प्रशासन गाँव के संग अभियान 10 जनवरी से
राज्य सरकार द्वारा किसानों एवं गरीब ग्रामीण क्षेत्रा की जनता की समस्याओं का मौके पर ही समाधान कर राहत प्रदान करने के उद्देश्य से 10 जनवरी से 28 फरवरी तक प्रशासन गाँव के संग अभियान चलाया जाएगा। अभियान की तैयारियों के सम्बन्ध में राजस्व विभाग की प्रमुख शासन सचिव ने आज वीडियों कान्फ्रेन्सिंग कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
राज्य सरकार द्वारा किसानों एवं गरीब ग्रामीण क्षेत्रा की जनता की समस्याओं का मौके पर ही समाधान कर राहत प्रदान करने के उद्देश्य से 10 जनवरी से 28 फरवरी तक प्रशासन गाँव के संग अभियान चलाया जाएगा। अभियान की तैयारियों के सम्बन्ध में राजस्व विभाग की प्रमुख शासन सचिव ने आज वीडियों कान्फ्रेन्सिंग कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
वीडियों कान्फ्रेसिंग में संभागीय आयुक्त डॉ. सुबोध अग्रवाल ने संभाग में आयोजित होने वाले प्रशासन गांवों के संग वन भूमि पर काबिज लोगों को वन अधिकार के तहत पट्टे आवंटन के सम्बन्ध में संशोधित अधिनियम की जानकारी दी।
अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) बी.आर.भाटी ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार जिले में भी प्रशासन शहरों के संग अभियान के तहत 10 जनवरी से 28 फरवरी तक प्रत्येक ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर शिविरों का आयोजन किया जाएगा और प्रत्येक ग्राम पंचायत मुख्यालय पर शिविर आयोजित किये जाएंगे। शिविर के प्रथम दिन 10 जनवरी से गिर्वा पंचायत समिति के कोट, बडगांव के थूर, गोगुन्दा के पड़ावली कलां, झाड़ोल के डैया व अम्बासा, कोटड़ा के बड़ली, सलूम्बर के इसरवास, सराड़ा के देवपुरा, खेरवाड़ा के सुबेरी, मावली के बांसलिया व जवाणा, वल्लभनगर के धमानिया एवं भीण्डर के अमरपूरा खास में शिविर आयोजित होगा।
जानकारी में यह भी बताया कि अभियान के दौरान 21 महत्वपूर्ण विभागों द्वारा उनके विभाग से सम्बन्धित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत पात्र व्यक्तियों को लाभान्वित करने के उद्देश्य से प्रत्येक ग्राम पंचायतों में शिविरों का आयोजन किया जाएगा। शिविरों में अधिकाधिक लोगों को मौके पर ही योजनाओं से लाभान्वित एवं प्रभावी पर्यवेक्षण के लिए भारतीय प्रशासनिक सेवा, राजस्थान प्रशासनिक सेवा तथा अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों की नियुक्ति की गई है।
भाटी ने बताया कि शिविर के दौरान राजस्व विभाग द्वारा नामान्त्रारण खोलना, खातेदारी अधिकार, राजकीय भूमि का आवंटन, आबादी विस्तार के लिए राजकीय भूमि का आवंटन, राजकीय भवनों के लिए भूमि का आरक्षण एवं आवंटन, अनुसूचित जाति एवं जनजाति के किसानों के अतिक्रमणों का निस्तारण, नये घोषित नये घोषित स्वास्थ्य केन्द्रों के लिए भूमि का आरक्षण आदि कार्य किये जाएंगे।