बारिश के मौसम में भी आपका फर्नीचर हो सकता है खराब ? नमी, फंगस और दीमक से बचाने के लिए अपनाएं ये आसान टिप्स

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बारिश के मौसम में भी आपका फर्नीचर हो सकता है खराब ? नमी, फंगस और दीमक से बचाने के लिए अपनाएं ये आसान टिप्स

Udaipur Times, Wooden Furniture Monsoon : बारिश का मौसम शुरू होते ही घर में रखी लकड़ी की अलमारी, बेड, डाइनिंग टेबल, सोफा और दराज पर नमी का असर दिखने लगता है। अगर अलमारी ठीक से बंद नहीं हो रही, दराज चिपकने लगे हैं या फर्नीचर से सीलन जैसी गंध आने लगी है, तो समझ जाइए कि लकड़ी में नमी घुस चुकी है। समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो फर्नीचर की चमक फीकी पड़ सकती है, लकड़ी कमजोर हो सकती है और उसकी उम्र भी कम हो सकती है।

कैसे खराब होता है लकड़ी का फर्नीचर?

बारिश के दौरान हवा में नमी (Humidity) बढ़ जाती है। लकड़ी इस नमी को तेजी से सोख लेती है, जिससे वह फूलने, टेढ़ी होने या कमजोर पड़ने लगती है। लंबे समय तक नमी रहने से लकड़ी में फंगस और दीमक लगने का खतरा भी बढ़ जाता है। इसके अलावा पॉलिश उतरने लगती है और फर्नीचर की चमक फीकी पड़ जाती है।

नमी आने के शुरुआती संकेत

अगर आपके फर्नीचर में ये बदलाव दिख रहे हैं, तो तुरंत सावधान हो जाएं—

अलमारी या दराज का चिपकना या ठीक से बंद न होना।

फर्नीचर से सीलन या बदबू आना।

लकड़ी का फूलना या टेढ़ा होना।

पॉलिश का उतरना या रंग फीका पड़ना।

जोड़ (Joint) ढीले होना।

फंगस या काले-सफेद धब्बे दिखाई देना।

मानसून से पहले करें ये तैयारी

बारिश शुरू होने से पहले फर्नीचर की अच्छी तरह सफाई करें। अगर कहीं पॉलिश उखड़ रही है या दरार दिख रही है तो उसे तुरंत ठीक कराएं। बेहतर होगा कि फर्नीचर पर वाटरप्रूफ पॉलिश या वैक्स कोटिंग करवा लें, ताकि नमी सीधे लकड़ी के अंदर न जा सके।

फर्नीचर को दीवार से सटाकर न रखें

लकड़ी के फर्नीचर को दीवार से कुछ इंच दूर रखें ताकि हवा का आवागमन बना रहे और नमी जमा न हो। कमरे में पर्याप्त वेंटिलेशन रखें। जरूरत पड़े तो डीह्यूमिडिफायर या सिलिका जेल का इस्तेमाल करें।

लकड़ी के फर्नीचर की सफाई कैसे करें?

फर्नीचर को हमेशा सूखे या हल्के गीले माइक्रोफाइबर कपड़े से साफ करें। बहुत ज्यादा गीले कपड़े का इस्तेमाल करने से लकड़ी में नमी जा सकती है। सप्ताह में दो-तीन बार धूल साफ करें और तेज केमिकल या डिटर्जेंट का इस्तेमाल करने से बचें।

फंगस और दीमक से ऐसे बचाएं

अगर फर्नीचर पर फंगस दिखाई दे तो उसे तुरंत साफ करें। दीमक से बचाव के लिए समय-समय पर एंटी-टर्माइट ट्रीटमेंट कराएं। फर्नीचर के कोनों और दरारों की नियमित जांच करें। नीम के तेल का इस्तेमाल भी दीमक से बचाने में मददगार हो सकता है।

धूप दिखाना फायदेमंद है, लेकिन...

हल्की धूप में कुछ समय के लिए फर्नीचर रखना नमी कम करने में मदद करता है, लेकिन तेज धूप में लंबे समय तक रखने से लकड़ी में दरारें पड़ सकती हैं, रंग फीका हो सकता है और पॉलिश खराब हो सकती है।

प्लास्टिक कवर लगाने से बचें

बारिश के मौसम में फर्नीचर को पूरी तरह प्लास्टिक से ढककर न रखें। इससे अंदर नमी फंस जाती है और फंगस लगने का खतरा बढ़ जाता है। इसकी जगह कॉटन या सांस लेने वाले (Breathable) फैब्रिक कवर का इस्तेमाल करें।

कौन-सी लकड़ी सबसे जल्दी खराब होती है?

प्लाईवुड, पार्टिकल बोर्ड और कम गुणवत्ता वाली सॉफ्टवुड बारिश में जल्दी खराब हो सकती हैं क्योंकि ये पानी और नमी तेजी से सोखती हैं। वहीं सागौन (Teak) और शीशम जैसी मजबूत लकड़ियां मानसून में अपेक्षाकृत ज्यादा टिकाऊ मानी जाती हैं।

कब लें एक्सपर्ट की मदद?

अगर फंगस बार-बार लौट रही हो, लकड़ी फूलने लगी हो, दीमक के निशान दिखें, पॉलिश लगातार खराब हो रही हो या फर्नीचर कमजोर महसूस होने लगे, तो खुद मरम्मत करने के बजाय किसी विशेषज्ञ की मदद लेना बेहतर रहेगा। इससे नुकसान बढ़ने से पहले फर्नीचर को सुरक्षित रखा जा सकता है।

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