बोहरा यूथ ने 1 मार्च को काला दिवस मनाया
उदयपुर 1 मार्च 2020 । हर साल की तरह आज भी 1 मार्च 1973 को डूंगरपुर जिले में स्थित गलियाकोट दरगाह में धर्मगुरू सैयदना साहब की मौजूदगी में उदयपुर के बोहरा समुदाय के स्त्री, पुरूषों, बच्चों एवं बुजुर्गों विशेषकर महिलाओ पर उनके समर्थकों द्वारा किये गये हमले की याद में यूथ समर्थकों ने स्थानीय बोहरा जमाअत कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में काले कपड़े पहन कर एवं काली पट्टी बांध कर ज़ोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
दाऊदी बोहरा जमात के प्रवक्ता मंसूर अली ओड़ावाला ने बताया की 1 मार्च काला दिवस की पूर्व संध्या 29 फरवरी 2020 रात को बोहरवाड़ी स्थित रसूलपुरा मस्जिद में सभा में प्रस्ताव पास कर 1 मार्च 1973 को हुए हमले की घोर निंदा की तथा केन्द्र एवं राज्य सरकारों से बोहरा सुधारवादी आन्दोलन पर जारी की गई जस्टिस नाथवानी, जस्टिस तारकुण्डे एवं जस्टिस टेवटिया कमीशन की रिपोर्ट एवं सिफारिशो के आधार पर बोहरा समाज की सम्पत्तियों को तिरूपति मंदिर एवं अजमेर दरगाह शरीफ एक्ट की तरह लागू करने का आग्रह किया गया।
इस अवसर पर बोहरा यूथ के नेता आबिद हुसैन अदीब ने 1 मार्च 1973 को हुए हमले की घोर निंदा करते हुए कहा की तत्कालीन धर्मगुरु की मौजूदगी में उदयपुर के सुधारवादी बोहरा (बोहरा यूथ) के लोगो विशेषकर महिलाओ पर हमला बोहरा समुदाय के इतिहास पर काला धब्बा है। इस अवसर पर सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ दाऊदी बोहरा कम्युनिटी के कमांडर मंसूर अली बोहरा, दाऊदी बोहरा जमात के सचिव ज़ाकिर पंसारी और बोहरा यूथ के महासचिव गज़न्फर ओकासा वाला ने भी अपने विचार रखे।
इस अवसर पर बोहरा यूथ समुदाय से संबंधित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों के अलावा यूथ समुदाय के सैकड़ों स्त्री, पुरूष, युवक-युवतियां एवं बच्चे उपस्थित थे।