प्रशासन गांवों के संग अभियान ने नि:शक्त रामुडी के जीवन में जगाई नई आस
राज्य सरकार द्वारा ग्रामीणों की समस्याओं के तत्काल निराकरण के लिए चलाए जा रहे प्रशासन गांवों के संग अभियान में 63 वर्षीय विधवा रामुडी मेघवाल के जीवन में नई आस लेकर आया जब अभियान के तहत आयोजित शिविर में उसे रोडवेज एवं बस पास के साथ ही अन्य योजनाओं में हाथों हाथ स्वीकृति पत्र मिले।

राज्य सरकार द्वारा ग्रामीणों की समस्याओं के तत्काल निराकरण के लिए चलाए जा रहे प्रशासन गांवों के संग अभियान में 63 वर्षीय विधवा रामुडी मेघवाल के जीवन में नई आस लेकर आया जब अभियान के तहत आयोजित शिविर में उसे रोडवेज एवं बस पास के साथ ही अन्य योजनाओं में हाथों हाथ स्वीकृति पत्र मिले।
प्रशासन गांवों के संग अभियान के तहत जिले की वल्लभनगर उपखण्ड क्षेत्र के करणपुर में लगे शिविर में जब बीपीएल कार्डधारी दोनों पैरों से विकलांग रामुडी मेघवाल राज से और अन्य सुविधा प्राप्त करने की आस में दो किलोमीटर दूर से शिविर स्थल पहुंची। शिविर प्रभारी एवं उपखण्ड अधिकारी सी.डी. चारण ने जब महिला की स्थिति देखी और बातचीत करने पर उसने बताया कि उसके पति का देहावसान हो गया है एवं एक पुत्र एवं तीन पुत्रियों की परवरिश करना उसके लिए भारी पड रहा है।
उसने बताया कि जब उसे शिविर की जानकारी मिली तो और सरकारी सहायता की उम्मीद लेकर वह शिविर में पहुंची।
उपखण्ड अधिकारी ने विस्तारपूर्वक जानकारी लेने के बाद उपस्थित चिकित्साधिकारी को शारीरिक जांच करने निर्देश दिये और तत्काल चिकित्सक ने बताया के वह 80 प्रतिशत विकलांग है और इस पर उसे तत्काल विधवा एवं विकलांग पेंशन स्वीकृति करने के आदेश जारी किए गए।
नि:शक्त महिला को राजस्थान रोडवेज एवं रेल में नि:शुल्क यात्रा के प्रार्थना पत्र एवं ट्राइसाइकल देने के आवेदन पत्र भी तैयार करवाया गया।
रामुडी राज्य सरकार की ढेर सारी सुविधाओं के स्वीकृति पत्र कुछ ही घण्टों में प्राप्त करने पर उसने उपखण्ड अधिकारी सहित राज्य सरकार को ढेरों दुआएं देते हुए कहा कि उसे इस शिविर में आने के बाद उम्मीद से कई गुना ज्यादा सुविधाएं मिली है।
उसने कहा कि प्राप्त सुविधाओं से अब उसका बकाया जीवन न तो किसी के लिए बोझ रहेगा और न ही उसे अभाव में जीना होगा।
