मधुमेह रोकथाम के लिये बोहरा समाज की निकली पदयात्रा
समाज प्रवक्ता डा. बी.मूमिन ने बताया कि रुहानी पैशवा डा. सैयदना आलीकदर मुफद्दल सैफुद्दीन साहब ने सामान्य जनजीवन में बढते हुए डायबिटीज रोग से बहुत चिंतित होते हुए समाजजनों को इस सन्दर्भ में जनचेतना लाने हेतु कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिये और उन्ही निर्देशों के तहत आज मैराथन वाॅक’ (रैली) का आयोजन किया गया। जिसमें भारी संख्या में समाज के लोगों ने भाग लिया। रैली फखरी वाटिका से प्रारम्भ हो कर सुखाडिया सर्किल, फतहपुरा चैराहा, देवाली मार्ग हाते हुए फतह सागर पर जाकर रैली सम्पन्न हुई। रैली में मुम्बई से डॅा. सैयदना साहब के परिवार से पधारे हुए अबु अबी तुराब भाई साहब एवं स्थानीय आमिल अजीज भाई साहब वजीरी सहित सैंकडों अकीदतमन्दों ने शिरकत की।

शिया दाउदी बोहरा समाज एवं आमजन में मधुमेह की रोकथाम के लिये जागरूकता लाने हेतु आज शाम सुखाड़िया सर्किल स्थित फखरी वाटिका से मैराथन के रूप में पदयात्रा निकाली। जिसमें 2 हजार से अधिक समाजजनों ने भाग लिया। रैली को मुबुंई से आये अबी तुराब भाई साहब ने झंडी दिखाकर रवाना किया। समाज के सचिव शेख सैफुदीन भालमवाला ने बताया कि रैली में बच्चों, युवा एवं वृद्धजनों ने अपार उत्साह के साथ भाग लिया। बच्चें स्टाॅप डायबिटीज सहित अनेक संदेशपरक तख्तियां लेकर चल रहे थे।
समाज प्रवक्ता डा. बी.मूमिन ने बताया कि रुहानी पैशवा डा. सैयदना आलीकदर मुफद्दल सैफुद्दीन साहब ने सामान्य जनजीवन में बढते हुए डायबिटीज रोग से बहुत चिंतित होते हुए समाजजनों को इस सन्दर्भ में जनचेतना लाने हेतु कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिये और उन्ही निर्देशों के तहत आज मैराथन वाॅक’ (रैली) का आयोजन किया गया। जिसमें भारी संख्या में समाज के लोगों ने भाग लिया। रैली फखरी वाटिका से प्रारम्भ हो कर सुखाडिया सर्किल, फतहपुरा चैराहा, देवाली मार्ग हाते हुए फतह सागर पर जाकर रैली सम्पन्न हुई। रैली में मुम्बई से डॅा. सैयदना साहब के परिवार से पधारे हुए अबु अबी तुराब भाई साहब एवं स्थानीय आमिल अजीज भाई साहब वजीरी सहित सैंकडों अकीदतमन्दों ने शिरकत की।
फिजूलखर्ची रोकगें बोहरा समाजजन, समाज सुधार के लिये निर्णय – शिया दाउदी बोहरा समाज गणमान्य लोगों का रविवार को विद्याभवन आॅडिटोरियम में संगोष्ठि का आयोजन किया गया। डाॅ. सैय्यदना साहब के आव्हान पर समाजजनों ने सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया कि शादी ब्याह में हो रही फिजूल खर्ची को रोकंगे। संगीत पार्टी के आयोजन नहीं करेंगें और यदि समाज का कोई व्यक्ति ऐसे प्रोग्राम आयोजित करेगा तो उस कार्यक्रम का बहिष्कार किया जायेगा। शादी ब्याह में बरात में नाच गान और गैर मुनासिब लिबास नही पहनेंगें और अपने कौमी लिबास में सम्मिलित होंगें।
