कैंसर व हृदय शल्य चिकित्सकों ने मिल कर किया एक दुर्लभ ऑपरेशन को अंजाम

गीतांजली हॉस्पिटल में एड्रीनल ग्लान्ड अर्थात् अधिवृक्क ग्रंथी के कैंसर का सफलतापूर्वक ऑपरेशन हुआ। इस ऑपरेशन में कैंसर सर्जन डॉ सुभभ्रत दास, कार्डियक सर्जन डॉ संजय गाँधी व निश्चेतना विशेषज्ञ डॉ अंकुर गाधी शामिल थे जिन्होंने इस अत्यंत गंभीर एवं जटिल ऑपरेशन को अंजाम दिया।

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कैंसर व हृदय शल्य चिकित्सकों ने मिल कर किया एक दुर्लभ ऑपरेशन को अंजाम

गीतांजली हॉस्पिटल में एड्रीनल ग्लान्ड अर्थात् अधिवृक्क ग्रंथी के कैंसर का सफलतापूर्वक ऑपरेशन हुआ। इस ऑपरेशन में कैंसर सर्जन डॉ सुभभ्रत दास, कार्डियक सर्जन डॉ संजय गाँधी व निश्चेतना विशेषज्ञ डॉ अंकुर गाधी शामिल थे जिन्होंने इस अत्यंत गंभीर एवं जटिल ऑपरेशन को अंजाम दिया।

डॉ दास ने बताया कि रोगी के एड्रीनल ग्लान्ड में कैंसर की गांठ है जोे खून की बड़ी धमनी (आईवीसी -इन्फीरीयर विनेकावा) में फैल गई थी। इसके उपचार के लिए गीतांजली हॉस्पिटल के कैंसर सर्जन व कार्डियक सर्जन का दल बैठा जिसमें योजनाबद्व तरीके से इस अत्यन्त जटिल बीमारी का सफलतापूर्वक ऑपरेशन किया जाना तय हुआ।

8 घंटे चले इस ऑपरेशन के दौरान जहाँ हृदय शल्य चिकित्सकों के दल ने हृदय का बायपास किया तथा आईवीसी रिपेयर किया वहीं कैंसर सर्जनों की टीम ने तय समय सीमा कैंसर की संपूर्ण गांठ को बाहर निकाल दिया। अब मरीज स्वस्थ और खुश है। उन्होंने बताया कि यह एक अनूठा केस है जो कैंसर के सभी प्रकारों में केवल 0.02 प्रतिशत लोगों को ही होता है। इसका इलाज सही समय पर और सफल इसलिए हो पाया क्योंकि दोनों विभागों के चिकित्सक गीतांजली में एक साथ उपलब्ध थे।

एड्रीनल ग्लान्ड कैंसर क्या है? जब एड्रीनल ग्लान्ड में कुछ असामान्य सेल्स बन जाए तब एड्रीनल कैंसर होता है। शरीर में दो एड्रीनल ग्लान्ड होती है। हर ग्लान्ड एक एक किडनी के ऊपर होती है। एड्रीनल कैंसर की गांठ सामान्यतः ग्लान्ड्स की बाहरी परत (एंड्रीनल कोर्टेक्स) पर होता है।

रोगी ने बताया कि वह 2 महिने से पेट दर्द, खाना न खा पाना, उच्च रक्तचाप, वजन में कमी एवं बुखार जैसी परेशानियां लेकर हॉंिस्पटल आए थे जहां उनका सफल उपचार हुआ और अब वे स्वस्थ है।

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