ब्लड बैंक की अनियमितताओं को लेकर रक्तदाताओ ने गया ज्ञापन
आज उदयपुर शहर के जिला मुख्यालय पर रक्तदान करने वाले कई रक्तदाता समूह एकत्र हुए और सयुंक्त रक्तदाता समूह के बैनर तले ज्ञापन देकर अपनी मांगे रखकर मरीजों को खून उपलब्ध कराने में हो रही अनियमितता का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि समय समय पर कई
आज उदयपुर शहर के जिला मुख्यालय पर रक्तदान करने वाले कई रक्तदाता समूह एकत्र हुए और सयुंक्त रक्तदाता समूह के बैनर तले ज्ञापन देकर अपनी मांगे रखकर मरीजों को खून उपलब्ध कराने में हो रही अनियमितता का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि समय समय पर कई रक्तदाता समूह नियमित रूप से रक्तदान शिविर लगाते है और ब्लड बैंको को खून देते है, इसके बावजूद जररूतमंदों को सरकारी हॉस्पीटल में समय पर खून उपलब्ध नहीं होने के कारण उनकी मौत हो जाती है।
अशिक्षित और ग्रामीण होने के कारण हॉस्पीटल में दलालो के द्वारा उन्हें ठगा जाता है इसके अलावा कुपोषण और अच्छा खान पान ना होने के कारण मरीजों के परिजनों का हीमोग्लोबिन भी कम होता है जिससे वे रक्तदान के योग्य नहीं होते है जब वे लोग ब्लड बैंक में खून लेने जाते है, तो उन्हें निराश होना पड़ता है पारदर्शिता नहीं होने के कारण जररूतमंदों और रक्तदान शिविर लगाने वाले संगठनो को मालूम नहीं पड़ पाता है की ब्लड बैंक में किस ग्रुप का कितना ब्लड उपलब्ध है।
इन सभी बातों पर चिंता प्रकट करते हुए सभी संयुक्त रक्तदाता समूह द्वारा मुख्यमंत्री से इन माँगो पर कार्यवाही की मांग की गयी कि डोनर कार्ड व्यवस्था बंद करी जाये और जररूतमंदों को समय पर खून दिया जाये । खून की आवश्यकता पर सभी संगठन से मदद ली जा सकती है। निजी ब्लड बैंको को बंद किया जाये। रक्तदान जैसे पवित्र क्षेत्रो का निजीकरण रोका जाये। राज्य के सभी ब्लड बैंको को पारदर्शिता के लिए ऑनलाइन किया जाये। ब्लड ट्रांसफ्यूज़न, प्रॉडक्टस और जाँच के नाम से कोई शुल्क ना लिया जाये।
सरकारी ब्लड बैंक की ब्लड संरक्षण क्षमता में बढ़ोतरी की जाये। जिससे निजी ब्लड बैंक की मनमानी ख़त्म हो। निजी हॉस्पीटल द्वारा संचालित ब्लड बैंक में अन्य ब्लड बैंकों का खून लेने से मना कर दिया जाता है। उस पर तत्काल रोक लगाई जाये और निजी अस्पतालों को पाबंद किया जाये ।
ज्ञापन देते समय प्रवीण रतलिया, रोहित जोशी, आर.सी. मेहता, रितु वैष्णव, राजेश चपलोत, सतीश वाधवानी, जीतेन्द्र सिंह राठौड़, दिनेश सोनी, कपिल नाचानी, श्रृष्टि कोटिया, आशीष गोयल, कृष्णा बी गुप्ता, चेतन मेनारिया, सुरेश पालीवाल, निर्मल लोढ़ा, अनिल पालीवाल, मुकुल मेनारिया, विशाल शुक्ला, संजय सोनी, पराग कंधारी, मंतव्य सूर्यवंशी, शंकरलाल जाट, कुनाल सालवी, कपिल दया, गौरव पाठक, हिमांशु भारतीय, जीतेन्द्र पूरी, अशोक जैन, संदीप जैन, नीरज पुंडीर, गौरव तिवारी, मुस्तफा शेख, नौशाद दीवान आदि लोग उपस्थित थे।
