हरियाणा शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला ! इन प्रिंसिपलों पर गिरगी गाज, देखें नया आदेश
Udaipur Times, Haryana News, चंडीगढ़ : हरियाणा स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रिंसिपल (ROH कैडर) के पदों पर पदोन्नति के आदेश जारी कर दिए हैं। हालांकि, पदोन्नति के साथ विभाग ने नियमों और शर्तों को बेहद सख्त कर दिया है। इस आदेश में सबसे मुख्य गाज Deemed University (डीम्ड यूनिवर्सिटी) से बिना वैध मंजूरी के डिस्टेंस मोड (Distance Mode) में स्नातकोत्तर (PG) करने वाले शिक्षकों पर गिरने वाली है।
Deemed University और फर्जी डिग्री पर सख्त फैसला (शर्त नंबर 5):
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि पदोन्नत होने वाले किसी भी अधिकारी ने UGC और राज्य सरकार की पूर्वानुमति के बिना, किसी Deemed University के ऑफ-कैंपस (Study Centers) से डिस्टेंस मोड में Post Graduation या अन्य योग्यता प्राप्त की है, तो उनकी पदोन्नति तुरंत रद्द (Revert) कर दी जाएगी।
विभाग ने इसके लिए पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के ऐतिहासिक फैसले (कर्तार सिंह बनाम भारत संघ - CWP No. 1640 of 2008) का हवाला दिया है। आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि बिना अप्रूवल वाली ऐसी डिग्रियों के आधार पर ली गई पदोन्नति बिना किसी नोटिस के समाप्त कर दी जाएगी।
पदोन्नति के अन्य प्रमुख नियम व शर्तें:
विभागीय कार्रवाई (Rule 7): यदि किसी अधिकारी के खिलाफ हरियाणा सिविल सर्विसेज (पनिशमेंट एंड अपील) रूल्स 2016 के रूल 7 के तहत कार्रवाई लंबित पाई जाती है, तो बिना नोटिस पदोन्नति रद्द होगी।
प्रोबेशन पीरियड: सभी पदोन्नत अधिकारी हरियाणा सिविल सर्विसेज (जनरल) रूल्स 2016 के तहत 1 वर्ष के लिए प्रोबेशन पर रहेंगे।
पेनाल्टी व इंक्रीमेंट रोक: यदि किसी शिक्षक की वेतन वृद्धि (Increment) रोकने की सजा प्रभावी है, तो उन्हें तुरंत मूल पद पर वापस भेजा जाएगा।
70% रिकॉर्ड व इंटीग्रिटी: पदोन्नति 70% या उससे अधिक 'गुड' (Good) सर्विस रिकॉर्ड के आधार पर दी गई है। यदि प्रोबेशन या जांच के दौरान ईमानदारी/सत्यनिष्ठा (Integrity) संदिग्ध पाई गई, तो पदोन्नति रद्द होगी।
अपात्रता या त्रुटि: यदि फीडर पोस्ट या योग्यता में कोई कमी पाई जाती है, तो बिना नोटिस रिवर्जन होगा।
लीडरशिप ट्रेनिंग (SCERT): पदोन्नत अधिकारियों को अपनी नई जगह ज्वाइनिंग करने के बाद SCERT हरियाणा द्वारा संचालित अनिवार्य School Leadership Training पूरी करनी होगी।
पदोन्नति से वंचित PGT शिक्षक:
विभागीय आदेश के अनुसार, अनुशासनात्मक कार्रवाई (Rule 7), आपराधिक मामले/FIR और शैक्षणिक योग्यता में विवाद के चलते कई PGT शिक्षकों को पदोन्नति सूची से बाहर रखा गया है। वहीं, कुरुक्षेत्र से एक शिक्षिका (Smt. Sunita Rani) ने स्वेच्छा से पदोन्नति का त्याग (Forgo) किया है, जिससे अगले 1 वर्ष तक उनके नाम पर विचार नहीं किया जाएगा।
वरिष्ठता (Seniority) का नियम:
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि रिकॉर्ड या ACR देरी से मिलने के कारण किसी वरिष्ठ शिक्षक को बाद में पदोन्नत किया जाता है, तो उसे बाद में पदोन्नति मिलने के बावजूद अपने कनिष्ठ (Junior) अधिकारी से वरिष्ठ ही माना जाएगा।

