55 लाख कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनरों को बड़ी राहत ! 8वें वेतन आयोग में 2.10 फिटमेंट फैक्टर की संभावना

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55 लाख कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनरों को बड़ी राहत ! 8वें वेतन आयोग में 2.10 फिटमेंट फैक्टर की संभावना

Udaipur Times, 8th Pay Commission : 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनरों के बीच उत्सुकता लगातार बढ़ रही है। इसी बीच ऑल इंडिया एनपीएस इम्प्लाइज फेडरेशन (AINPSEF) के एक विशेषज्ञ ने अनुमान जताया है कि 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.10 तक तय हो सकता है। हालांकि यह सिर्फ एक विशेषज्ञ का आकलन है और अभी सरकार या वेतन आयोग की ओर से कोई आधिकारिक सिफारिश सामने नहीं आई है।

फिटमेंट फैक्टर वह गुणक (मल्टीप्लायर) होता है, जिसके आधार पर केंद्रीय कर्मचारियों की बेसिक सैलरी और पेंशन में संशोधन किया जाता है। जितना अधिक फिटमेंट फैक्टर होगा, कर्मचारियों और पेंशनरों को उतना ही अधिक वेतन और पेंशन लाभ मिलेगा।

कब और कैसे शुरू हुई 2.10 फिटमेंट फैक्टर की चर्चा?

8वें वेतन आयोग ने 22 और 23 जून को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में विभिन्न कर्मचारी संगठनों और पेंशनर्स के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की थी। बैठक के बाद कर्मचारियों के बीच 2.10 फिटमेंट फैक्टर की संभावना को लेकर चर्चा तेज हो गई। हालांकि, आयोग या सरकार की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। दरअसल, ऑल इंडिया एनपीएस एम्प्लॉइज फेडरेशन (AINPSEF) के एक विशेषज्ञ ने दो अलग-अलग गणना पद्धतियों के आधार पर अनुमान लगाया है कि 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर करीब 2.10 तक पहुंच सकता है।

मंजीत पटेल ने दिया परिवार यूनिट का तर्क

ऑल इंडिया एनपीएस एम्प्लॉइज फेडरेशन (AINPSEF) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मंजीत सिंह पटेल ने फिटमेंट फैक्टर को लेकर एक और महत्वपूर्ण तर्क पेश किया है। उनका कहना है कि यदि सरकार कर्मचारी और पेंशनर संगठनों की उस सिफारिश को स्वीकार कर लेती है, जिसमें फिटमेंट फैक्टर तय करने के लिए परिवार की यूनिट संख्या को 3 से बढ़ाकर 4.4 करने का प्रस्ताव है, तो बिना किसी अतिरिक्त ग्रोथ फैक्टर को शामिल किए भी फिटमेंट फैक्टर करीब 2.05 तक पहुंच सकता है।

डॉ. पटेल का मानना है कि महंगाई और जीवन-यापन की बढ़ती लागत को देखते हुए परिवार की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप यूनिट संख्या बढ़ाने की जरूरत है। यदि ऐसा होता है तो कर्मचारियों के वेतन संशोधन का आधार भी मजबूत होगा।

कैलकुलेशन से समझाया क्यों 2.10 तक पहुंच सकता है फिटमेंट फैक्टर

डॉ. मंजीत पटेल ने लेवल-1 के एक केंद्रीय कर्मचारी की सैलरी के आधार पर पूरा गणित समझाया। उनके अनुसार 31 दिसंबर 2025 तक एक लेवल-1 कर्मचारी का वेतन ढांचा कुछ इस प्रकार होगा-

बेसिक पे: 18,000 रुपये
महंगाई भत्ता (58%) : 10,800 रुपये
मकान किराया भत्ता (30%) : 5,400 रुपये
परिवहन भत्ता (TA) : 2,880 रुपये

इस तरह कर्मचारी की कुल ग्रॉस सैलरी 37,080 रुपये बनती है। फिटमेंट फैक्टर निकालने के लिए कुल ग्रॉस सैलरी को बेसिक पे से विभाजित किया जाता है।

37,080 ÷ 18,000 = 2.06

इस आंकड़े को राउंड ऑफ करने पर फिटमेंट फैक्टर करीब 2.10 बैठता है। इसी आधार पर डॉ. पटेल ने अनुमान जताया है कि 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.10 तक पहुंच सकता है।

क्या है फिटमेंट फैक्टर का पूरा गणित?

