हरियाणा में नमो भारत का रूट को लेकर बड़ी अपडेट ! इन स्टेशनों से गुजरेगी ट्रेन, देखें पूरा रूट प्लान ?
Udaipur Times, Haryana News : ग्रेटर फरीदाबाद में प्रस्तावित नमो भारत कॉरिडोर के रूट में बदलाव की तैयारी शुरू हो गई है। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) ने पहले तय किए गए रूट में संशोधन का प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेज दिया है। नए प्रस्ताव के मुताबिक, नमो भारत कॉरिडोर का अधिकांश हिस्सा मास्टर रोड के साथ से ले जाने की योजना है।
रूट में इस बदलाव का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि सेक्टर-80 के पास HSVP की करीब आठ एकड़ व्यावसायिक जमीन को परिवहन परियोजना में इस्तेमाल करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। प्राधिकरण का मानना है कि इससे उसकी व्यावसायिक जमीन सुरक्षित रहेगी और भविष्य में इस जमीन के इस्तेमाल से राजस्व अर्जित किया जा सकेगा।
सेक्टर-80 के पास आठ एकड़ जमीन रूट में आ रही थी
दरअसल, ग्रेटर फरीदाबाद में नमो भारत कॉरिडोर को लेकर शुरुआती स्तर पर जो रूट तैयार किया गया था, उसमें सेक्टर-80 के पास HSVP की करीब आठ एकड़ जमीन का हिस्सा शामिल था। यह जमीन व्यावसायिक उपयोग के लिए निर्धारित है और भविष्य में यहां व्यावसायिक गतिविधियां विकसित किए जाने की योजना है। ऐसे में यदि नमो भारत का रूट इसी जमीन से होकर गुजरता तो HSVP को अपनी महत्वपूर्ण व्यावसायिक संपत्ति का एक हिस्सा परिवहन परियोजना के लिए देना पड़ता।
इससे प्राधिकरण को संभावित राजस्व नुकसान की आशंका जताई गई थी। इसी को देखते हुए HSVP ने रूट में बदलाव का प्रस्ताव तैयार किया है। नए प्रस्ताव में कॉरिडोर को अधिकतर हिस्से में मास्टर रोड के साथ रखने की बात कही गई है। इससे एक तरफ व्यावसायिक जमीन को बचाने में मदद मिलेगी, वहीं दूसरी तरफ सड़क और सार्वजनिक परिवहन के बीच बेहतर तालमेल बनाने का अवसर भी मिलेगा। हालांकि, रूट का अंतिम स्वरूप सरकार की मंजूरी के बाद ही स्पष्ट होगा।
मास्टर रोड के साथ गुजरेगा नमो भारत का अधिकांश रूट
नए प्रस्ताव की सबसे बड़ी खासियत यह है कि नमो भारत का अधिकांश हिस्सा मास्टर रोड के साथ से गुजरेगा। अधिकारियों के मुताबिक, इस बदलाव का उद्देश्य सरकारी व्यावसायिक जमीन को परिवहन परियोजना में जाने से बचाना है। ग्रेटर फरीदाबाद में मास्टर रोड पहले से ही प्रमुख सेक्टरों को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण सड़क है। ऐसे में इसके साथ नमो भारत का रूट विकसित होने से भविष्य में सड़क परिवहन और सार्वजनिक परिवहन को एक साथ बेहतर तरीके से विकसित करने में मदद मिल सकती है।
रूट में मामूली बदलाव के बावजूद कॉरिडोर के प्रमुख क्षेत्रों और प्रस्तावित स्टेशनों की कनेक्टिविटी को बनाए रखने की कोशिश की जा रही है। इससे परियोजना की जमीन संबंधी जरूरतों को पूरा करने के साथ HSVP की व्यावसायिक संपत्तियों को सुरक्षित रखने का प्रयास किया जाएगा।
सैनिक कॉलोनी से सेक्टर-87/88 तक बनेंगे प्रमुख स्टेशन
प्रस्तावित नमो भारत कॉरिडोर में फरीदाबाद के कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों को जोड़े जाने की योजना है। शहर में सैनिक कॉलोनी, एनआईटी, बाटा चौक और सेक्टर-87/88 चौक प्रमुख स्टेशन होंगे। इन स्टेशनों के जरिए पुराने फरीदाबाद और ग्रेटर फरीदाबाद के बीच सार्वजनिक परिवहन कनेक्टिविटी को मजबूत करने की योजना है। परियोजना के निर्माण पर करीब 19,390 करोड़ रुपये तक खर्च होने का अनुमान है।
निर्माण कार्य दिसंबर 2026 तक शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है, जबकि पूरे कॉरिडोर को वर्ष 2031 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस परियोजना की खास बात यह होगी कि एक ही ट्रैक पर नमो भारत ट्रेन के साथ लोकल मेट्रो का संचालन भी किया जा सकेगा। इससे कॉरिडोर को केवल तेज क्षेत्रीय परिवहन तक सीमित रखने के बजाय स्थानीय यात्रियों के लिए भी उपयोगी बनाने की योजना है।
गुरुग्राम से फरीदाबाद होते हुए नोएडा तक जाएगा कॉरिडोर
प्रस्तावित रूट की शुरुआत गुरुग्राम के मिलेनियम सिटी सेंटर से होगी। इसके बाद कॉरिडोर सेक्टर-52 और ग्वाल पहाड़ी की ओर बढ़ते हुए फरीदाबाद में प्रवेश करेगा। फरीदाबाद में यह सैनिक कॉलोनी और एनआईटी क्षेत्र से होकर बाटा चौक तक पहुंचेगा। इसके बाद सेक्टर-11 और 12 की डिवाइडिंग रोड के रास्ते ग्रेटर फरीदाबाद के विभिन्न सेक्टरों को जोड़े जाने की योजना है।
