हरियाणा में पानी बिल को लेकर बड़ा बदलाव ! अब सिर्फ लागत नहीं प्लॉट के हिसाब से आएगा नया बिल

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हरियाणा में पानी बिल को लेकर बड़ा बदलाव ! अब सिर्फ लागत नहीं प्लॉट के हिसाब से आएगा नया बिल 

Udaipur Times, Haryana Water Bill New Rules : हरियाणा के शहरी इलाकों में पानी के बिल को लेकर बड़ा बदलाव होने जा रहा है। नई व्यवस्था में पानी का बिल सिर्फ इस बात पर निर्भर नहीं करेगा कि आपने कितने किलोलीटर पानी इस्तेमाल किया है, बल्कि कई मामलों में प्लॉट का आकार और पानी का मीटर लगा होना या नहीं होना भी बिल तय करने का आधार बनेगा। सरकार ने पानी और सीवरेज की नई दरों को लेकर अधिसूचना जारी कर दी है। नई दरें 18 फरवरी 2027 से लागू होंगी।

नई व्यवस्था के तहत मीटर वाले घरेलू कनेक्शनों में पानी की खपत के हिसाब से अलग-अलग स्लैब बनाए गए हैं। वहीं, बिना मीटर वाले मकानों में प्लॉट के आकार के आधार पर हर महीने पानी का शुल्क निर्धारित किया जाएगा। इसके अलावा पानी की दरों में हर साल 5 फीसदी की बढ़ोतरी का भी प्रावधान किया गया है।

18 फरवरी 2027 से लागू होंगी नई दरें

हरियाणा के शहरी निकाय विभाग की ओर से 18 अगस्त 2026 को पानी की बढ़ी हुई दरों को लेकर अधिसूचना जारी की गई है। हालांकि, इन नई दरों का तत्काल असर नहीं होगा। सरकार के आदेश के मुताबिक नई व्यवस्था 18 फरवरी 2027 से लागू मानी जाएगी।इसका मतलब है कि उपभोक्ताओं के पास नई दरें लागू होने से पहले अपनी पानी की खपत और कनेक्शन से जुड़ी जानकारी को समझने का समय है। खास तौर पर जिन घरों में अभी पानी का मीटर नहीं लगा है, उन्हें नई व्यवस्था का सीधा असर अपने बिल पर देखने को मिल सकता है।

अगर आपके घर मीटर लगा है तो जाने कितनी होगी पानी की दर 

मीटरयुक्त घरेलू कनेक्शन में पानी का बिल वास्तविक खपत के आधार पर तय होगा। खपत बढ़ने के साथ पानी की प्रति किलोलीटर दर भी बढ़ती जाएगी।

नई व्यवस्था के अनुसार घरेलू मीटर वाले कनेक्शन के लिए दरें इस तरह होंगी:

10 किलोलीटर तक: रू3 प्रति किलोलीटर
10 से 20 किलोलीटर: रू6 प्रति किलोलीटर
20 से 30 किलोलीटर: रू9.50 प्रति किलोलीटर
30 किलोलीटर से ज्यादा: रू12 प्रति किलोलीटर

यानी जितना ज्यादा पानी इस्तेमाल होगा, बिल पर उतना ही अधिक शुल्क लगेगा। सरकार का उद्देश्य पानी की खपत को नियंत्रित करना और लोगों को पानी बचाने के लिए प्रोत्साहित करना भी माना जा रहा है।

500 वर्ग गज तक के प्लॉट वालों को मिल सकती है राहत

नई व्यवस्था में छोटे प्लॉट वाले परिवारों के लिए कुछ राहत का प्रावधान भी किया गया है। 500 वर्ग गज तक के प्लॉट वाले परिवारों को मीटरयुक्त कनेक्शन पर छूट मिलेगी।

इसलिए जिन घरों में पानी का मीटर लगा हुआ है, उनके लिए नई व्यवस्था अपेक्षाकृत अधिक स्पष्ट होगी। वहीं बिना मीटर वाले कनेक्शन में पानी की खपत के बजाय प्लॉट के आकार को आधार बनाया जाएगा।

बिना मीटर वाले मकानों में प्लॉट के साइज से तय होगा बिल

नई व्यवस्था का सबसे बड़ा बदलाव बिना मीटर वाले घरेलू कनेक्शनों को लेकर है। ऐसे मकानों में पानी के बिल के लिए वास्तविक खपत को आधार नहीं बनाया जाएगा। इसके बजाय प्लॉट के आकार के हिसाब से मासिक शुल्क तय होगा।

