Udaipur Times, Haryana News, सिरसा : कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, हरियाणा द्वारा रबी सीजन 2026-27 में दलहनी फसलों की खेती को बढ़ावा देने और किसानों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से चना एवं मसूर के प्रमाणित बीज वितरण की योजना लागू की गई है। योजना के तहत पात्र किसानों को निर्धारित नियमों के अनुसार प्रमाणित बीज पर अनुदान का लाभ दिया जाएगा।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपनिदेशक डॉ. विनोद फोगाट ने बताया कि योजना के अंतर्गत किसानों को चना एवं मसूर की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके तहत बीज की किस्म की आयु के अनुसार अलग-अलग दरों पर अनुदान दिया जाएगा।
योजना के तहत पांच वर्ष से कम पुरानी किस्मों के चना बीज पर किसानों को 75 प्रतिशत अथवा अधिकतम 6,000 रुपये प्रति क्विंटल अनुदान दिया जाएगा। इसी प्रकार, पांच वर्ष से कम पुरानी किस्मों के मसूर बीज पर 100 प्रतिशत अथवा अधिकतम 12,000 रुपये प्रति क्विंटल अनुदान का प्रावधान है। वहीं, पांच वर्ष से अधिक पुरानी किस्मों के चना बीज पर 50 प्रतिशत अथवा अधिकतम 4,000 रुपये प्रति क्विंटल तथा मसूर बीज पर 75 प्रतिशत अथवा अधिकतम 9,000 रुपये प्रति क्विंटल अनुदान दिया जाएगा।
योजना का लाभ लेने के लिए इच्छुक किसानों को कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट www.agriharyana.gov.in पर पंजीकरण करवाना होगा। पंजीकरण प्रक्रिया 15 अक्टूबर से शुरू हो चुकी है, जो 20 नवंबर तक जारी रहेगी।
किसानों की पात्रता और बीज की प्रामाणिकता का सत्यापन ओटीपी के माध्यम से किया जाएगा। सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद किसान निर्धारित अंशदान जमा करवाकर हरियाणा बीज विकास निगम तथा राष्ट्रीय बीज निगम के बिक्री केंद्रों से प्रमाणित बीज प्राप्त कर सकेंगे।
विभाग के अनुसार, योजना के तहत एक किसान अधिकतम 2.5 एकड़ क्षेत्र में बुवाई के लिए बीज प्राप्त कर सकता है। बीज वितरण की प्रक्रिया बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण अथवा चेहरे की पहचान (फेस रिकोगनाइजेशन) के माध्यम से पूरी की जाएगी।
डॉ. विनोद फोगाट ने किसानों से अपील की कि वे योजना का लाभ उठाकर चना एवं मसूर की खेती को अपनाएं और दलहनी फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने में सहयोग करें।