क्या माँ अपनी सारी पैतृक संपत्ति एक बेटे को दान कर सकती है या नहीं? जाने नए नियम

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क्या माँ अपनी सारी पैतृक संपत्ति एक बेटे को दान कर सकती है या नहीं? जाने नए नियम 

Udaipur Times, Property Rule : आज हम आपके लिए प्रॉपर्टी से जुड़ी जरूरी जानकारी लेकर आए है। क्या माँ अपनी पैट्रिक संपत्ति को किसी एक बेटे या बेटी को दे सकती है, जैसा की आप जानते हैं पिता किसी भी पैतृक संपत्ति को अपने बेटे या बेटियों को किसी एक को नहीं दे सकते क्योंकि उसे पैतृक संपत्ति में उनके सारे परिवार का शेयर होता है, उनके बाल बच्चे का हिसा है उनकी पत्नी का भी शेयर है। इस प्रकार कोई भी पिता पैतृक संपत्ति को किसी एक बेटे को दान नहीं कर सकता है लेकिन मैं उसे वसीयत कर सकता है। 

महिलाओं में यह कानून थोड़ा उलट है 1937 के अंदर में कानून बना था bimans प्रॉपर्टी एक्ट इसकी धारा 3 के अनुसार महिलाओं को जो भी संपत्ति मिलती थी उसे पर उनका अधिकार समिति था यानी उन्हें विरासत से संपत्ति मिले पैतृक संपत्ति मिले या किसी तरह की कोई संपत्ति मिलती थी उसे उनका जीवन यापन करने का अधिकार था लेकिन किसी को दे सकती थी लेकिन जब हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम 1956 में बना तो हिंदुओं उत्तराधिकार अधिनियम की धारा 14 और 15 के अनुसार महिलाओं को जो संपत्ति जिस रूप से मिले उसकी वो निरपेक्ष मालकिन हो जाती है। Property Rule

 जैसे महिला को विरासत में संपत्ति मिली महिला को विरासत कहां-कहां से मिल सकता है पति के मृत्यु हो जाने के बाद पति की संपत्ति में हिस्सा सास ससुर के पैतृक संपत्ति में हिस्सा उन लोगों की मृत्यु के बाद जब तक सास ससुर जिंदा है उसे समय तक कोई हिस्सा किसी को नहीं मिलेगा या महिलाएं अपने माता-पिता के संपत्ति में उनका जो शेयर है उनका जो हिस्सा है इस प्रकार से इन सारे हसन को जो हिस्सा उसे महिला के नाम पर आ गया उसकी वह  मालकिन हो जाती थी वो चाहे तो महिला अगर चाहे तो उसे विरासत की मिली हुई संपत्ति को किसी को दे सकती है किसी को वसीयत कर सकती है या किसी को बेच भी सकती है , जबकि पुरुषों में ऐसा अधिकार नहीं है पिता अपने सारे प्रतीक संपत्ति को किसी एक पुत्र को नहीं दे सकता लेकिन महिला अपने सारे पुत्री हम दे सकती है। Property Rule

उसके बाद महिलाओं का विशेष अधिकार आया 2005 में हिंदू सक्सेशन अमेंडमेंट एक्ट 2005 जो है इसके द्वारा मैं ये कमेंटमेंट किया गया इसके अंतर्गत में धारा सिक्स जो है उसमें कमिटमेंट करके प्रावधान जोड़ा गया या पुत्री को भी पुत्र के समान अपने पिता की पैतृक की संपत्ति में हिस्सा मिलेगा 2005 के पहले सरवाइवरशिप के अंदर में बेटियों को थोड़ा सा मेंटेनेंस का अधिकार था लेकिन उनको हिस्से का अधिकार नहीं था 2005 में पार्लियामेंट ने ये कानून पास किया है अमेंडमेंट के द्वारा और उसमें बेटी को बेटा के बराबर को पाराशर मारा तो अब बेटियों को विशेष अधिकार हो गया और जो भी संपत्ति उनको विरासत से मिली है Property Rule इस समय या जो संपत्ति पिता के ही सबसे मिली या जो संपति पति के परिवार से मिली उन सारे संपत्तियों की वो निरपेक्ष मालकिन है वह चाहे तो किसी को भेज सकती है और दे सकती है किसी के नाम पर वसीयत कर सकती है तो धन्यवाद आप समझ गए होंगे की महिला को पैतृक संपत्ति जब कोई मिलती है या विरासत से कोई भी संपत्ति मिलती है तो उसे पर उसके क्या अधिकार है महिला और पुरुष के अधिकार भिन्न-भिन्न है।

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