ATM यूजर्स के लिए बड़ी अपडेट! हजारों मशीनें हटेंगी, जानिए अब कैसे निकलेगें पैसे ?
Udaipur Times, Old ATMs to be Upgraded : देश के सरकारी बैंकों (PSU Banks) ने अपने करोड़ों ग्राहकों के लिए बड़ा बदलाव करने की तैयारी शुरू कर दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पंजाब नेशनल बैंक (PNB), यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ इंडिया समेत कई सरकारी बैंक करीब 15,000 पुराने ATM को अपग्रेड करेंगे। इनकी जगह नई तकनीक से लैस कैश रीसाइक्लर (Cash Recycler) मशीनें लगाई जाएंगी, जिससे बैंकिंग सेवाएं पहले से ज्यादा स्मार्ट, तेज और सुरक्षित बनेंगी।
क्या है कैश रीसाइक्लर ATM?
पारंपरिक ATM सिर्फ नकदी निकालने की सुविधा देते हैं, जबकि कैश रीसाइक्लर मशीन में ग्राहक पैसे जमा भी कर सकेंगे और निकाल भी सकेंगे। जमा किया गया कैश दोबारा दूसरे ग्राहकों को निकासी के लिए इस्तेमाल किया जा सकेगा। इससे ATM में जल्दी कैश खत्म नहीं होगा और बार-बार कैश भरने की जरूरत भी कम पड़ेगी।
ATM में मिलेंगी ये नई सुविधाएं
अपग्रेड के बाद ATM सिर्फ कैश निकालने तक सीमित नहीं रहेंगे। ग्राहकों को कई नई सुविधाएं मिलेंगी, जैसे कि कैश रीसाइक्लिंग यानी एक ही मशीन से पैसा जमा और निकासी। UPI आधारित कार्डलेस कैश विड्रॉल, जिससे बिना ATM कार्ड के भी पैसे निकाल सकेंगे। बेहतर सिक्योरिटी फीचर्स, जिससे फ्रॉड का खतरा कम होगा। तेज ट्रांजैक्शन प्रोसेसिंग, जिससे कम समय में लेनदेन पूरा होगा। मल्टी-सर्विस ATM, जहां बैलेंस चेक, मिनी स्टेटमेंट, फंड ट्रांसफर और अन्य बैंकिंग सेवाएं भी मिलेंगी।
क्यों किया जा रहा है यह बदलाव?
सरकारी बैंकों के करीब 90 हजार ऑन-साइट ATM अभी भी पुराने सिस्टम पर चल रहे हैं, जिनमें बार-बार कैश भरने और रखरखाव की जरूरत पड़ती है। खासकर टियर-2 और टियर-3 शहरों में अक्सर ATM में कैश खत्म होने की शिकायतें सामने आती हैं। नई मशीनों से कैश की उपलब्धता बेहतर होगी और संचालन लागत भी कम होगी।
बैंकों का बढ़ेगा फोकस आउटसोर्सिंग पर
रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकारी बैंक ATM संचालन और रखरखाव का काम धीरे-धीरे विशेषज्ञ कंपनियों को सौंप रहे हैं। इससे रियल-टाइम मॉनिटरिंग, समय पर कैश रिफिल, प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस और मशीनों की बेहतर कार्यक्षमता सुनिश्चित की जा सकेगी।
किन लोगों को होगा सबसे ज्यादा फायदा?
इस बदलाव का सबसे अधिक लाभ ग्रामीण और छोटे शहरों के ग्राहकों, सरकारी बैंकों के करोड़ों खाताधारकों, छोटे व्यापारियों, नकदी का अधिक इस्तेमाल करने वाले लोगों और उन ग्राहकों को मिलेगा जो बैंक शाखा जाने के बजाय ATM से ही अधिकतर काम करना पसंद करते हैं।
भारत का ATM नेटवर्क भी होगा बड़ा
उद्योग से जुड़े अनुमान बताते हैं कि भारत में ATM की संख्या मौजूदा करीब 2.46 लाख से बढ़कर 2029-30 तक लगभग 2.75 लाख हो सकती है। आने वाले सालों में नई पीढ़ी के ATM और कैश रीसाइक्लर मशीनें बैंकिंग सेवाओं का अहम हिस्सा बनेंगी।
कुल मिलाकर, इस अपग्रेड के बाद ग्राहकों को छोटी-छोटी बैंकिंग जरूरतों के लिए बैंक शाखा के चक्कर कम लगाने पड़ेंगे। ATM अब सिर्फ नकदी निकालने की मशीन नहीं, बल्कि एक मिनी बैंक शाखा की तरह काम करेंगे।