7वें वेतन आयोग में 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया गया था, जिसके बाद न्यूनतम बेसिक वेतन 7,000 रुपये से बढ़कर 18,000 रुपये हो गया था। अब 8वें वेतन आयोग में नए फिटमेंट फैक्टर को लेकर कई तरह के अनुमान लगाए जा रहे हैं। विशेषज्ञ के मुताबिक, दो अलग-अलग गणना पद्धतियों के आधार पर 2.10 का फिटमेंट फैक्टर निकलकर सामने आया है।

पहला गणना मॉडल

पहले मॉडल में लेवल-1 के कर्मचारी के मौजूदा वेतन ढांचे को आधार बनाया गया है। इसमें 18,000 रुपये का मूल वेतन, 58 प्रतिशत महंगाई भत्ता (DA), 30 प्रतिशत मकान किराया भत्ता (HRA) और परिवहन भत्ते को शामिल किया गया। इन सभी को जोड़ने पर कर्मचारी का कुल मासिक वेतन लगभग 37,080 रुपये बैठता है। इसके आधार पर फिटमेंट फैक्टर करीब 2.06 निकलता है, जिसे गोल कर 2.10 माना जा सकता है।

2.10 फिटमेंट फैक्टर लागू होने पर कितनी बढ़ेगी सैलरी?

यदि 2.10 फिटमेंट फैक्टर लागू होता है, तो लेवल-1 कर्मचारी की बेसिक सैलरी 18,000 रुपये से बढ़कर 37,800 रुपये हो जाएगी। इसके बाद यदि संशोधित महंगाई भत्ता, मकान किराया भत्ता और परिवहन भत्ता भी जोड़ा जाए, तो कर्मचारी का कुल मासिक वेतन करीब 61,344 रुपये तक पहुंच सकता है। यानी वर्तमान वेतन की तुलना में लगभग 65 प्रतिशत तक बढ़ोतरी संभव है।

दूसरा गणना मॉडल क्या कहता है?

दूसरे मॉडल में परिवार इकाई (फैमिली यूनिट) की संख्या को आधार बनाया गया है। वर्तमान गणना में परिवार की औसत इकाई 3.0 मानी जाती है, लेकिन यदि इसमें माता-पिता को भी शामिल किया जाए तो यह संख्या बढ़कर 4.2 हो जाती है। विशेषज्ञ के अनुसार, इस आधार पर भी फिटमेंट फैक्टर लगभग 2.05 निकलता है, जिसे बढ़ाकर 2.10 किया जा सकता है।

ग्रोथ फैक्टर भी हो सकता है अहम

विशेषज्ञों का मानना है कि वेतन आयोग केवल महंगाई की भरपाई के लिए ही वेतन नहीं बढ़ाता, बल्कि कर्मचारियों के जीवन स्तर में सुधार के लिए एक अतिरिक्त 'ग्रोथ फैक्टर' को भी शामिल कर सकता है। हालांकि, 2.10 फिटमेंट फैक्टर के इस अनुमान में किसी भी प्रकार के ग्रोथ फैक्टर को शामिल नहीं किया गया है। यदि भविष्य में इसे जोड़ा जाता है, तो कर्मचारियों को और अधिक लाभ मिल सकता है।

क्या वास्तव में 2.10 होगा फिटमेंट फैक्टर?

विशेषज्ञों का कहना है कि 2.10 केवल एक संभावित अनुमान है। विभिन्न कर्मचारी संगठनों और आर्थिक विशेषज्ञों ने फिटमेंट फैक्टर को लेकर अलग-अलग अनुमान दिए हैं। कुछ इसे 2.0 के आसपास मान रहे हैं, जबकि कुछ का मानना है कि यह 2.57 या उससे भी अधिक हो सकता है। फिटमेंट फैक्टर का अंतिम आंकड़ा तभी स्पष्ट होगा, जब 8वां वेतन आयोग अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगा और केंद्र सरकार उसकी सिफारिशों को मंजूरी देगी।

लाखों कर्मचारियों और पेंशनरों की निगाहें फैसले पर

8वें वेतन आयोग का लाभ करीब 55 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनरों को मिलने की उम्मीद है। ऐसे में फिटमेंट फैक्टर को लेकर हर नई जानकारी लाखों परिवारों की उम्मीदों से जुड़ी हुई है। फिलहाल सभी की निगाहें आयोग की सिफारिशों और केंद्र सरकार के अंतिम फैसले पर टिकी हैं।

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