क्या प्रॉपर्टी में आ सकता है बूम ? 5 साल में 10 गुना बढ़ सकती है जमीन की कीमत, जानें निवेश करना सही या गलत
Udaipur Times, New Delhi : प्रॉपर्टी मार्केट में निवेश को लंबे समय से लोग कमाई के विकल्प के तौर पर देखते आए हैं। खासकर ऐसे इलाकों में जहां भविष्य में सड़क, आवासीय कॉलोनी या कोई बड़ा सरकारी अथवा निजी प्रोजेक्ट आने की संभावना हो, वहां जमीन और प्लॉट की कीमतों में तेजी देखने को मिल सकती है। हालांकि, प्रॉपर्टी में निवेश में मुनाफे की कोई गारंटी नहीं होती और रिटर्न पूरी तरह लोकेशन, मांग, विकास कार्य और बाजार की स्थिति पर निर्भर करता है। सागर में प्रॉपर्टी डीलिंग से जुड़े महेंद्र सेन के मुताबिक, किसी भी कारोबार में निवेश करने पर मुनाफा निश्चित नहीं होता। कई बार कारोबार उम्मीद के मुताबिक नहीं चल पाता और निवेशक को नुकसान भी उठाना पड़ता है। वहीं, उनका कहना है कि सही लोकेशन पर प्रॉपर्टी में निवेश करने से लंबे समय में अच्छा रिटर्न मिल सकता है।
क्या प्रॉपर्टी मार्केट में आने वाला है बूम?
महेंद्र सेन के अनुसार, फिलहाल प्रॉपर्टी बाजार कुछ क्षेत्रों में धीमा नजर आ रहा है, लेकिन आने वाले वर्षों में विकास कार्य बढ़ने के साथ जमीन की कीमतों में तेजी देखने को मिल सकती है। उनका अनुमान है कि 2028 के बाद कुछ इलाकों में प्रॉपर्टी के दाम तेजी से बढ़ सकते हैं। हालांकि, किसी भी जमीन या प्लॉट में निवेश करने से पहले उसकी लोकेशन, सरकारी रिकॉर्ड, जमीन का स्वामित्व, सड़क की स्थिति और भविष्य में प्रस्तावित विकास योजनाओं की जानकारी जांचना जरूरी है।
किन जगहों पर बढ़ सकती है जमीन की कीमत?
प्रॉपर्टी कारोबार से जुड़े लोगों का मानना है कि जिन इलाकों में भविष्य में नई सड़क, आवासीय परियोजना, सरकारी संस्थान, औद्योगिक गतिविधि या अन्य बड़ा विकास होने की संभावना होती है, वहां जमीन की मांग बढ़ सकती है। ऐसी स्थिति में शुरुआती दौर में खरीदी गई जमीन की कीमत में आगे चलकर बढ़ोतरी हो सकती है। इसी वजह से कुछ निवेशक शहर से लगे उन क्षेत्रों को तलाशते हैं जहां मौजूदा समय में जमीन के रेट अपेक्षाकृत कम हैं, लेकिन भविष्य में विकास की संभावना दिखाई देती है।
चितौरा गांव का दिया उदाहरण
महेंद्र सेन ने चितौरा गांव के आसपास की जमीन का उदाहरण देते हुए बताया कि कुछ साल पहले यहां जमीन के दाम करीब 10 लाख रुपये प्रति एकड़ के आसपास बताए जाते थे। बाद में सागर सेंट्रल जेल के लिए जमीन आरक्षित किए जाने और नई बिल्डिंग के प्रस्ताव की चर्चा के बाद इस क्षेत्र में जमीन के दामों में काफी अंतर देखने को मिला। उनके अनुसार, कुछ जमीनों की कीमत अब करीब एक करोड़ रुपये प्रति एकड़ तक बताई जा रही है। यानी यदि शुरुआती कीमत और मौजूदा कीमत की तुलना की जाए तो इसमें कई गुना वृद्धि दिखाई देती है।
क्या 5 साल में 10 गुना हो सकता है पैसा?
प्रॉपर्टी बाजार से जुड़े जानकारों के अनुसार, कुछ चुनिंदा लोकेशन में जमीन की कीमत कई गुना बढ़ सकती है। इसी आधार पर महेंद्र सेन का दावा है कि अगर किसी ऐसी जगह पर शुरुआती दौर में निवेश किया जाए जहां भविष्य में बड़ा विकास होने की संभावना हो, तो करीब पांच साल में जमीन की कीमत 10 गुना तक बढ़ने की संभावना हो सकती है।
हालांकि, यह केवल एक अनुमान या बाजार से जुड़े व्यक्ति का दावा है। हर प्रॉपर्टी की कीमत 5 साल में 10 गुना हो जाए, ऐसा जरूरी नहीं है। कई जगहों पर कीमतें लंबे समय तक स्थिर रह सकती हैं और कुछ मामलों में निवेश पर नुकसान भी हो सकता है। लेकिन प्रॉपर्टी में पैसा लगाने से पहले सिर्फ संभावित कीमत बढ़ने की उम्मीद पर फैसला नहीं लेना चाहिए। जमीन के दस्तावेज, मालिकाना हक, सरकारी रिकॉर्ड, रास्ता, जमीन का उपयोग, स्थानीय विकास योजना और आसपास के प्रोजेक्ट की वास्तविक स्थिति की जांच करना जरूरी है। इसलिए प्रॉपर्टी में निवेश को लेकर सबसे अहम बात यह है कि सही लोकेशन और सही दस्तावेजों की जांच के बाद ही फैसला लिया जाए।