देश में बुलेट ट्रेन का सबसे बड़ा विस्तार ! 7 नए रूट पर दौड़ेंगी हाई-स्पीड ट्रेनें, 20 शहर होंगे कनेक्ट
Udaipur Times, Bullet train update : मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के बाद केंद्र सरकार देश में हाई-स्पीड रेल नेटवर्क का बड़ा विस्तार करने की तैयारी में है। सरकार ने सात नए बुलेट ट्रेन कॉरिडोर प्रस्तावित किए हैं, जिनके जरिए दिल्ली समेत देश के करीब 20 प्रमुख शहरों को हाई-स्पीड रेल नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। इन परियोजनाओं पर करीब 16 लाख करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) इन परियोजनाओं के लिए सर्वे और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कर रहा है। प्रस्तावित बुलेट ट्रेनें 320 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगी, जिससे प्रमुख शहरों के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा।
दिल्ली-वाराणसी कॉरिडोर (Delhi-Varanasi Corridor) से पटना को भी मिलेगा फायदा
प्रस्तावित दिल्ली-वाराणसी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर उत्तर भारत की सबसे महत्वपूर्ण हाई-स्पीड रेल परियोजनाओं में शामिल है। इस रूट पर सराय काले खां (दिल्ली), नोएडा सेक्टर-96, जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट, मथुरा, आगरा, न्यू इटावा, कन्नौज, लखनऊ, रायबरेली, प्रयागराज, न्यू भदोही और वाराणसी में स्टेशन प्रस्तावित हैं।
यह परियोजना पूरी होने पर दिल्ली से वाराणसी का करीब 800 किलोमीटर का सफर सिर्फ 3 घंटे 50 मिनट में पूरा हो सकेगा। वहीं इस नेटवर्क के जरिए दिल्ली से पटना की करीब 1,000 किलोमीटर की दूरी महज 4 घंटे 40 मिनट में तय होने की उम्मीद है।
वाराणसी-पटना-सिलीगुड़ी कॉरिडोर (Varanasi-Patna-Siliguri Corridor)
यह हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल को आपस में जोड़ेगा। प्रस्तावित रूट पर वाराणसी, बक्सर, पटना, बेगूसराय/खगड़िया, पूर्णिया, किशनगंज और सिलीगुड़ी में स्टेशन बनाए जा सकते हैं। भविष्य में इस कॉरिडोर को गुवाहाटी तक विस्तार देने की भी योजना है। इसके शुरू होने पर वाराणसी से सिलीगुड़ी का सफर करीब 5 घंटे 55 मिनट में पूरा हो सकेगा।
मुंबई-पुणे बुलेट ट्रेन कॉरिडोर (Mumbai-Pune Bullet Train Corridor)
यह सात प्रस्तावित कॉरिडोर में सबसे छोटा हाई-स्पीड रेल रूट होगा। प्रस्तावित स्टेशनों में मुंबई (बीकेसी/ठाणे), नवी मुंबई, लोनावला, खालापुर और पुणे शामिल हैं। इस कॉरिडोर के शुरू होने के बाद मुंबई से पुणे की यात्रा सिर्फ 48 मिनट में पूरी की जा सकेगी।
पुणे-हैदराबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर (Pune-Hyderabad Bullet Train Corridor)
यह कॉरिडोर महाराष्ट्र और तेलंगाना के दो बड़े आईटी और औद्योगिक शहरों को जोड़ेगा। प्रस्तावित रूट पुणे, दौंड, अकलूज, पंढरपुर, सोलापुर, कलबुर्गी, जहीराबाद और हैदराबाद (सिकंदराबाद) से होकर गुजरेगा। करीब 600 किलोमीटर की दूरी बुलेट ट्रेन से लगभग 2 घंटे में पूरी होने की संभावना है।
बेंगलुरु-चेन्नई बुलेट ट्रेन कॉरिडोर (Bengaluru-Chennai Bullet Train Corridor)
दक्षिण भारत के दो प्रमुख औद्योगिक और आईटी शहरों को जोड़ने वाला यह कॉरिडोर चेन्नई सेंट्रल, पूनामल्ली, अरक्कोनम, चित्तूर, बांगरपेट, व्हाइटफील्ड और बयप्पनहल्ली से होकर गुजरेगा। 358 किलोमीटर का सफर बुलेट ट्रेन से सिर्फ 1 घंटा 13 मिनट में पूरा किया जा सकेगा।
बेंगलुरु-हैदराबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर (Bengaluru-Hyderabad Bullet Train Corridor)
यह हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर कर्नाटक और तेलंगाना के बीच तेज कनेक्टिविटी उपलब्ध कराएगा। प्रस्तावित स्टेशनों में केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, तुमकुरु, सिरा, चित्रदुर्ग, बेल्लारी, अदोनी, रायचूर, महबूबनगर, शादनगर और हैदराबाद एयरपोर्ट (शमशाबाद) शामिल हैं। इस रूट पर 716 किलोमीटर की दूरी करीब 2 घंटे 35 मिनट में तय होगी।
चेन्नई-हैदराबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर (Chennai-Hyderabad Bullet Train Corridor)
यह कॉरिडोर तमिलनाडु और तेलंगाना की राजधानियों को जोड़ेगा। प्रस्तावित रूट चेन्नई, तिरुवल्लूर, तिरुपति, नेल्लोर, ओंगोल, गुंटूर, विजयवाड़ा-अमरावती, खम्मम, सूर्यापेट, नलगोंडा और हैदराबाद तक जाएगा। इस हाई-स्पीड रेल सेवा के शुरू होने पर चेन्नई से हैदराबाद का सफर करीब 2 घंटे 55 मिनट में पूरा किया जा सकेगा।
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन (Mumbai-Ahmedabad Bullet Train) पर भी तेजी से काम
देश की पहली मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना पर निर्माण कार्य तेजी से जारी है। परियोजना का पहला सेक्शन 2027 में शुरू होने की संभावना है, जबकि पूरे कॉरिडोर को 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
20 शहरों को मिलेगी हाई-स्पीड कनेक्टिविटी (High-speed connectivity)
यदि प्रस्तावित सभी सात बुलेट ट्रेन कॉरिडोर को मंजूरी मिलती है, तो देश में करीब 4,000 किलोमीटर लंबा हाई-स्पीड रेल नेटवर्क तैयार होगा। इससे दिल्ली, नोएडा, लखनऊ, वाराणसी, पटना, सिलीगुड़ी, पुणे, हैदराबाद, बेंगलुरु और चेन्नई समेत लगभग 20 बड़े शहरों के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा। साथ ही व्यापार, उद्योग, पर्यटन और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को भी बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
