उदयपुर सम्भाग के मार्बल की बनावें ब्रांड इमेज: सुशील शर्मा

उदयपुर चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्री द्वारा क्वालिटी काउन्सिल ऑफ इंडिया, नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में मार्बल उद्यमियों के लिये चित्रकूट नगर स्थित मार्बल भवन में जेड सर्टिफिकेशन पर सेमिनार का आयोजन किया गया। विषय विशेषज्ञ श्री सुशील शर्मा ने पावर पॉईन्ट प्रेजेन्टेशन के माध्यम से मार्बल उद्यमियों को जानकारी देते हुए बताया कि मार्बल माईनिंग एवं प्रोसेसिंग उदयपुर संभाग में सबसे बड़ा व्यवसाय है। बड़ी संख्या में यहां के एमएसएमई क्षेत्र के उद्यमी तथा स्थानीय निवासी अपनी आजीविका के लिये इस उद्योग पर निर्भर है। किन्तु कतिपय कारणों के चलते यह उद्योग विभ

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उदयपुर सम्भाग के मार्बल की बनावें ब्रांड इमेज: सुशील शर्मा

‘‘दुनिया में सबसे ज्यादा विविध प्रकार के डेकोरेटिव स्टोन्स राजस्थान में उपलब्ध है। राज्य से इनका निर्यात भी हो रहा है। इसके बावजूद दुनिया में इटैलियन मार्बल तथा अन्य देशों के डेकोरेटिव स्टोन्स की तुलना में यहां के स्टोन को कमतर माना जाता है। चीन तथा अन्य कई देश यहां से मार्बल ब्लॉक खरीदकर उसे प्रोसेस करके उंची कीमत पर अन्य देशों को निर्यात कर के फायदा उठा रहे है। मिनरल खनन एवं प्रसंस्करण से जुड़े यहां के उद्यमी भी यदि यूरोपियन व अन्य देशों की तर्ज पर आधुनिक तकनिक एवं कुशल मैनपावर का इस्तेमाल करें तो इस उद्योग का कायाकल्प हो सकता है।’’ उपरोक्त विचार श्री सुशील शर्मा ने मार्बल भवन में व्यक्त किये।

उदयपुर चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्री द्वारा क्वालिटी काउन्सिल ऑफ इंडिया, नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में मार्बल उद्यमियों के लिये चित्रकूट नगर स्थित मार्बल भवन में जेड सर्टिफिकेशन पर सेमिनार का आयोजन किया गया। विषय विशेषज्ञ श्री सुशील शर्मा ने पावर पॉईन्ट प्रेजेन्टेशन के माध्यम से मार्बल उद्यमियों को जानकारी देते हुए बताया कि मार्बल माईनिंग एवं प्रोसेसिंग उदयपुर संभाग में सबसे बड़ा व्यवसाय है। बड़ी संख्या में यहां के एमएसएमई क्षेत्र के उद्यमी तथा स्थानीय निवासी अपनी आजीविका के लिये इस उद्योग पर निर्भर है। किन्तु कतिपय कारणों के चलते यह उद्योग विभिन्न परेशानियों का सामना कर रहा है और इस उद्योग से जुडे उद्यमियों के प्रोफिट मार्जिन में लगातार कमी देखने में आ रही है। इसका एक कारण देश के घरेलू बाजार तथा अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में अन्य देशों के डेकोरेटिव स्टोन की तुलना में यहां के माल को क्वालिटी में कमतर आंका जाता है। यदि मार्बल उद्योग से जुड़े उद्यमी उदयपुर सम्भाग के मार्बल की ब्रांड इमेज बनाने का प्रयास करें तो स्थिति में सुखद बदलाव आ सकता है।

जेड सर्टिफिकेशन के माध्यम से भारत सरकार द्वारा एमएसएमई क्षेत्र के उद्यमियों को निर्यात हेतु अपने उत्पाद की ब्रांड इमेज बनाने में आर्थिक एवं तकनिकी सहायता प्रदान करती है। सेमिनार के आरंभ में उदयपुर मार्बल प्रोसेसर समिति के महासचिव श्री विजय गोधा ने सभी का स्वागत किया। उदयपुर मार्बल एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री तेजेन्द्र सिंह रॉबिन ने मार्बल उद्योग की वर्तमान स्थिति पर विचार रखे।

यूसीसीआई के अध्यक्ष श्री वी.पी. राठी ने अपने सम्बोधन में सुझाव दिया कि मार्बल मार्बल उद्यमी कलस्टर बनाकर सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाने का प्रयास करें यूसीसीआई इसमें अपनी ओर से पूर्ण सहायता प्रदान करेगी। सेमिनार के दौरान विचार रखते हुए श्री विजय गोधा ने मार्बल उद्योग में वेस्ट की मात्रा कम करने के लिये जेड स्कीम को उपयोगी बताया। प्रश्नकाल के दोरान प्रतिभागियो के प्रश्नों एवं शंकाओं का विषय विशषेज्ञ द्वारा समाधान किया गया। सेमिनार में 55 से अधिक मार्बल उद्यमियों ने भाग लिया। उद्यमियों को सेमिनार के अंत में उदयपुर मार्बल प्रोसेसर समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री प्रदीप बाबेल ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया।

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