हरियाणा में फैक्ट्रियों, रेस्तरां-ढाबों पर चलेगा अभियान, अधिकारियों को ये निर्देश जारी
Udaipur Times, Haryana News, रोहतक : जिले को पूर्ण रूप से बाल श्रम मुक्त बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन अब जीरो टॉलरेंस (शून्य सहनशीलता) नीति के तहत कार्य करेगा। इस संबंध में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता अतिरिक्त उपायुक्त रोहतक श्री नरेंद्र कुमार एवं राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) के वरिष्ठ अधिकारी श्री के.पी. जे. जेरल्ड ने की, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
अतिरिक्त उपायुक्त नरेंद्र कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में बाल श्रम के मामलों के प्रति किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों से किसी भी प्रकार का कार्य कराना संज्ञेय अपराध है तथा ऐसे मामलों की जानकारी मिलते ही संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध तत्काल एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बैठक में जिले में बाल श्रम की रोकथाम, बचाव एवं पुनर्वास कार्यों की समीक्षा की गई। अतिरिक्त उपायुक्त ने सभी विभागों एवं जिला बाल कल्याण समिति को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रशासन के प्रयास केवल बच्चों को बाल श्रम से मुक्त कराने तक सीमित न रहें, बल्कि उनके प्रभावी पुनर्वास एवं शिक्षा से जोड़ने की दिशा में भी गंभीरता से कार्य किया जाए। साथ ही राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) की वेबसाइट पर सभी आवश्यक सूचनाएं समय पर अपलोड करने के निर्देश भी दिए गए।
बाल कल्याण समिति की पीठासीन अधिकारी सतीश कौशिक ने अधिकारियों को बेहतर कार्य एवं पुनर्वास का आश्वासन दिया। बैठक के दौरान जिले में चल रहे प्रयासों एवं सामने आ रही चुनौतियों पर भी विस्तार से चर्चा की गई तथा उनके समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
बैठक में सार्वजनिक स्थानों, फैक्ट्रियों, रेस्तरां, ढाबों तथा अन्य प्रतिष्ठानों पर बाल श्रम रोकने के लिए नियमित निरीक्षण एवं विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
एनसीपीसीआर के वरिष्ठ अधिकारी श्री के.पी. जे. जेरल्ड ने बाल श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) कानून के प्रावधानों की जानकारी देते हुए कहा कि 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों से कार्य कराना दंडनीय अपराध है। वहीं 14 से 18 वर्ष आयु के किशोरों को किसी भी खतरनाक व्यवसाय या प्रक्रिया में कार्य पर लगाना पूर्णतः प्रतिबंधित है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों से कानून का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
