सपनों के लिए तोड़ा ससुराल से नाता, सिंगल मदर UPSC क्रैक कर ऐसे बनीं AMO

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सपनों के लिए तोड़ा ससुराल से नाता, सिंगल मदर UPSC क्रैक कर ऐसे बनीं AMO

Udaipur Times, Success Story : कहते है की अगर मेहनत सच्ची हो तो कोई भी मूकाम हासिल किया जा सकता है। आज हम ऐसी ही महिला की कहानी के बारे में बताने जा रहे है जिन्होंने अपनि कड़ी मेहनत से वो कर दिखाया जिसे हासिल करना हर किसी के बस की बात नहीं होती है। आज हम ऐसी ही एक महिला के बारे में बात करने जा रहे है जिसने रिश्ता टूटने और सामाजिक दबाव के बावजूद अपना लक्ष्य प्राप्त कर लिया। 

इस महिला ने बच्चे की जिम्मेदारी संभालते हुए UPSC की तैयारी की और आज वह AMO हैं। आज हम बात कर रहे है राजस्थान के एक छोटे से गांव से की सुनीता जाट की। सुनीता ने हर मुश्किल का डटकर सामना किया।  Success Story 

पिता के निधन, रिश्ता टूटने, तनाव और बच्चे की जिम्मेदारी के बीच अपने सपनों को जिंदा रखा। बच्चे को गोद में लेकर तैयारी करके उन्होंने UPSC CMS परीक्षा क्रैक की। आज वह आयुर्वेदिक मेडिकल ऑफिसर (AMO) हैं। इस सक्सेस स्टोरी में जानते हैं सुनीता का हिम्मतभरा सफर, जो दूसरों को आगे बढ़ने का हौंसला देता है। Success Story

बेटी ने देखे बड़े सपने

सुनीता जाट राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के छोटे से गांव सुवाणा में पली-बढ़ीं। सुनीता ने बताया कि उन्होंने बचपन से ही कुछ बड़ा करने का सपना देखा। गांव में लड़कियों की पढ़ाई को ज्यादा महत्व नहीं दिया जाता था लेकिन सुनीता ने पढ़ाई नहीं छोड़ी। Success Story

काॅलेज में एडमिशन

12वीं पूरी करने के बाद सुनीता ने मेडिकल की तैयारी की। गांव में इसके लिए सही माहौल नहीं था, इसलिए उन्होंने कोटा जाकर पढ़ाई करने की इच्छा जताई। पिता ने बिना किसी डर के बेटी को कोचिंग के लिए भेजा। लगातार मेहनत के दम पर सुनीता ने AIPMT परीक्षा में 27 रैंक हासिल की और मेडिकल कॉलेज में दाखिला लिया। 

झेला तनाव

MBBS की पढ़ाई के दौरान परीक्षा से पहले पिता की मौत हो गई थी। इस घटना ने सुनीता को अंदर से तोड़ दिया। वे लंबे समय तक मानसिक तनाव में रहीं। इसके बावजूद उन्होंने खुद को संभाला और पढ़ाई जारी रखी। Success Story

इस दौरान उनकी शादी हो गई थी और कठिन हालातों में भी उन्होंने हार नहीं मानी और मेडिकल PG परीक्षा में शानदार रैंक हासिल कर अपनी मेहनत साबित की। शादी के बाद सुनीता को उम्मीद थी कि उनकी पढ़ाई और नौकरी में ससुराल वाले मदद करेंगे लेकिन एस नहीं हुआ। सुनीता के साथ उनके पति और ससुराल पक्ष के लोगों ने रिश्ता तोड़ दिया। इसके बाद अपने घर रहने लगीं और बच्चे की जिम्मेदारी के बीच भी अपने सपनों को जिंदा रखा। Success Story

UPSC क्रैक कर बनीं AMO

सिंगल मदर होने के साथ-साथ कोर्ट के चक्कर और पढ़ाई का दबाव संभालना आसान नहीं था। उन्होंने अपने बच्चो को गोद में संभालते हुए तैयारी की थी। इस दौरान उनकी मां का पूरा साथ मिला। Success Story लगातार मेहनत और आत्मविश्वास के दम पर सुनीता ने UPSC CMS 2025 परीक्षा में 23वीं रैंक हासिल की थी। आज वह आयुर्वेदिक मेडिकल ऑफिसर (AO) बनकर लाखों लड़कियों के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं।
 

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