BPSC क्रैक कर बनीं RDO, यूट्यूब पर उम्मीदवारों को करती है गाइड

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BPSC क्रैक कर बनीं RDO, यूट्यूब पर उम्मीदवारों को करती है गाइड

RDO Sweety Singh: बिहार के गोपालगंज की रहने वाली स्वीटी सिंह ने 70वीं BPSC परीक्षा में 1139वीं रैंक हासिल की है और वे ग्रामीण विकास अधिकारी (RDO) बनी हैं। एक साधारण पृष्ठभूमि से आने वालीं और छपरा के जय प्रकाश विश्वविद्यालय से हिंदी साहित्य की पढ़ाई करने वालीं स्वीटी ने प्रशासनिक सेवा में अपनी जगह बनाई है। अपने पिता को अपना सबसे अच्छा दोस्त मानने वालीं स्वीटी का सफर तैयारी की शुरुआत से लेकर इस मुकाम तक पहुंचने में चुनौतियों आयीं।

70वीं BPSC परीक्षा में मेरिट लिस्ट में 1139वीं रैंक हासिल की

बिहार के गोपालगंज जिले के बैकुंठपुर ब्लॉक के कटलपुर गांव की रहने वालीं स्वीटी सिंह ने 70वीं BPSC परीक्षा में सफलता हासिल की है। मेरिट लिस्ट में 1139वीं रैंक पाकर उन्होंने अपने परिवार और अपने क्षेत्र का नाम रोशन किया है। स्वीटी सिंह ने अपनी शुरुआती पढ़ाई सिवान में पूरी की और फिर छपरा के जगदम कॉलेज (जो जय प्रकाश विश्वविद्यालय से संबद्ध है) से हिंदी में स्नातक की डिग्री हासिल की। ​​हिंदी साहित्य की पढ़ाई ने उनकी सोच को एक नई दिशा दी।

यूट्यूब चैनल के जरिए अन्य उम्मीदवारों का मार्गदर्शन

स्वीटी के अनुसार, साहित्य केवल पढ़ने का विषय नहीं है, बल्कि यह समाज का सच्चा आईना है। हिंदी साहित्य के अध्ययन से उन्हें ज़मीनी हकीकतों, सामाजिक बुराइयों और मानवीय संवेदनाओं को गहराई से समझने की दृष्टि मिली। स्वीटी सिंह को घूमने-फिरने का बहुत शौक है; हाल ही में वह उत्तराखंड गई थीं। अपने इंटरव्यू के दौरान, वहाँ के पर्यटन क्षेत्र से प्रेरित होकर उन्होंने बिहार में पर्यटन स्थलों के बेहतर विकास की संभावनाओं पर बात की। स्वीटी अपने यूट्यूब चैनल के जरिए अन्य उम्मीदवारों का मार्गदर्शन भी करती हैं। 

सफलता का श्रेय परिवार को

वह अपनी इस सफलता का श्रेय अपने परिवार को देती हैं और बताती हैं कि उनके पिता उनके सबसे अच्छे दोस्त हैं एक ऐसे इंसान जिनसे वह हर स्थिति में खुलकर बात कर सकती हैं। तैयारी के दौरान आए उतार-चढ़ाव और मानसिक दबाव के बीच, उनके पिता द्वारा दिए गए भरोसे और दोस्ताना माहौल ने उन्हें आगे बढ़ते रहने की ताकत दी। 70वीं BPSC मेरिट लिस्ट में 1139वीं रैंक हासिल करके, स्वीटी सिंह ने बिहार की प्रशासनिक सेवा में अपनी जगह पक्की कर ली है। उनका चयन ग्रामीण विकास अधिकारी (BDO/RDO) के पद पर हुआ। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने जो बड़ा सपना देखा था, वह अब उन सभी युवाओं के लिए एक मिसाल बन गया है जो ग्रामीण पृष्ठभूमि से आते हैं और जीवन में कुछ बड़ा हासिल करना चाहते हैं।

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