चंडीगढ़ में मकान मालिक और किरायेदारों के लिए बड़ी खबर ! नई E-व्यवस्था के साथ नए नियम हुए लागू
Udaipur Times, Chandigarh News : चंडीगढ़ से बड़ी खबर सामने आ रही है। चंडीगढ़ में मकान मालिक और किरायेदारों के बीच होने वाले विवादों के निपटारे के लिए अब नई ई-व्यवस्था लागू हो गई है। चंडीगढ़ प्रशासन के संपदा विभाग ने गुरुवार को संघ राज्य क्षेत्र चंडीगढ़ किरायेदारी नियम, 2026 अधिसूचित कर दिए हैं। इसके तहत किरायेदारी समझौते की सूचना ऑनलाइन देना अनिवार्य होगा और विवादों के निपटारे के लिए किराया प्राधिकरण, किराया न्यायालय और किराया अधिकरण की व्यवस्था की गई है।
मकान मालिक-किरायेदार के विवादों के निपटारे के लिए तीन स्तरीय व्यवस्था की गई। ये नियम केंद्रशासित प्रदेश चंडीगढ़ के पूरे क्षेत्र में लागू होंगे। इसमें किराये में संशोधन, संपत्ति का कब्जा वापस लेने और विवादों के निपटारे से जुड़े प्रावधान शामिल हैं।
नए नियमों के तहत अब हर किरायेदारी समझौते की जानकारी दो महीने के अंदर ऑनलाइन किराया प्राधिकरण को देनी होगी। मकान मालिकों और किरायेदारों को सात दिनों के अंदर सरकार की तरफ से एक विशिष्ट पहचान संख्या (यूआएन) मिलेगी। अधिकारियों ने बताया कि चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश किरायेदारी नियम, 2026 का उद्देश्य किरायेदारी व्यवस्था में अधिक पारदर्शिता, जवाबदेही और तेजी लाना है। इसमें किरायेदारी समझौतों का पंजीकरण, किराये में संशोधन, संपत्ति का कब्जा वापस लेने और विवादों के निपटारे से जुड़े प्रावधान शामिल हैं। इन नियमों में किरायेदारी से जुड़े मामलों के निपटारे के लिए तीन स्तरीय व्यवस्था का प्रावधान किया गया है, जिसमें किराया प्राधिकरण, किराया अदालत और किराया न्यायाधिकरण शामिल हैं। Chandigarh News
गुरुवार को अधिसूचित ये नियम चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश के पूरे क्षेत्र में लागू होंगे। नए प्रावधानों के तहत मकान मालिक और किरायेदार को हर किरायेदारी समझौते का विवरण संयुक्त रूप से या अलग-अलग ऑनलाइन माध्यम से समझौता होने के दो महीने के भीतर किराया प्राधिकरण को देना होगा। जानकारी मिलने के बाद किराया प्राधिकरण सात दिन के भीतर पक्षकारों को ई-रसीद के रूप में यूआइएन जारी करेगा। यह यूआइएन उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर या ई-मेल पते पर इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से भेजा जाएगा। Chandigarh News
नियमों के तहत किराया, बिजली, पानी या रखरखाव शुल्क को लेकर विवाद होने पर किराया प्राधिकरण में आवेदन किया जा सकेगा। फैसला लेते समय आसपास के क्षेत्र में चल रहे प्रचलित किराए को भी ध्यान में रखा जाएगा। किराया प्राधिकरण के समक्ष दायर आवेदन पर दूसरे पक्ष को 15 दिन के भीतर जवाब देना होगा। नोटिस मिलने के बाद दूसरे पक्ष को 15 से 30 दिनों के भीतर जवाब देना होगा। किराया प्राधिकरण को अपील के 60 दिनों के भीतर फैसला करना होगा। किराया न्यायालय के आदेशों का निष्पादन नोटिस की तामील के 30 दिन के भीतर करनी होगी।