फरीदाबाद में इस कॉरिडोर की लंबाई करीब 16 किलोमीटर प्रस्तावित है। इसके बाद इसे आगे नोएडा की दिशा में बढ़ाया जाएगा। भविष्य में कॉरिडोर को नोएडा एयरपोर्ट यानी जेवर एयरपोर्ट तक विस्तार देने की योजना है। इसके पूरा होने पर फरीदाबाद और आसपास के क्षेत्रों से जेवर एयरपोर्ट तक पहुंच आसान होने की उम्मीद है। प्रस्ताव के मुताबिक, शहरवासियों को एयरपोर्ट तक करीब 20 मिनट में पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
ग्रेटर फरीदाबाद को मिलेगी बेहतर पब्लिक ट्रांसपोर्ट कनेक्टिविटी
ग्रेटर फरीदाबाद में पिछले कुछ वर्षों में तेजी से आवासीय और व्यावसायिक विकास हुआ है। बड़ी संख्या में नई सोसायटियां और आवासीय परियोजनाएं विकसित होने के साथ यहां आबादी भी लगातार बढ़ रही है। ऐसे में क्षेत्र में तेज और भरोसेमंद सार्वजनिक परिवहन की जरूरत बढ़ती जा रही है। नमो भारत कॉरिडोर के निर्माण से ग्रेटर फरीदाबाद को गुरुग्राम, फरीदाबाद के अन्य हिस्सों और आगे नोएडा से जोड़ने में मदद मिलने की उम्मीद है।
मास्टर रोड के साथ रूट विकसित होने से ग्रेटर फरीदाबाद के विभिन्न सेक्टरों तक यात्रियों की पहुंच आसान हो सकती है। इसके साथ ही सड़क परिवहन और नमो भारत-मेट्रो नेटवर्क के बीच बेहतर कनेक्टिविटी विकसित करने का अवसर भी मिलेगा। इससे निजी वाहनों पर निर्भरता कम करने और क्षेत्र में सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने में मदद मिलने की संभावना है।
व्यावसायिक जमीन बचाने के लिए लिया गया रूट बदलने का फैसला
सेक्टर-80 के पास HSVP की करीब आठ एकड़ जमीन व्यावसायिक उपयोग के लिए निर्धारित है। अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती प्रस्ताव में नमो भारत का रूट इस जमीन के हिस्से से गुजर रहा था। यदि ऐसा होता तो जमीन का इस्तेमाल परिवहन परियोजना के लिए करना पड़ता और भविष्य में इससे होने वाले व्यावसायिक राजस्व का अवसर प्रभावित हो सकता था। इसी संभावित नुकसान को देखते हुए रूट में बदलाव का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
HSVP का मानना है कि कॉरिडोर को मास्टर रोड के साथ ले जाने से परियोजना की जमीन संबंधी जरूरतों को पूरा करने के साथ व्यावसायिक जमीन को भी सुरक्षित रखा जा सकता है। इस तरह रूट में बदलाव से परिवहन परियोजना और प्राधिकरण की संपत्तियों, दोनों के हितों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की जा रही है।
सरकार की मंजूरी के बाद तय होगा अंतिम रूट
HSVP अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अभी रूट में बदलाव का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया है। अंतिम फैसला सरकार की मंजूरी के बाद ही होगा। इसलिए फिलहाल प्रस्तावित रूट को अंतिम रूट नहीं माना जा सकता। मंजूरी मिलने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि नमो भारत कॉरिडोर किन सड़कों और सेक्टरों से होकर गुजरेगा और स्टेशनों की अंतिम स्थिति क्या होगी।
HSVP के अधीक्षण अभियंता संदीप दहिया के मुताबिक, सेक्टर-80 के पास प्राधिकरण की करीब आठ एकड़ व्यावसायिक जमीन प्रस्तावित रूट में आ रही थी। इससे प्राधिकरण को संभावित राजस्व नुकसान हो सकता था। इसी वजह से रूट में संशोधन का प्रस्ताव तैयार करके सरकार को भेजा गया है। प्रस्ताव के तहत नमो भारत के अधिकांश हिस्से को मास्टर रोड के साथ ले जाने की योजना है। अब सरकार की मंजूरी के बाद ही इस बदलाव पर अंतिम फैसला होगा।
फरीदाबाद से नोएडा एयरपोर्ट तक कनेक्टिविटी को मिलेगी रफ्तार
यदि प्रस्तावित कॉरिडोर तय योजना के मुताबिक तैयार होता है तो इसका असर केवल ग्रेटर फरीदाबाद तक सीमित नहीं रहेगा। गुरुग्राम, फरीदाबाद और नोएडा के बीच तेज सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क विकसित होने से पूरे एनसीआर में आवागमन आसान हो सकता है। आगे चलकर जेवर स्थित नोएडा एयरपोर्ट से जुड़ाव होने पर फरीदाबाद और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए सड़क मार्ग पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
ग्रेटर फरीदाबाद में बढ़ती आबादी, नई आवासीय परियोजनाओं और व्यावसायिक गतिविधियों को देखते हुए नमो भारत कॉरिडोर को क्षेत्र की भविष्य की परिवहन जरूरतों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, अभी रूट में बदलाव का प्रस्ताव सरकार के पास है और अंतिम स्वरूप मंजूरी के बाद ही सामने आएगा।