हाईकोर्ट बैंच की मांग को लेकर न्यायिक कार्यो का बहिष्कार
मेवाड-वागड हाईकोर्ट बैंच संघर्ष समिति एवं बार ऐसोसिएशन उदयपुर के संयुक्त तत्वावाधान में उदयपुर में राजस्थान उच्च न्यायालय की खंडपीठ की स्थापना की मांग को लेकर न्ययायिक कार्यो का बहिष्कार किया गया। बार ऐसोसिएशन के अध्यक्ष श्री भरत कुमार जोशी डा ने बताया कि आंदोलन विगत् 30 वर्षो से चलाया जा रहा है।
मेवाड-वागड हाईकोर्ट बैंच संघर्ष समिति एवं बार ऐसोसिएशन उदयपुर के संयुक्त तत्वावाधान में उदयपुर में राजस्थान उच्च न्यायालय की खंडपीठ की स्थापना की मांग को लेकर न्ययायिक कार्यो का बहिष्कार किया गया। बार ऐसोसिएशन के अध्यक्ष श्री भरत कुमार जोशी डा ने बताया कि आंदोलन विगत् 30 वर्षो से चलाया जा रहा है।
उस आंदोलन के अनुक्रम में आज उदयपुर के अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्यो का बहिष्कार किया तथा अधिवक्ताओं के समर्थन में स्टाम्प वेंडर, टाईपिस्ट एवं केन्टीन संचालकों ने अपना व्यवसाय बंद रखा।
अधिवक्ताओं ने न्यायालय परिसर में धरना दिया तथा धरना स्थल पर सभा आयोजित की गयी जिसे मेवाड वागड संघर्ष समिति के संभागीय संयोजक रमेश नन्दवाना ने संबोधित करते हुए कहा कि एक तरफ सरकार न्याय का विकेन्द्रीकरण करते हुए ग्राम स्तर तक ग्राम न्यायालय स्थापित कर रही है वहीं दुसरी तरफ उच्च स्तर पर न्याय के विकेन्द्रीकरण के लिये कोई योजना नहीं बना रही है जो सरकार के दोहरे चरित्र का प्रमाण है।
जिला हाईकोर्ट बैंच संघर्ष समिति के महासचिव सत्येन्द्रपाल सिंह छाबडा ने बताया कि आज उदयपुर जिले के बार एसोसिएशन के प्रतिनिधियों की बैठक बुलाई गई जिसमे जिला कार्यकारिणी का गठन किया गया जिसमें संगठन मंत्री कैलाश भारद्वाज, वित सचिव राजेश उपाध्याय, मीडीया कमेटी मनीष शर्मा एवं के.के.ओझा तथा विजिलेन्स कमेटी का गठन किया गया तथा उसके संयोजक गजपाल सिंह राठौड को मनोनित किया गया एवं अन्य सदस्यों का विस्तार आगामी बैठक तक किया जायेगा। उक्त बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया कि आगामी 7 तारीख को उदयपुर जिले की सभी बार एसोसिएशन अपने-अपने स्थानों पर सुव्यवस्थित तरिके से आंदोलन चलाकर धरना देंगे ।

