हरियाणा के गुरुग्राम को बड़ी सौगात ! 5 मेट्रो इंटरचेंज और 2 नमो भारत स्टेशन से मिलेगी हाई-स्पीड कनेक्टिविटी
Udaipur Times, Five metro Interchange stations : दिल्ली-एनसीआर के लाखों यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। हरियाणा को जल्द ही अपनी पहली नमो भारत (Namo Bharat) ट्रेन मिलने जा रही है। नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (NCRTC) ने गुरुग्राम-फरीदाबाद-नोएडा रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) कॉरिडोर की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कर हरियाणा मास रैपिड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (HMRTC) को मंजूरी के लिए सौंप दी है। मंजूरी मिलने के बाद इसे कैबिनेट की स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा।
प्रस्तावित RRTS कॉरिडोर की कुल लंबाई करीब 63 किलोमीटर होगी, जिसमें 50 किलोमीटर हिस्सा हरियाणा और 13 किलोमीटर उत्तर प्रदेश में होगा। इस कॉरिडोर पर 7 प्रमुख नमो भारत स्टेशन और 15 नए मेट्रो स्टेशन बनाए जाने का प्रस्ताव है।
गुरुग्राम में कहां-कहां बनेंगे स्टेशन?
गुरुग्राम में नमो भारत ट्रेन का संचालन IFFCO चौक से शुरू होगा। यहां IFFCO चौक, सेक्टर-61 और ग्वाल पहाड़ी में तीन RRTS स्टेशन प्रस्तावित हैं। इसके अलावा मेट्रो के पांच नए स्टेशन भी बनाए जाएंगे, जिनमें सेक्टर-29, मिलेनियम सिटी सेंटर (येलो लाइन इंटरचेंज), सेक्टर-52/52A, वजीराबाद और सेक्टर-57 शामिल हैं।
फरीदाबाद और नोएडा में भी मिलेगी बेहतर कनेक्टिविटी
फरीदाबाद में सैनिक कॉलोनी, बाटा चौक (वायलेट लाइन इंटरचेंज) और सेक्टर-87/88 चौराहा पर तीन RRTS स्टेशन प्रस्तावित हैं। वहीं शहर में NIT-3, NIT-1, सेक्टर-12/13/14/15, सेक्टर-80, सेक्टर-81/82, सेक्टर-85/86 और बदशाहपुर समेत सात नए मेट्रो स्टेशन बनाए जाएंगे।
इसके बाद रैपिड रेल फरीदाबाद-नोएडा-गाजियाबाद (FNG) एक्सप्रेसवे के जरिए यमुना पार कर उत्तर प्रदेश में प्रवेश करेगी। यहां नोएडा सेक्टर-142 (एक्वा लाइन इंटरचेंज) और सूरजपुर (ग्रेटर नोएडा) में RRTS स्टेशन प्रस्तावित हैं। साथ ही सेक्टर-135, सेक्टर-141 और सुथियाना में तीन मेट्रो स्टेशन भी बनाए जाएंगे।
दिल्ली मेट्रो से सीधे जुड़ेगा नेटवर्क
इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह दिल्ली मेट्रो की येलो लाइन, वायलेट लाइन, नोएडा की एक्वा लाइन और गुरुग्राम रैपिड मेट्रो को एकीकृत नेटवर्क से जोड़ देगी। इससे दिल्ली-एनसीआर में यात्रा पहले से कहीं अधिक आसान और तेज हो जाएगी।
परियोजना पर आएगी 19,390 करोड़ रुपये की लागत
DPR के अनुसार, इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर 19,390 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
10,102 करोड़ रुपये रियायती बैंक ऋण से जुटाए जाएंगे।
4,555 करोड़ रुपये हरियाणा सरकार देगी।
3,367 करोड़ रुपये केंद्र सरकार का योगदान होगा।
1,364 करोड़ रुपये उत्तर प्रदेश सरकार वहन करेगी।
कब शुरू होगी नमो भारत ट्रेन?
फिलहाल परियोजना की आधिकारिक शुरुआत या संचालन की तारीख घोषित नहीं की गई है। हालांकि, रिपोर्ट्स के मुताबिक सभी मंजूरियां समय पर मिलने पर गुरुग्राम-फरीदाबाद-नोएडा RRTS कॉरिडोर के वर्ष 2028 के मध्य तक पूरा होने और उसी दौरान नमो भारत ट्रेन के संचालन शुरू होने की संभावना है।
इस परियोजना के शुरू होने के बाद गुरुग्राम, फरीदाबाद और नोएडा के बीच यात्रा का समय काफी कम होगा और लाखों दैनिक यात्रियों को तेज, सुरक्षित और आधुनिक परिवहन सुविधा मिलेगी।
