दादा और पिता दोनों रहे शिक्षक, बेटी ने परिवार की विरासत को बढ़ाया आगे, बनी अस्टिटेंट प्रोफेसर

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दादा और पिता दोनों रहे शिक्षक, बेटी ने परिवार की विरासत को बढ़ाया आगे, बनी अस्टिटेंट प्रोफेसर 

Udaipur Times, Assistant Professor Siddhi Rani's Success Story : पश्चिमी चंपारण जिले के बगहा-1 ब्लॉक में पटिलार शिव चौक की रहने वाली होनहार बेटी सिद्धि रानी ने अपनी मेहनत के दम पर शानदार कामयाबी हासिल की है। सिद्धि का चयन मुजफ्फरपुर यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर के तौर पर चुना गया है। इस कामयाबी की खबर से पूरे जिले, खासकर पटिलार में खुशी और जश्न का माहौल है।

दादा और पिता दोनों रह चुके हैं शिक्षक

शिक्षकों के परिवार से ताल्लुक रखने वाली सिद्धि रानी, ​​स्वर्गीय शिक्षक श्री कृष्णनाथ तिवारी की पोती और शिक्षक अजय कुमार तिवारी की बेटी हैं। वह ऐसे माहौल में पली-बढ़ीं जहां पढ़ाई-लिखाई, अनुशासन और ऊंचे नैतिक मूल्यों को अहमियत दी जाती थी। सिद्धि रानी ने बहुत पहले ही पढ़ाई को अपने जीवन का उद्देश्य बना लिया था और सालों की लगातार कोशिशों के बाद इस मुकाम तक पहुंची हैं।

रोज़ाना 5-6 घंटे करती थीं पढ़ाई 

लगन और कड़ी मेहनत के दम पर, सिद्धि ने NET JRF क्वालिफ़ाई किया और अब वह बिहार में असिस्टेंट प्रोफ़ेसर बन गई हैं। सिद्धि ने पढ़ाई का कोई तय शेड्यूल नहीं बनाया था। ग्रेजुएशन और पोस्ट-ग्रेजुएशन के दौरान, वह एक आम स्टूडेंट की तरह 3-4 घंटे ही पढ़ती थीं, लेकिन NET JRF के लिए उन्होंने रोज़ाना 5-6 घंटे पढ़ाई की। सिद्धि का कहना है कि भले ही उन्होंने पढ़ाई के लिए कभी घंटों की कोई तय सीमा नहीं रखी, लेकिन जब भी वह पढ़ने बैठती थीं, तो हमेशा पूरे ध्यान से पढ़ाई करती थीं।

परिवार के साथ पूरे गांव को सिद्धि की सफलता पर है गर्व

ग्रामीण इस कामयाबी को सिर्फ़ एक परिवार की जीत नहीं, बल्कि पूरी पटिलार पंचायत और चंपारण की मिट्टी के लिए गर्व की बात मानते हैं। सिद्धि रानी ने साबित कर दिया है कि पक्के इरादे के साथ, सीमित संसाधनों या ग्रामीण बैकग्राउंड के बावजूद देश के सबसे प्रतिष्ठित एकेडमिक मंचों पर अपनी पहचान बनाई जा सकती है। उनकी कामयाबी इलाके की दूसरी युवतियों के लिए रास्ता बनाएगी।

पंचायत प्रतिनिधियों और गणमान्य लोगों ने जाहिर की खुशी

पटिलार पंचायत मुखिया के प्रतिनिधि डॉ. अभिषेक मिश्रा ने सिद्धि रानी को बधाई देते हुए कहा कि गांव की बेटी का यूनिवर्सिटी लेवल पर प्रोफेसर बनना पूरे इलाके के लिए एक ऐतिहासिक और गर्व का पल है। उन्होंने कहा कि उनकी कामयाबी ग्रामीण युवाओं को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने की कोशिश करने के लिए प्रेरित करेगी। उन्होंने उनके माता-पिता को भी बधाई दी और सिद्धि रानी के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

आने वाली पीढ़ियों का मार्गदर्शन करने में अहम भूमिका निभाएंगी सिद्धि

वहीं, शिक्षाविदों और समाजसेवियों ने कहा कि आज बेटियां हर क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। एक प्रोफेसर के तौर पर, सिद्धि रानी आने वाली पीढ़ियों का मार्गदर्शन करने में अहम भूमिका निभाएंगी।

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