पशुपालकों को सरकार की बड़ी सौगात ! गाय पालन पर मिलेंगे 11.80 लाख रुपये, ऐसे करें आवेदन

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पशुपालकों को सरकार की बड़ी सौगात ! गाय पालन पर मिलेंगे 11.80 लाख रुपये, ऐसे करें आवेदन

Udaipur Times, Government offers subsidies for Mini Nandini cow Rearing : नंद बाबा दुग्ध मिशन की ओर से मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना संचालित की जा रही है। इस योजना के अंतर्गत उन्नत नस्ल की 10 गायों की डेयरी स्थापित करने पर पशुपालकों को सरकार की ओर से 11.80 लाख रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा। इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। आवेदन करने की अंतिम तिथि 21 जुलाई 2026 तक है।

योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ आवश्यक शर्तें 

10 गायों की डेयरी स्थापित करने के लिए अनुमानित लागत तकरीबन 23.60 लाख रुपये निर्धारित की गई है। इस लागत का 50 प्रतिशत अंशदान 11.80 लाख रुपये खुद पशुपालक को निवेश करना होगा बाकि आधा बचा अशंदान यानि की 11.80 लाख रुपये सरकार की ओर से दिए जायेंगे। इसके अतिरिक्त इस योजना का लाभ उठाने के लिए लाभार्थी यानि की पशुपालक के पास कम से कम एक एकड़ जमीन  होना जरूरी है। इसमें तकरीबन 0.20 एकड़ क्षेत्र में डेयरी शेड और अन्य आवश्यक निर्माण कार्य किया जाएगा। वहीं 0.10 एकड़ भूमि पर हरा चारा उत्पादन या चारागाह विकसित करना होगा, ताकि पशुओं के लिए पर्याप्त चारे की व्यवस्था हो सके।

गिर, शाहीवाल, हरियाणा और थार पारकर जैसी नस्लों का होना जरूरी

इस योजना का लाभ उठाने के लिए एक सबसे महत्वपूर्ण शर्त है कि पशुपालक को गिर, शाहीवाल, हरियाणा और थार पारकर जैसी नस्लों की गायों के पालन पर ही सरकार की ओर से अनुदान दिया जाएगा। इन गायों की खरीद उनके मूल प्रजन क्षेत्र से ही कराई जाएगी जिससे लाभार्थियों को अच्छी गुणवत्ता वाले पशु मिल सकें और दूध उत्पादन भी अधिक हो। ध्यान रहे कि जो पूर्व में कामधेनु, मिनी कामधेनु, माइक्रो कामधेनु, नंदिनी कृषक समृद्धि योजना या फिर मुख्यमंत्री स्वदेशी गो-संवर्धन योजना का लाभ प्राप्त कर चुके पशुपालक इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगे। 

कैसे करें योजना में आवेदन?

इच्छुक किसान और पशुपालक 21 जुलाई 2026 तक इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है और इसके लिए आवेदकों को नंद बाबा दुग्ध मिशन के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर फॉर्म भरना होगा। जिन क्षेत्रों में ऑनलाइन पोर्टल पूरी तरह शुरू नहीं हुआ है, वहां किसान अपने जिले के मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) या मुख्य पशु चिकित्साधिकारी कार्यालय में जाकर अथवा पंजीकृत डाक के माध्यम से आवेदन पत्र जमा कर सकते हैं।

यदि योजना के तहत निर्धारित संख्या से अधिक आवेदन प्राप्त होते हैं, तो लाभार्थियों का चयन ई-लॉटरी के जरिए किया जाएगा।

दो चरणों में मिलेगी सब्सिडी

उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से स्वीकृत अनुदान राशि लाभार्थियों के आधार से जुड़े बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से भेजी जाएगी। पहले चरण में डेयरी शेड और अन्य बुनियादी ढांचे के निर्माण के बाद 25 प्रतिशत अनुदान जारी किया जाएगा। इसके बाद निर्धारित मानकों के अनुसार गायों की खरीद पूरी होने पर शेष 25 प्रतिशत अनुदान लाभार्थी के खाते में ट्रांसफर किया जाएगा।

मिनी नंदिनी योजना डेयरी व्यवसाय शुरू करने के इच्छुक किसानों और पशुपालकों के लिए एक बड़ा मौका है। सरकारी सब्सिडी, बैंक ऋण की सुविधा और देसी नस्ल की गायों को बढ़ावा देने वाली यह योजना किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को भी नई गति देने में अहम भूमिका निभा सकती है।

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