ट्रेन यात्रियों के लिए बड़ी चेतावनी! इन सामानों के साथ पकड़े गए तो लगेगा 10 हजार रुपये जुर्माना
Udaipur Times, Indian Railways New Rules : भारतीय रेलवे ने ट्रेनों में खतरनाक और प्रतिबंधित सामान ले जाने वाले यात्रियों के खिलाफ नियम और सख्त कर दिए हैं। अब ट्रेन में नियमों का उल्लंघन कर आपत्तिजनक या खतरनाक सामान लेकर यात्रा करने पर कम से कम 10 हजार रुपये का जुर्माना भरना पड़ सकता है।
यह बदलाव जन विश्वास (संशोधन प्रावधान) अधिनियम, 2026 के तहत किया गया है, जिसके जरिए रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 165 में संशोधन किया गया है। रेलवे मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना के बाद यह नया प्रावधान लागू हो गया है।
500 रुपये से बढ़कर 10 हजार रुपये हुआ जुर्माना
पहले रेलवे अधिनियम की धारा 165 के तहत आपत्तिजनक सामान लेकर यात्रा करने पर अधिकतम 500 रुपये का जुर्माना लगाया जाता था। साथ ही, यदि उस सामान से किसी तरह का नुकसान होता था तो उसकी भरपाई की जिम्मेदारी भी यात्री की होती थी। अब संशोधित नियम के तहत ऐसे मामलों में कम से कम 10 हजार रुपये का जुर्माना देना होगा। इसके अलावा सामान को हटाने और उससे होने वाले किसी भी नुकसान, चोट या क्षति की भरपाई भी संबंधित व्यक्ति को करनी होगी।
क्या कहती है रेलवे अधिनियम की धारा 67?
रेलवे अधिनियम की धारा 67 के अनुसार, यात्री बिना निर्धारित नियमों का पालन किए किसी भी खतरनाक या आपत्तिजनक वस्तु को ट्रेन में नहीं ले जा सकते। यदि कोई व्यक्ति ऐसा सामान लेकर यात्रा करना चाहता है तो उसे उस सामान की लिखित जानकारी रेलवे के अधिकृत कर्मचारी को देनी होगी। इसके अलावा, उस सामान पर स्पष्ट रूप से पहचान चिह्न भी होना चाहिए। रेलवे अधिकारियों को संदिग्ध पैकेज की जांच करने और नियमों का पालन नहीं होने पर ऐसे सामान को रोकने, हटाने या यात्रा की अनुमति नहीं देने का अधिकार है।
ट्रेन में कौन-कौन सी चीजें ले जाना प्रतिबंधित है?
रेलवे समय-समय पर यात्रियों को खतरनाक वस्तुएं लेकर यात्रा नहीं करने की सलाह देता रहा है। रेलवे की सुरक्षा सलाह के अनुसार निम्नलिखित सामान ट्रेन में ले जाना प्रतिबंधित या सीमित है—
गैस सिलेंडर
पटाखे और विस्फोटक सामग्री
ज्वलनशील तेल और केमिकल
एसिड
पोर्टेबल स्टोव
थर्मिट-वेल्डिंग उपकरण
अन्य ज्वलनशील और विस्फोटक पदार्थ
रेलवे का कहना है कि ऐसे सामान यात्रियों और रेलवे संपत्ति की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकते हैं।
जुर्माना नहीं भरने पर हो सकती है जेल
संशोधित नियम के अनुसार यदि कोई व्यक्ति जुर्माना भरने या प्रतिबंधित सामान हटाने से इनकार करता है, तो अधिकृत रेलवे कर्मचारी अदालत का रुख कर सकता है। ऐसे मामलों में अदालत एक साल तक की सजा, कम से कम 10 हजार रुपये का जुर्माना या दोनों सजा एक साथ देने का आदेश दे सकती है।
खतरनाक सामान पर पहले से हैं अलग सख्त प्रावधान
रेलवे अधिनियम की धारा 164 के तहत खतरनाक सामान लेकर यात्रा करने पर पहले से ही कड़े प्रावधान मौजूद हैं। इस धारा के तहत दोषी पाए जाने पर व्यक्ति को तीन साल तक की जेल, एक हजार रुपये तक का जुर्माना या दोनों सजा हो सकती है। साथ ही, उससे हुए किसी भी नुकसान की भरपाई भी करनी होगी।
यात्रियों के लिए सलाह
रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की ज्वलनशील, विस्फोटक या खतरनाक वस्तु अपने साथ न रखें और रेलवे के सुरक्षा नियमों का पूरी तरह पालन करें, ताकि यात्रियों और रेलवे संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