अतिरिक्त क्षेत्र के हिसाब से अतिरिक्त शुल्क

200 वर्ग मीटर से बड़े प्लॉट पर प्रत्येक अतिरिक्त 100 वर्ग मीटर के लिए ₹700 तक अतिरिक्त शुल्क लिया जा सकता है।

इसका सीधा मतलब है कि बिना मीटर वाले मकान में दो परिवारों की पानी की खपत लगभग समान होने के बावजूद उनके प्लॉट का आकार अलग होने पर पानी का बिल अलग हो सकता है।

सीवरेज का चार्ज भी  होगा लागू 

पानी के बिल के साथ उपभोक्ताओं पर सीवरेज का अतिरिक्त शुल्क भी लगाया जाएगा। नई व्यवस्था के अनुसार पानी के कुल बिल का 25 प्रतिशत सीवरेज चार्ज के रूप में लिया जाएगा।यानी अगर किसी उपभोक्ता का पानी का बिल ₹500 बनता है तो इसके ऊपर सीवरेज शुल्क भी जुड़ सकता है। इससे कुल भुगतान पानी के मूल शुल्क से अधिक हो जाएगा।

हर साल 5 फीसदी बढ़ेंगी पानी की दरें

नई व्यवस्था में सिर्फ मौजूदा दरों में बदलाव ही नहीं किया गया है, बल्कि भविष्य में भी पानी महंगा होने का प्रावधान रखा गया है। सरकार के मुताबिक पानी की दरों में हर साल 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी प्रस्तावित है।इसका असर आने वाले वर्षों में उपभोक्ताओं के मासिक बजट पर पड़ सकता है। खासतौर पर बड़े परिवार और ज्यादा पानी इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं को बढ़ी हुई दरों के कारण ज्यादा भुगतान करना पड़ सकता है।

घरेलू कनेक्शन का कमर्शियल इस्तेमाल किया तो जुर्माना। सरकार ने घरेलू पानी के कनेक्शन के गलत इस्तेमाल को लेकर भी सख्ती की है। अगर कोई व्यक्ति घरेलू कनेक्शन का इस्तेमाल व्यावसायिक गतिविधियों के लिए करता पाया जाता है तो उस पर रू500 का जुर्माना लगाया जा सकता है।

वहीं, जिन कनेक्शनों में पानी का मीटर लगा है, लेकिन नोटिस दिए जाने के बाद भी दो महीने से ज्यादा समय तक मीटर काम नहीं करता, ऐसे मामलों में भी विभाग की ओर से निर्धारित नियमों के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।

गांवों में भी लागू होंगी पानी और सीवरेज की दरें

नई दरों का दायरा सिर्फ शहरों तक सीमित नहीं रहेगा। नगर निकायों में शामिल गांवों में भी पानी और सीवरेज की यही दरें लागू की जाएंगी।इससे उन गांवों के उपभोक्ताओं पर भी नई व्यवस्था का असर पड़ेगा जो शहरी निकायों के दायरे में आते हैं।

दुकानों और उद्योगों के लिए पानी ऒर भी होगा  महंगा

घरेलू कनेक्शनों के अलावा संस्थानों, औद्योगिक इकाइयों और व्यावसायिक मीटरयुक्त जलापूर्ति के लिए भी अलग दरें निर्धारित की गई हैं।

इनके लिए दरें इस प्रकार हैं:

25 किलोलीटर तक: रू20 प्रति किलोलीटर
25 से 50 किलोलीटर: रू25 प्रति किलोलीटर
50 से 100 किलोलीटर: रू30 प्रति किलोलीटर
100 किलोलीटर से ज्यादा: रू35 प्रति किलोलीटर

इस श्रेणी में आने वाले उपभोक्ताओं के लिए पानी की अधिक खपत का सीधा असर बिल पर पड़ेगा।

जाने उपभोक्ताओं को क्या समझना जरूरी है?

नई व्यवस्था में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि मीटर वाले और बिना मीटर वाले घरों के लिए बिलिंग का तरीका अलग होगा। मीटर वाले घरों में पानी की वास्तविक खपत के आधार पर शुल्क लगेगा, जबकि बिना मीटर वाले मकानों में प्लॉट का आकार बिल तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।

इसके साथ ही पानी के बिल पर 25 प्रतिशत सीवरेज चार्ज और हर साल 5 प्रतिशत दर वृद्धि का प्रावधान भी उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण है। नई दरें 18 फरवरी 2027 से लागू होंगी, इसलिए उपभोक्ताओं को अपने कनेक्शन का प्रकार, मीटर की स्थिति और प्लॉट से संबंधित जानकारी पहले से जांच लेना बेहतर होगा।

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