सिस्टम की क्षमता के साथ उसके वास्तविक प्रदर्शन पर भी ध्यान दिया जा सकता है। यानी पैनल कितनी बिजली पैदा कर रहा है और कितने समय तक बेहतर तरीके से काम कर रहा है, जैसे पहलुओं को सब्सिडी तय करने में शामिल किया जा सकता है।

इसके अलावा सिस्टम की देखभाल और रखरखाव की स्थिति को भी महत्व दिया जा सकता है। इससे केवल पैनल लगवाने के बजाय लंबे समय तक उसका सही इस्तेमाल सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा सकेगा।

इन बातों के आधार पर बदल सकता है सब्सिडी का मॉडल

प्रस्तावित बदलाव के तहत सरकार कई पहलुओं को ध्यान में रख सकती है, जैसे:

1 परिवार की आय और आर्थिक स्थिति
2 सोलर सिस्टम की क्षमता
3 सिस्टम से होने वाला वास्तविक बिजली उत्पादन
4 सोलर पैनल कितने समय तक बेहतर तरीके से काम कर रहा है
5 सिस्टम का रखरखाव और प्रदर्शन
6 बैटरी और ग्रिड से जुड़ी व्यवस्था

यानी भविष्य में सब्सिडी केवल इस आधार पर नहीं होगी कि घर पर कितने किलोवाट का सोलर सिस्टम लगाया गया है, बल्कि सिस्टम की उपयोगिता और परिवार की जरूरत को भी महत्व दिया जा सकता है।

अभी तक  लागू नहीं हुए हैं नए नियम

यहां यह समझना जरूरी है कि सरकार ने अभी सब्सिडी के मौजूदा नियमों को बदला नहीं है। आय और सोलर सिस्टम के प्रदर्शन के आधार पर सहायता देने की बात फिलहाल प्रस्तावित बदलाव के तौर पर सामने आई है।

जब तक नए नियमों को आधिकारिक रूप से मंजूरी नहीं मिलती, तब तक पीएम सूर्य घर योजना के तहत सब्सिडी मौजूदा व्यवस्था के अनुसार ही दी जाएगी।

जाने अभी कितनी मिलती है सब्सिडी?

मौजूदा व्यवस्था के तहत घरेलू सोलर सिस्टम लगाने पर केंद्र सरकार की ओर से अधिकतम रू78,000 तक की केंद्रीय वित्तीय सहायता मिलती है। क्षमता के हिसाब से इसे इस तरह समझा जा सकता है:

सोलर सिस्टम की क्षमता

केंद्रीय सब्सिडी

1 किलोवाट रु30,000
2 किलोवाटरु60,000 और
3 किलोवाट या उससे अधिक रु78,000 तककी सब्सिडी

इसका मतलब है कि अगर कोई घरेलू उपभोक्ता 3 किलोवाट या उससे ज्यादा क्षमता का पात्र रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाता है, तो मौजूदा केंद्रीय सहायता के तहत अधिकतम रु78 हजार तक का लाभ मिल सकता है।

बदलाव लागू हुआ तो क्या होगा प्रभाव ?

अगर प्रस्तावित मॉडल को मंजूरी मिलती है, तो सोलर सब्सिडी की व्यवस्था पहले की तुलना में अधिक लक्षित और प्रदर्शन आधारित हो सकती है। कम आय वाले परिवारों को ज्यादा मदद मिलने से उनके लिए रूफटॉप सोलर लगाना आसान हो सकता है।

साथ ही सोलर सिस्टम की वास्तविक बिजली उत्पादन क्षमता और लंबे समय तक बेहतर प्रदर्शन पर जोर देने से सरकार का उद्देश्य केवल ज्यादा से ज्यादा सिस्टम लगाना नहीं, बल्कि सोलर ऊर्जा का प्रभावी और लंबे समय तक इस्तेमाल सुनिश्चित करना भी हो सकता है। आपको बतादें  की  रु78,000 तक की सब्सिडी और 1, 2 तथा 3 किलोवाट की मौजूदा दरें वर्तमान केंद्रीय सहायता व्यवस्था से संबंधित हैं। आय या प्रदर्शन के आधार पर नई सब्सिडी व्यवस्था को अभी लागू नियम नहीं माना जाना चाहिए।

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